खुद की कंपनी खोल सकेंगे किसान
कोलकाता: राज्य के किसानों को उनकी उपज की सही कीमत दिलाने के लिए तृणमूल सरकार नयी योजना शुरू करने जा रही है, जिसके तहत किसान खुद की कंपनी खोल सकेंगे और इस कंपनी के माध्यम से ही उत्पादों की बिक्री करेंगे. राज्य के होर्टिकल्चर व खाद्य प्रसंस्करण विभाग किसानों को कंपनी रजिस्ट्रेशन एक्ट के तहत […]
कोलकाता: राज्य के किसानों को उनकी उपज की सही कीमत दिलाने के लिए तृणमूल सरकार नयी योजना शुरू करने जा रही है, जिसके तहत किसान खुद की कंपनी खोल सकेंगे और इस कंपनी के माध्यम से ही उत्पादों की बिक्री करेंगे. राज्य के होर्टिकल्चर व खाद्य प्रसंस्करण विभाग किसानों को कंपनी रजिस्ट्रेशन एक्ट के तहत कंपनी का पंजीकरण कराने में मदद करेंगे.
यह जानकारी विभागीय मंत्री सुब्रत साहा ने दी. उन्होंने बताया कि प्रथम चरण में जंगलमहल व उत्तर बंगाल में इस योजना के तहत कार्य शुरू किया जायेगा. बाद में राज्य के अन्य जिलों के किसान भी अपनी कंपनी का पंजीकरण करा सकेंगे. सब्जियों की बिक्री में बिचौलियों के कारण बढ़ती कीमत से मुख्यमंत्री काफी नाराज हैं, इसलिए उन्होंने अब किसानों को ही सीधे बड़े बाजारों में सब्जी बिक्री करने की व्यवस्था करने का निर्देश दिया है. इस प्रोजेक्ट से बिचौलियों की समस्या का समाधान हो जायेगा और किसानों को उनकी उपज की सही कीमत मिलेगी.
उन्होंने बताया कि किसान अपने उत्पादों को बाजारों के अलावा प्राइवेट एजेंसी को भी बेच पायेंगे. इस योजना के प्रथम चरण में 22 करोड़ रुपये खर्च किये जायेंगे. राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत आबंटित राशि को इस योजना पर खर्च किया जायेगा. कंपनियों का सही प्रकार से संचालन कराने के लिए किसानों को प्रशिक्षण दिया जायेगा, साथ ही कंपनी के माध्यम से किस प्रकार से अपने उत्पादों की बिक्री करेंगे, इसकी जानकारी भी किसानों को दी जायेगी. उन्होंने बताया कि राज्य कृषि विपणन विभाग द्वारा कृषि विभाग के अंतर्गत सरकारी एजेंसियों का चयन किया जायेगा, जो किसानों की कंपनी से उत्पाद खरीदेंगी. इन कंपनियों से सरकारी एजेंसियां हरी मिर्च, टमाटर, बैंगन, गोभी, मटर, अदरख, मशरूम, प्याज व अन्य सब्जियां खरीदेंगी. इससे किसानों को अपने उत्पादों की वाजिब कीमत मिलेगी.
जीटीए को भी भेजा योजना का प्रस्ताव
खाद्य प्रसंस्करण विभाग ने गोरखा टेरिटोरियल एडमिनिस्ट्रेशन (जीटीए) प्रबंधन को भी इस योजना को दाजिर्लिंग जिले में लागू करने का प्रस्ताव दिया है, क्योंकि वहां मशरूम की खेती सबसे अधिक होती है. इसके अलावा जंगलमहल के तीन जिलों बांकुड़ा, पुरुलिया व पश्चिम मेदिनीपुर के अलावा उत्तर बंगाल के कूचबिहार, दक्षिण दिनाजपुर, जलपाईगुड़ी, उत्तर दिनाजपुर व दाजिर्लिंग में इस योजना को शुरू किया जायेगा. उन्होंने बताया कि खेतों के पास ही ट्रेनिंग सेंटर व कंपनी के कार्यालय खोले जायेंगे, ताकि किसानों को कोई समस्या न हो.
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