टेलीग्राम टास्क के नाम पर युवक से 30 लाख की ठगी, ऑनलाइन कमाई का दिया था लालच

सांकेतिक तस्वीर
UP News: ऑनलाइन कमाई का झांसा देकर एक युवक से 30 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है. व्हाट्सएप और टेलीग्राम के जरिए ठगों ने पहले छोटे टास्क कराए, फिर निवेश के नाम पर मोटी रकम ऐंठ ली. पीड़ित की शिकायत पर पुलिस जांच में जुटी है.
UP News: ग्रेटर नोएडा में साइबर ठगों ने ऑनलाइन कमाई का झांसा देकर एक युवक से करीब 30 लाख रुपये ठग लिए. आरोपियों ने पहले व्हाट्सऐप के जरिए संपर्क किया, फिर टेलीग्राम ग्रुप में जोड़कर शुरुआती टास्क के बदले भुगतान किया और बाद में निवेश के नाम पर लाखों रुपये ऐंठ लिए. शिकायत के बाद साइबर क्राइम थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है.
व्हाट्सऐप मैसेज से शुरू हुई ठगी
39 वर्षीय मनीष कुमार हंस ने बताया कि 26 मार्च 2025 को उनके व्हाट्सऐप पर घर बैठे ऑनलाइन कमाई का एक संदेश आया. मैसेज में आसान ऑनलाइन टास्क पूरे कर पैसे कमाने का दावा किया गया था. इसके बाद उन्हें एक टेलीग्राम ग्रुप से जोड़ दिया गया, जहां यूट्यूब वीडियो लाइक करने, होटल और प्रोडक्ट की रेटिंग देने जैसे छोटे-छोटे टास्क दिए गए.निवेश के नाम पर ऐंठ लिए 29.93 लाख रुपये
कुछ दिनों बाद ठगों ने अधिक मुनाफे का लालच देते हुए निवेश और रिचार्ज करने की सलाह दी. इसके बाद मनीष ने अलग-अलग बैंक खातों और यूपीआई आईडी में कई किस्तों में कुल 29 लाख 93 हजार 293 रुपये ट्रांसफर कर दिए. जब उन्होंने अपनी रकम और मुनाफा निकालने की कोशिश की तो ठगों ने पहले और पैसे जमा करने की शर्त रख दी. इसी दौरान उन्हें एहसास हुआ कि वे साइबर ठगी का शिकार हो चुके हैं.
साइबर थाने में दर्ज हुआ मामला
पीड़ित ने मार्च में ही राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायत की जांच के बाद साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है. पुलिस ने मामले की जांच एक निरीक्षक स्तर के अधिकारी को सौंपी है और ठगी में इस्तेमाल किए गए बैंक खातों व डिजिटल लेनदेन की जांच शुरू कर दी है.
किराए के बैंक खातों के इस्तेमाल की आशंका
डीसीपी साइबर शैव्या गोयल के अनुसार, शुरुआती जांच में पता चला है कि ठगी के लिए जिन बैंक खातों का इस्तेमाल किया गया, उनमें से कई किराए पर लिए गए हो सकते हैं. पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इन खातों का इस्तेमाल किसी संगठित साइबर गिरोह ने तो नहीं किया.
क्या है टेलीग्राम टास्क फ्रॉड
इस तरह की साइबर ठगी में अपराधी पहले व्हाट्सऐप, सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से लोगों से संपर्क करते हैं. इसके बाद उन्हें टेलीग्राम ग्रुप में जोड़कर यूट्यूब वीडियो लाइक करने, ऐप डाउनलोड करने या होटल-प्रोडक्ट की रेटिंग देने जैसे आसान टास्क दिए जाते हैं. शुरुआत में कुछ पैसे देकर भरोसा जीता जाता है. बाद में निवेश या रिचार्ज के नाम पर बड़ी रकम जमा कराई जाती है और अंत में ठग पीड़ित से संपर्क तोड़ देते हैं.
ऐसे करें बचाव
- घर बैठे कमाई या आसान मुनाफे का दावा करने वाले ऑफर पर बिना जांच भरोसा न करें.
- किसी अनजान व्यक्ति या ग्रुप के कहने पर निवेश या रिचार्ज के नाम पर पैसे ट्रांसफर न करें.
- किसी भी संदिग्ध साइबर गतिविधि की तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 या साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं.
-खुशबू कुमारी की रिपोर्ट
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By राधेश्याम कुशवाहा
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