कोलकाता रैगिंग:झुकी सरकार, प्रिंसिपल अरेस्ट
कोलकाता: रैगिंग से सदमे में आयी पांचवीं कक्षा की छात्रा ओंद्रिला की इलाज के दौरान मौत के बाद गुरुवार को छात्राओं के गुस्साए अभिभावकों ने दमदम के क्राइस्ट चर्च स्कूल में जम कर तोड़फोड़ की. लगातार प्रदर्शन के बावजूद सरकार की ओर से कोई कठोर कार्रवाई नहीं होने के कारण घेराव लगभग 11 घंटे चला. […]
कोलकाता: रैगिंग से सदमे में आयी पांचवीं कक्षा की छात्रा ओंद्रिला की इलाज के दौरान मौत के बाद गुरुवार को छात्राओं के गुस्साए अभिभावकों ने दमदम के क्राइस्ट चर्च स्कूल में जम कर तोड़फोड़ की. लगातार प्रदर्शन के बावजूद सरकार की ओर से कोई कठोर कार्रवाई नहीं होने के कारण घेराव लगभग 11 घंटे चला. टीचर रूम, स्कूल ऑफिस, कंप्यूटर रूम और प्रिंसिपल के कमरे में तोड़फोड़ की गयी. प्रिंसिपल सहित शिक्षिकाओं का सुबह से रात पौने नौ बजे तक घेराव किया गया.
हालात काबू में करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा. रात में कड़ी सुरक्षा में प्रिंसिपल और शिक्षिकाओं को मुक्त कराया गया. हंगामे से बीमार पड़ी एक शिक्षिका को एंबुलेंस बुला कर अस्पताल पहुंचाया गया. बाद में सरकार के निर्देश पर पुलिस ने काम में लापरवाही बरतने के आरोप में प्रिंसिपल हेलेन सरकार को गिरफ्तार कर लिया. उन्होंने अपने पद से इस्तीफा भी दे दिया है. जानकारी के अनुसार, स्कूल की छात्र की मौत की सूचना पर छात्राओं के अभिभावक प्रिंसिपल से मिलना चाहते थे, लेकिन कथित तौर पर उन्होंने मिलने से इनकार कर दिया. इससे अभिभावक भड़क गये और दिन भर स्कूल में बवाल चला. तोड़फोड़ से स्कूल के फर्नीचर, कंप्यूटर, लैपटॉप आदि को काफी नुकसान पहुंचा है. नोटिस बोर्ड, दरवाजों और खिड़की के शीशे तोड़ दिये गये.
गिरफ्तार प्रिंसिपल को बैरकपुर थाने में रखा गया है. उन्हें शुक्रवार को बैरकपुर कोर्ट में पेश किया जायेगा. प्रिंसिपल के खिलाफ गैरजमानती धाराएं लगायी गयी हैं. पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि 11 वर्षीय ओंद्रिला को शौचालय में बंद करने की घटना की प्रिंसिपल को जानकारी दी गयी थी. लेकिन उन्होंने कोई कदम नहीं उठाया.
दिनभर होता रहा बवाल
बताया जाता है कि सुबह 10 बजे बड़ी संख्या में अभिभावकों ने स्कूल का घेराव कर प्रिंसिपल को सामने आकर छात्रा की मौत की घटना के बारे में जवाब देने की मांग की, लेकिन कथित तौर पर प्रिंसिपल ने अस्वस्थता का कारण बता कर प्रदर्शन कर रहे अभिभावकों के सामने आने से मना कर दिया. इसके बाद अभिभावक उग्र हो उठे. उन्होंने स्कूल की प्रिंसिपल के इस्तीफे, उनकी गिरफ्तारी और रैगिंग की दोषी छात्राओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. इस दौरान प्रिंसिपल और शिक्षिकाएं घंटों स्कूल में बंधक बनी रहीं. पुलिस ने हमले की आशंका में शिक्षिकाओं और प्रिंसपल को अपने घेरे में रखा. पांच घंटे तक विरोध प्रदर्शन जारी रहने के बाद बैरकपुर पुलिस कमिश्नरेट के डीसी ट्रैफिक देवाशीष बेज भी स्कूल पहुंचे. उन्होंने प्रदर्शन कर रहे अभिभावकों से घटना पर दुख जताया. उन्होंने माफी मांग कर अभिभावकों को शांत कराने की कोशिश की, लेकिन नाकाम रहे. शाम चार बजे के करीब प्रिंसिपल ने स्कूल के बरामदे में आ कर हाथ जोड़ कर अभिभावकों से घटना पर माफी मांगी और उन्हें शांत होने की अपील की, लेकिन अभिभावकों पर कोई असर नहीं हुआ. वे प्रिंसिपल के इस्तीफे और गिरफ्तारी की मांग पर अड़े रहे. अंतत: शाम 6.30 बजे प्रिंसिपल ने इस्तीफा लिख कर पुलिस को सौंप दिया.
प्रिंसिपल ने जताया खेद
नाराज अभिभावकों से छह घंटे से अधिक समय तक घिरे रहने के बाद प्रिंसिपल हेलेन सरकार ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के घेरे में पहले तल्ले के बरामदे में आ कर हाथ जोड़ कर अभिभावकों से माफी मांगी. उन्होंने ओंद्रिला की मौत पर दुख जताया. उन्होंने कहा कि उन्हें घटना के बारे में जानकारी नहीं थी. अगर पता होता तो इस प्रकार की घटना कभी नहीं होने देतीं. उन्होंने उग्र अभिभावकों से अपील किया कि यह उनके बच्चों का स्कूल है. वे शांत हो जायें. धैर्य रखें. घटना की जांच की जा रही है. जल्द कार्रवाई होगी. इसके पहले उन्होंने काफी अभिभावकों से मुलाकात की है. उन्होंने अभिभावकों को आश्वस्त किया कि वे देखें कि स्कूल घटना पर क्या कदम उठाता है. उन्होंने कहा कि इस प्रकार की घटना भविष्य में कभी नहीं होगी, इसका वह वादा कर रही हैं. पर, अभिभावक शांत नहीं हुए. वे प्रिंसिपल की गिरफ्तारी की मांग पर आड़े रहे. प्रदर्शनकारियों ने प्रिंसिपल को चप्पल दिखा कर विरोध जताया.
शिक्षा मंत्री ने घटना ने जांच का निर्देश दिया
शिक्षा मंत्री और दमदम के विधायक ब्रात्य बसु ने कहा कि स्कूल प्रबंधन इस तरह की बड़ी घटना होने के बाद अपने दायित्व से पीछे नहीं हट सकता है. क्राइस्ट चर्च स्कूल निजी प्रबंधन में चलता है. घटना की जांच के लिए स्कूल में शिक्षा अधिकारियों को भेजा है. रैगिंग की घटनाएं रोकी नहीं जा सकती हैं, लेकिन रैगिंग करने वाले दोषी छात्र-छात्राओंके विरुद्ध कड़ा कदम उठाया जायेगा. इस प्रकार की घटना को किसी सूरत में बरदाश्त नहीं किया जायेगा. ढाई साल में राज्य के विभिन्न स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय और इंजीनियरिंग कॉलेज में रैगिंग की 42 घटनाएं हुई हैं. उन्होंने छात्र ओंद्रिला की मौत पर दुख जताया.
ओंद्रिला के मां-बाप से मिले शिक्षा मंत्री
बाद में शिक्षा मंत्री ने बागुईहाटी के घोषपाड़ा घर जाकर बच्ची के शोकाकुल माता-पिता से मुलाकात की. कहा कि रैगिंग की घटना में शामिल दोषी को सजा मिलेगी. उन्होंने स्कूल में तोड़फोड़ की भी निंदा की. उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने स्कूल की संपत्ति को नष्ट किया है, वह अभिभावक नहीं हो सकते हैं. कानून अपने हाथ में लेने वालों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई करेगी. ओंद्रिला के पिता शांतनु दास ने कहा कि शिक्षा मंत्री ने दोषियों को सजा देने का जो वादा किया है, उससे उन्हें बड़ी संत्वाना मिली है.
मुख्यमंत्री ने ओंद्रिला की मां से फोन पर की बात
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार शाम शोक में डूबी ओंद्रिला की मां रेखा दास को फोन कर बात की. उन्होंने ओंद्रिला की मौत पर दुख जताया. उन्होंने रेखा की शिकायतें सुनीं. मुख्यमंत्री ने ओंद्रिला की मां को घटना पर कार्रवाई करने के साथ परिवार को हर प्रकार से सहयोग करने की बात कही.
ओंद्रिला के पिता ने दोषी छात्रओं के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की
ओंद्रिला के पिता शांतनु दास ने बेटी के साथ रैगिंग करने वाली दोषी सीनियर छात्रओं के विरुद्ध कार्रवाई करने की मांग की. उन्हें स्कूल से बाहर निकालने की मांग की. उन्होंने कहा कि उनकी बेटी तो चली गयी , लेकिन कई हजार छात्रएं रैगिंग की शिकार होने से बचा गयी. कोई भी रैगिंग करने के पहले इस घटना के बाद सोचेगा.
अभिभावकों का आरोप
अभिभावकों का कहना था कि स्कूल में कई बार रैगिंग की घटनाएं हो चुकी हैं. अभिभावक शिकायत करना चाहते हैं, लेकिन प्रिंसिपल मिलने मना कर देती हैं. वह क्लास टीचर से शिकायत करने की बात कह कर पल्ला झाड़ लेती हैं. स्कूल में अभिभावकों को लेकर कोई बैठक नहीं होती.
दिनभर क्या-क्या हुआ
रैगिंग से सदमे में आयी पांचवीं की छात्र की मौत की सूचना पर गुरुवार सुबह बड़ी संख्या में अभिभावक स्कूल पहुंच गये
अभिभावकों ने प्रिंसिपल से मिलने की कोशिश की, कथित तौर पर प्रिंसिपल ने उनसे मिलने से इनकार कर दिया
इससे भड़के अभिभावकों ने स्कूल में जम कर तोड़फोड़ की, प्रिंसिपल और शिक्षिकाओं को बंधक बना लिया
अभिभावकों ने प्रिंसिपल के इस्तीफे और उनकी गिरफ्तारी की मांग की, पुलिस के आश्वासन के बावजूद अड़े रहे
रात पौने नौ बजे शिक्षिकाओं को मुक्त कराया गया और लापरवाही के आरोप में प्रिंसिपल गिरफ्तार कर ली गयीं
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