ePaper

प्रीसाइडिंग ऑफिसर की मौत मामले में नया मोड़, परिवार आत्महत्या की बात मानने को तैयार नहीं

Updated at : 18 May 2018 2:05 AM (IST)
विज्ञापन
प्रीसाइडिंग ऑफिसर की मौत मामले में नया मोड़, परिवार आत्महत्या की बात मानने को तैयार नहीं

सिलीगुड़ी : रायगंज रेलवे स्टेशन के अधीक्षक के एक मेमो से प्रीसाइडिंग ऑफिसर राजकुमार राय की मौत के मामले में नया मोड़ आ गया है. यह मेमो आत्महत्या की ओर इशारा करता है. लेकिन आत्महत्या की बात मानने को राजकुमार का परिवार किसी सूरत में तैयार नहीं है. परिवार ने इस मामले की उच्चस्तरीय जांच […]

विज्ञापन
सिलीगुड़ी : रायगंज रेलवे स्टेशन के अधीक्षक के एक मेमो से प्रीसाइडिंग ऑफिसर राजकुमार राय की मौत के मामले में नया मोड़ आ गया है. यह मेमो आत्महत्या की ओर इशारा करता है. लेकिन आत्महत्या की बात मानने को राजकुमार का परिवार किसी सूरत में तैयार नहीं है. परिवार ने इस मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और चुनाव आयोग से की है.
राज्य सरकार ने इस मामले की जांच सीआइडी को सौंप दी है. इधर, मृत प्रीसाइडिंग ऑफिसर का शव अभी तक उनके परिवार को नहीं सौंपा गया है.राजकुमार उत्तर दिनाजपुर जिले के करनदीघी के रहटपुर हाइ मदरसा में शिक्षक थे. पत्नी व दो बच्चों के साथ वह रायगंज के सुदर्शनपुर इलाके में रहते थे, लेकिन उनका पैतृक निवास सिलीगुड़ी महकमा के फांसीदेवा के कांतिभीटा में है.
राजकुमार की मौत की खबर सुनने के बाद से उनके कांतिभीटा स्थिति घर में चूल्हा नहीं जला है. इलाके में रोष है. फांसीदेवा थाने की पुलिस ने बताया कि बुधवार रात इलाके का माहौल तनावपूर्ण हो उठा था. गुरुवार की सुबह से स्थिति नियंत्रित है. इलाके में पुलिस बल की तैनाती की गयी है.
प्रीसाइडिंग ऑफिसर के रूप में उत्तर दिनाजपुर के इटहार गये शिक्षक राजकुमार की मौत से विपक्षी राजनीतिक दल और शिक्षक संगठन आक्रोशित हैं. वे इस मौत को पंचायत चुनाव में हुई हिंसा से जोड़कर देख रहे हैं. लेकिन रेल चालक के मेमो से कुछ और ही संकेत मिल रहे हैं. जानकारी के मुताबिक, मंगलवार शाम को 13146, राधिकापुर-कोलकाता एक्सप्रेस के चालक ने रायगंज रेलवे स्टेशन पर स्टेशन अधीक्षक को रिपोर्ट किया कि बांग्लाबारी और रायगंज रेलवे स्टेशन के बीच 22/6-7 किलोमीटर इलाके में 45 साल के करीब का एक व्यक्ति अचानक इंजन से टकरा गया, जिससे उसकी मौत हो गयी. मंगलवार रात को उसी इलाके से एक क्षत-विक्षत शव बरामद किया गया, जिसकी शिनाख्त परिजनों ने राजकुमार राय के रूप में की.
राजकुमार के साथ इटाहार के सोनापुर प्राथमिक विद्यालय के 48 नंबर बूथ पर दुर्लभपुर ग्राम पंचायत के 6 नंबर सेक्टर के अधिकारी जितेंद्र नाथ बर्मन व उत्तर दिनाजपुर जिले के करनझोड़ा भूमि व भूमि सुधार कार्यालय के अपर डिवीजनल क्लर्क बबलू हेम्ब्रम भी चुनाव कर्मचारी थे. उनके अनुसार सोमवार रात आठ बजे तक राजकुमार बूथ पर ही थे. उसके बाद वह अचानक लापता हो गये.
सोमवार रात भर उनका कोई पता न मिलने पर जितेंद्र नाथ बर्मन व बबलू हेम्ब्रम ने इटाहार के बीडीओ को घटना से अवगत कराया. इसके बाद मंगलवार की सुबह बीडीओ ने रायगंज थाने में राजकुमार राय के लापता होने की प्राथमिकी दर्ज करायी.
रायगंज स्टेशन अधीक्षक आदर्श कुमार के मेमो के अनुसार अगर इंजन से टकराकर मरा व्यक्ति राजकुमार ही हैं, तो यह घटना मंगलवार शाम छह से साढ़े छह के बीच हुई होगी. राधिकापुर-कोलकाता एक्सप्रेस 6.02 बजे कालियागंज स्टेशन पर पहुंचती है, और 6.21 बजे रायगंज स्टेशन पहुंचती है. घटनास्थल कालियागंज व रायगंज स्टेशन के बीच बताया गया है.
फिलहाल इस केस को सीआइडी के हवाले कर दिया गया है. राजकुमार राय के शव का पोस्टमार्टम हो गया है और शव रायगंज अस्पताल के मुर्दाघर में रखा गया है. गुरुवार को सीआइडी व फॉरेन्सिक की टीम ने शव की स्थिति, घटनास्थल के साथ इटाहार के 48 नंबर पोलिंग बूथ का भी मुआयना किया. शुक्रवार तक शव परिवार को सौंप दिये जाने की संभावना है.
राजकुमार की जिंदगी में नहीं थी कोई समस्या : पिता
मृतक के पिता प्रियनाथ राय का कहना है कि राजकुमार की जिंदगी में परिवारिक या अन्य ऐसा कोई मसला नहीं था, जिसकी वजह से वह आत्महत्या करे. इसके अलावा वह काफी साहसी था. वह आत्महत्या जैसा कदम कतई नहीं उठा सकता. उन्होंने कहा कि सोमवार रात करीब आठ बजे राजकुमार ने फोन पर अपनी पत्नी से बात की थी और रात के 12 बजे तक घर पहुंचने की बात कही थी.
इसके बाद अचानक क्या हुआ, कुछ मालूम नहीं. राजकुमार के छोटे भाई हेमंत राय का कहना है कि भैया काफी उदार थे. किसी भी परेशानी का बहुत सरलता के साथ निदान करते थे. लेकिन वह अन्याय बरदाश्त नहीं करते थे. उसके खिलाफ आवाज जरूर उठाते थे. उनके जैसा व्यक्ति आत्महत्या नहीं कर सकता. भाभी व बच्चों के साथ उनका पारिवारिक जीवन काफी खुशहाल थी.
आसपास के इलाकाई लोगों ने बताया कि राजकुमार एक अच्छे इन्सान थे. इलाके में किसी विद्यार्थी को पढ़ाई में, आर्थिक या अन्य समस्या की जानकारी मिलने पर वह उसके घर पहुंच जाया करते थे और यथासंभव समस्या का समाधान करते थे. आत्महत्या की बात को इलाके के लोगों ने भी मानने से इनकार किया है.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Tags

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola