UP Tex 2026: उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा वैश्विक मंचों पर चमका उत्तर प्रदेश के बुनकरों और कारीगरों का हुनर , सरकार के प्रयासों को सराहा

Updated:
विज्ञापन

उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा वैश्विक मंचों पर चमका उत्तर प्रदेश

WhatsApp चैनल से जुड़ेंगूगल पर प्रभात खबर चुनें

UP News: उत्तर प्रदेश के पारंपरिक बुनकरों और कारीगरों की कला अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी खास पहचान बना रही है. आधुनिक तकनीकों और सरकारी प्रोत्साहन से उद्योग को नई दिशा मिल रही है, जिससे निर्यात बढ़ रहा है और लाखों कारीगरों की आजीविका सुदृढ़ हो रही है.

विज्ञापन

UP News: उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि राज्य के पारंपरिक बुनकरों और कारीगरों की कला अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी खास पहचान बना रही है. सरकार का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में निर्मित परिधानों और हस्तशिल्प उत्पादों को दुनिया भर के बाजारों में पहुंचाना है. इसके लिए निर्माण कार्य से लेकर निर्यात प्रक्रिया तक हर स्तर पर प्रोत्साहन दिया जा रहा है. डबल इंजन सरकार की नीतियों से प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत और लाखों कारीगरों की आजीविका को नई मजबूती मिली है.

विज्ञापन

कपड़ा उद्योग में आधुनिक तकनीकों का बढ़ता उपयोग

लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित दो दिवसीय टेक्सटाइल कॉन्क्लेव के दौरान आधुनिक तकनीकों के उपयोग पर भी चर्चा हुई. हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग विभाग के अधिकारियों ने बताया कि वस्त्र उद्योग में आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (एआई) का प्रवेश हो चुका है. वर्तमान में लगभग 35 प्रतिशत औद्योगिक इकाइयां उत्पादन और गुणवत्ता नियंत्रण में एआई का उपयोग कर रही हैं. कंपनियां अब पारंपरिक आटोमेशन के स्थान पर डिजिटल डैशबोर्ड और ट्रैकिंग तकनीकों को अपनाकर अपने कार्यों को अधिक पारदर्शी और कुशल बना रही हैं.

आजीविका और निवेश प्रोत्साहन पर सरकार का बल

कार्यक्रम के अंत में वस्त्र उद्योग मंत्री राकेश सचान ने आए हुए अतिथियों का सम्मान किया. इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि उत्तर प्रदेश का कपड़ा उद्योग सदियों से वैश्विक बाजार में अपनी धाक जमाए हुए है. राज्य सरकार की नई औद्योगिक नीतियों और वित्तीय सहायता के चलते कपड़ा क्षेत्र में भारी निवेश आ रहा है. इससे न केवल निर्यात में बढ़ोतरी हो रही है, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होकर लाखों बुनकर परिवारों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हो रही है.

बुनकरों के लिए डिजिटल साक्षरता और वित्तीय सहायता

राज्य सरकार हस्तशिल्पियों को सीधे लाभ पहुंचाने के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं चला रही है. बुनकरों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ने के साथ-साथ उन्हें ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर अपने उत्पाद बेचने के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है. इसके अतिरिक्त, वित्तीय सहायता और सब्सिडी के माध्यम से कारीगरों के व्यावसायिक कौशल को नया रूप दिया जा रहा है. इन दूरदर्शी प्रयासों से उत्तर प्रदेश का हथकरघा उद्योग तेजी से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है और नए बाजार तलाश रहा है.

Must Read: 35 साल का सफर और एक भावुक पत्र,मायावती की शर्त मान अशोक सिद्धार्थ ने त्यागी राजनीति,आकाश आनंद की वापसी तय?

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola