भ्रष्टाचार से बिगड़ी देश की अर्थ व्यवस्था
कोलकाता: देश में सही गवर्नेस नहीं होने की वजह से यहां भ्रष्ट्राचार का ग्राफ दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है. साथ ही सही लीडरशिप नहीं होने के कारण यहां की अर्थ-व्यवस्था बद से बद्दतर होती जा रही है. भारत में मल्टी नेशनल कंपनी (एमएनसी) को कारोबार करने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. […]
कोलकाता: देश में सही गवर्नेस नहीं होने की वजह से यहां भ्रष्ट्राचार का ग्राफ दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है. साथ ही सही लीडरशिप नहीं होने के कारण यहां की अर्थ-व्यवस्था बद से बद्दतर होती जा रही है. भारत में मल्टी नेशनल कंपनी (एमएनसी) को कारोबार करने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. हालांकि भारत में एमएनसी के विकास की संभावनाएं अपार हैं, लेकिन कुछ कारकों की वजह से यहां के एमएनसी पर हमेशा संकट के बादल छाये रहते हैं.
यह बातें मंगलवार को माइक्रो सॉफ्ट इंडिया के पूर्व चेयरमैन रवि वेंकटेशन ने महानगर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कही. भारत में कार्य करनेवाली अधिकांश एमएनसी का कारोबार यहां स्पष्ट नहीं है कि वह यहां क्या काम करती हैं और किस प्रकार से अपने कारोबार का विकास करना चाहती हैं. कई बड़ी कंपनियां जैसे एपल, टोयोटा, जीई व कैटर पिलर अन्य विकासशील देशों में बेहतर कारोबार कर रही हैं, लेकिन भारत में ऐसा नहीं हो पा रहा है. भारत में कारोबार करने पर महत्वपूर्ण चुनौतियों के संबंध में उन्होंने बताया कि यहां की सबसे बड़ी समस्या भ्रष्ट्राचार है.
यहां के कर प्रणाली में विभिन्न प्रकार के नियम हैं, इसकी वजह से भ्रष्ट्राचार भी अधिक है. साथ ही देश में सही गवर्नेस व लीडरशिप का अभाव है, जो यहां की व्यवस्था पर साफ तौर पर देखने को मिलता है. उन्होंने बताया कि विभिन्न रिसर्च संगठनों ने अपने शोध में बताया है कि वर्ष 2050 तक पूरे विश्व के अन्य देशों की अपेक्षा भारत में रहनेवाले मध्यम वर्गीय लोगों के आय में काफी वृद्धि होगी, यहां तक कि यह चीन को भी पीछे कर देगा. इस मौके पर आइसीसी के टैक्सेशन के विशेष कमिटी के चेयरमैन व पहाड़पुर कूलिंग टॉवर्स के प्रबंध निदेशक गौरव स्वरूप ने अतिथियों का स्वागत किया और साथ ही धन्यवाद ज्ञापित किया.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










