महिला सशक्तीकरण और महिलाओं के खिलाफ अपराध हैं पंडालों की थीम

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कोलकाता : कल से चार दिन तक चलने वाले दुर्गा पूजा के समाराहों में पंडालों की मुख्य थीम इस साल महिला सशक्तीकरण और महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराध हैं.कई पूजा समितियों ने कन्या भ्रूण हत्या और बाल विवाह को भी थीम के तौर पर लिया है. अपने 68वें वर्ष में प्रवेश करने वाले चक्रबेरिया […]

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कोलकाता : कल से चार दिन तक चलने वाले दुर्गा पूजा के समाराहों में पंडालों की मुख्य थीम इस साल महिला सशक्तीकरण और महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराध हैं.कई पूजा समितियों ने कन्या भ्रूण हत्या और बाल विवाह को भी थीम के तौर पर लिया है.

अपने 68वें वर्ष में प्रवेश करने वाले चक्रबेरिया सबरेजनिन दुर्गोत्सव ने ‘नारी शक्ति’ का जश्न मनाते हुए ‘एज ए वूमन आई एम स्ट्रांग, आई विल नेवर बो माई हेड टू एनी रांग’ यानि :महिला होने के नाते मैं मजबूत हूं, मैं कभी किसी गलत बात के लिए सिर नहीं झुकाउंगी: को बनाया है. पूजा समिति के एक सदस्य ने कह, ‘‘हर महिला में शक्ति और आंतरिक मजबूती होती है लेकिन उसे समाज, घर, कार्यालय या अन्य किसी जगह मौजूद बुराई से लड़ने के लिए इच्छाशक्ति की जरुरत पड़ती है.’’

कुमारतुली पार्क पंडाल ने 12 ज्योर्तिलिंगों का निर्माण किया है. पूजा के एक आयोजक ने कहा, ‘‘ज्योर्तिलिंगों को शक्ति का स्नेत माना जाता है. वे महिलाओं की ताकत को प्रदर्शित करते हैं क्योंकि मां दुर्गा हर महिला में निवास करती हैं.’’उत्तर में दमदम पार्क तरुण ताल में ‘मां’ को थीम के तौर पर अपनाया गया है. पॉश सॉल्ट लेक इलाके के कुछ पंडालों में बलात्कारियों को राक्षस महिषासुर के रुप में दिखाया गया है.

एक आयोजक ने कहा, ‘‘हम दिखाना चाहते थे कि बुरी शक्तियां या राक्षस आज के दौर में महिलाओं का कष्ट पहुंचाने के लिए बलात्कारियों के रुप में लौटकर आए हैं. लेकिन मां दुर्गा इस नए युग के महिषासुरों का दमन करेंगी.’’ उन्होंने कहा कि दुर्गा आज की नारी का प्रतीक है, जिसके पास ताकत और अधिकार दोनों हैं.

नॉर्थ 24 परगना में बिराती इलाके की एक पूजा समिति ने कन्या भ्रूण हत्या को अपनी थीम बनाया है.एक आयोजक ने कहा, ‘‘इस थीम का उद्देश्य कन्या भ्रूण हत्या के खिलाफ सामाजिक जागरुकता लाना है. यह विडंबना ही है कि एक ओर हम मां दुर्गा के रुप में महिलाओं की पूजा करते हैं और दूसरी ओर हम कन्या भ्रूण हत्या करते हैं क्योंकि हम बेटी नहीं चाहते.’’नॉर्थ 24 परगनाज के बोनगांव इलाके में एक अन्य पूजा में बाल विवाह की बुराईयों को उठाया गया है.

पश्चिम बंगाल महिला आयोग की अध्यक्षा सुनंदा मुखर्जी ने महिलाओं से जुड़े विभिन्न मसले उठाए जाने का स्वागत किया और उन्हें ऐसा लगा कि इससे महिलाओं के खिलाफ होने वाली हिंसा के प्रति जागरुकता फैलाने में मदद मिलेगी.

मुखर्जी ने कहा, ‘‘हम उम्मीद करते हैं कि इन मुद्दों को पूजा की थीम बनाकर उठाने से सामाजिक जागरुकता फैलाने में मदद मिलेगी.’’

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