Uttarkashi Tunnel Rescue: क्यों हो रही है रेस्क्यू में इतनी देरी, 16 दिन बाद भी टनल में फंसी है 41 जिंदगी...

Published by : Pritish Sahay Updated At : 27 Nov 2023 5:55 PM

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Uttarkashi: Vertical drilling underway during the rescue operation to extract 41 workers trapped inside the under-construction Silkyara Bend-Barkot Tunnel, in Uttarkashi district, Sunday, Nov. 26, 2023. (PTI Photo/Arun Sharma) (PTI11_26_2023_000141A)

Uttarkashi Tunnel Rescue: उत्तरकाशी टनल में फंसे श्रमिकों के रेस्क्यू की कोशिश जारी है. एनडीएमए के सदस्य लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन ने कहा है कि जरुरत के हिसाब से भोजन और दवाएं अंदर भेजी जा रही हैं. हालांकि बड़ा सवाल अब भी यही है कि रेस्क्यू में इतनी देरी क्यों हो रही है.

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Uttarkashi Tunnel Rescue: उत्तरकाशी में टनल हादसे में फंसे 41 मजदूरों के रेस्क्यू के लिए कई टीम दिन-रात एक कर रही हैं. हादसे के बाद से ही लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है. निर्माणाधीन सिलक्यारा-बड़कोट सुरंग में फंसे श्रमिकों को बाहर निकालने के लिए सुरंग के ऊपर की जा रही वर्टिकल ड्रिलिंग 31 मीटर तक पहुंच चुकी है. गौरतलब है कि वर्टिकल ड्रिलिंग कर रही ऑगर मशीन के टूटने के बाद वैकल्पिक रास्ता तैयार करने के लिए रविवार को सुरंग के ऊपर से वर्टिकल ड्रिलिंग शुरू की गयी थी. वहीं, अधिकारियों का कहना है कि सुरंग में फंसे श्रमिकों तक पहुंचने के लिए कुल 86 मीटर वर्टिकल ड्रिलिंग की जाएगी और इसमें चार दिन का समय लगेगा.

लगातार जारी है रेस्क्यू ऑपरेशन

उत्तराखंड के उत्तरकाशी टनल में फंसे श्रमिकों के रेस्क्यू की कोशिश जारी है. एनडीएमए के सदस्य लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन ने कहा है कि हालात नियंत्रण में हैं. उन्होंने बताया कि जरुरत के हिसाब से भोजन और दवाएं अंदर भेजी जा रही हैं. मनोवैज्ञानिक पहलुओं को भी महत्व दिया गया है. बैकअप संचार स्थापित किया गया है और लगातार परिवार के सदस्य उनसे बातचीत कर पा रहे हैं. उन्होंने कहा कि चिंता की कोई बात नहीं है. जल्द ही हम मजदूरों को निकाल लेंगे.

पीएम मोदी ले रहे हैं रेस्क्यू की पूरी जानकारी

इधर, उत्तरकाशी रेस्क्यू ऑपरेशन पर पीएम मोदी लगातार नजर बनाए हुए हैं. पीएमओ की ओर से रेस्क्यू को लेकर अपडेल समय-समय पर लिया जाता रहा है. इसी कड़ी में सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रमुख सचिव डॉ पीके मिश्रा ने सिलक्यारा पहुंचकर पिछले दो सप्ताह से फंसे श्रमिकों को बाहर निकालने के लिए चलाए जा रहे बचाव कार्यों का जायजा लिया. इस दौरान उन्होंने ग्राफिक प्रेजेंटेशन और मैपिंग के जरिये साढ़े चार किलोमीटर लंबी निर्माणाधीन सुरंग की भौगोलिक स्थिति को समझा. प्रमोद कुमार मिश्र ने सुरंग के अंदर चल रहे बचाव कार्य की बारीकियों को समझा और अधिकारियों के साथ ही इस काम में जुटे इंजीनियर और श्रमिकों से बात करके उनका हौसला बढ़ाया.

गौरतलब है कि यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर बन रही सिलक्यारा सुरंग का एक हिस्सा बीते 12 नवंबर को अचानक से ढह गया था. जिसके बाद वहां काम कर रहे 41 मजदूर फंस गये. उन्हें बाहर निकालने के लिए युद्ध स्तर पर बचाव अभियान चलाया जा रहा है. रेस्क्यू के लिए कई टीमें काम में लगी है. अमेरिकी ऑगर मशीन के ब्लेड खुदाई के दौरान टनल में ही फंस गये थे, जिसे प्लाज्मा मशीन से हटाया गया.
भाषा इनपुट के साथ

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प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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