कोलकाता: लोकसभा चुनाव से पहले राज्य सरकार ने युवाओं, छात्राओं व बेरोजगारों को लुभाने की कवायद शुरू कर दी है. राज्य सरकार अक्तूबर के पहले सप्ताह में छात्राओं के लिए घोषित कन्याश्री व बेरोजगार को भत्ता देने की योजना को अमलीजामा पहनायेगी. हालांकि इससे कर्ज के बोझ से दबी राज्य सरकार के कोष पर वार्षिक रूप से लगभग 1,200 करोड़ रुपये का भार पड़ेगा.
छात्राओं को छात्रवृत्ति
इन योजनाओं के तहत अगले सप्ताह कन्याश्री परियोजना का क्रियान्वयन शुरू हो जायेगा. इसके तहत 13 से 18 वर्ष की उम्र की कक्षा आठवीं से 12वीं की छात्राओं को 500-500 रुपये वार्षिक छात्रवृत्ति दी जायेगी.
इसके लिए शर्त है कि छात्र अविवाहित हो व पारिवारिक आय वार्षिक 1.20 लाख हो. हालांकि आय की सीमा अनाथ व शारीरिक रूप से विकलांग छात्राओं पर लागू नहीं होगी. यदि छात्र 18 वर्ष की उम्र तक पढ़ाई जारी रखती है, तो 18 वर्ष के बाद अविवाहित रहने पर उसके बैंक एकाउंट में 25 हजार रुपये जमा किये जायेंगे. यह परियोजना एक अक्तूबर से शुरू होगी.
इस योजना के तहत पहले चरण में 10 हजार छात्राओं को यह राशि दी जायेगी. सीधे कोष से बैंक खाते में यह राशि हस्तांतरित कर दी जायेगी. इस परियोजना के तहत राज्य सरकार पर 1000 करोड़ रुपये का भार पड़ेगा.