गोरखपुर हादसा : कौन थे बाबा राघवदास ? जिनके नाम पर बना #BRDHospital
Updated at : 14 Aug 2017 6:54 PM (IST)
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गोरखपुर : ऑक्सीजन की कमी से बच्चों की मौत को लेकर उठा बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है. गोरखपुर के जिस कॉलेज में यह हादसा हुआ है, वह जिले का प्रमुख अस्पताल है. बीआरडी कॉलेज का नाम पिछले कुछ दिनों से मीडिया की सुर्खियों में है लेकिन बहुत कम लोगों को इस अस्पताल […]
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गोरखपुर : ऑक्सीजन की कमी से बच्चों की मौत को लेकर उठा बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है. गोरखपुर के जिस कॉलेज में यह हादसा हुआ है, वह जिले का प्रमुख अस्पताल है. बीआरडी कॉलेज का नाम पिछले कुछ दिनों से मीडिया की सुर्खियों में है लेकिन बहुत कम लोगों को इस अस्पताल के इतिहास की जानकारी होगी.बीआरडी कॉलेज का पूरा नाम बाबा राघव दास कॉलेज है. सामाजिक कार्यकर्ता हिमांशु कुमार ने अपने वॉल पर बाबा राघव दास से जुड़ी जानकारी शेयर की. बाबा राघव दास एक क्रांतिकारी संत थे.
हिमांशु कुमार के पिता ने उनके साथ काम किया था. हिमांशु कुमार ने फेसबुक पर शेयर करते हुए कहा "मेरे पिता ने बाबा राघवदास के साथ काम किया था. एक बार बाबा राघवदास पर बोलने के लिए आल इण्डिया रेडियो पर मेरे पिता श्री प्रकाश भाई को बुलाया गया था. मेरे पिता ने बाबा राघवदास का एक किस्सा सुनाया था.एक बार बाबा राघवदास ग्रामीण इलाकों की पदयात्रा कर रहे थे. एक गांव में गांव वालों ने कहा बाबा पीने के पानी की बड़ी समस्या है, बाबा ने पूछा ये सामने जमीन किसकी है ? गांव वालों ने कहा किसी की नहीं है गाँव की शामलात है, दोपहर के खाने के बाद बाबा राघवदास ने एक लड़के से कहा बेटा एक कुदाली लाना,बाबा कुदाली लेकर जमीन खोदने लगे, कुछ देर में लोग उत्सुकता से बाबा के पास जमा होने लगे, गाँव वालों ने पूछा बाबा क्या कर रहे हो?
बाबा राघवदास ने कहा लोगों को पीने के पानी की समस्या है इसलिए कुआँ खोद रहा हूं, गांव वाले बहुत लज्जित हुए बोले बाबा आप रहने दो हम लोग खोद लेंगे, बाबा ने कहा नहीं इस कुंए का पानी पिए बिना मैं आगे जाऊँगा ही नहीं, पूरा गांव कुआं खोदने में लग गया,तीन दिन में कुआं बन गया.बाबा राघवदास ने कुएं का पानी पिया तब आगे बढ़े, वो तो इन साम्प्रदायिक लोगों ने बाबा लोगों का नाम बदनाम कर दिया है".
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