कांवड़ियों के हंगामे का VIDEO हटाने के लिए यूपी पुलिस ने X को भेजा नोटिस, जानिए पूरा मामला
मुजफ्फरनगर में कांवड़ियों का हंगामा और वायरल वीडियो पर विवाद
UP News: मुजफ्फरनगर पुलिस ने एक वायरल वीडियो को फर्जी बताकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X को उसे हटाने का नोटिस भेजा है. वीडियो पोस्ट करने वाले यूजर ने पुलिस के दावे पर सवाल उठाए हैं. यह विवाद कांवड़ियों के हंगामे और DJ वाहनों के रास्ते को लेकर उपजा है.
UP News: कांवड़ियों के हंगामे से जुड़ी एक वीडियो को लेकर मुजफ्फरनगर पुलिस और सोशल मीडिया यूजर के बीच विवाद सामने आया है. दावा है कि पुलिस ने वीडियो को फर्जी और हिंसा भड़काने वाला बताते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X को इसे हटाने के लिए नोटिस भेजा है. वहीं, वीडियो पोस्ट करने वाले यूजर ने पुलिस के दावे पर सवाल उठाते हुए कहा है कि वीडियो में कांवड़ियों का हंगामा और पुलिस के साथ उनका विवाद साफ दिखाई दे रहा है.

वीडियो हटाने के लिए X को नोटिस
बताया जा रहा है कि मुजफ्फरनगर पुलिस ने X को भेजे नोटिस में संबंधित पोस्ट को फर्जी और अफवाह बताया है. पुलिस का कहना है कि पोस्ट से हिंसा भड़क सकती है और सार्वजनिक सुरक्षा को खतरा पैदा हो सकता है. नोटिस में सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 79(3)(b) और भारतीय न्याय संहिता की कई धाराओं का हवाला देते हुए संबंधित कंटेंट को हटाने की मांग की गई है.
पोस्ट करने वाले ने पुलिस पर उठाए सवाल
वीडियो पोस्ट करने वाले यूजर ने पुलिस के दावे पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर पुलिस को वीडियो फर्जी लगता है तो उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए. यूजर का कहना है कि उसके पास घटना से जुड़ी ऐसी कई अन्य वीडियो भी मौजूद हैं. पोस्ट में दावा किया गया कि मौके पर महिला CO कांवड़ियों को बार-बार समझाती नजर आईं और काफी देर तक हंगामा चलता रहा.
DJ वाहनों के रास्ते को लेकर हुआ विवाद
दावे के मुताबिक, कांवड़ियों ने मुजफ्फरनगर के खतौली में हरिद्वार-दिल्ली हाईवे पर जाम लगा दिया था. विवाद बड़े DJ वाहनों के रास्ते को लेकर बताया जा रहा है. कांवड़िए चाहते थे कि DJ वाहन खतौली कस्बे के अंदर से होकर गुजरें, जबकि पुलिस उन्हें बाईपास से भेजना चाहती थी. इसी बात को लेकर कांवड़ियों और पुलिस के बीच विवाद बढ़ने की बात कही गई है.
वीडियो की सच्चाई पर बना हुआ है सवाल
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल X पर पोस्ट किए गए वायरल वीडियो की सत्यता को लेकर है. एक तरफ मुजफ्फरनगर पुलिस इसे फर्जी और हिंसा भड़काने वाला कंटेंट बता रही है, वहीं X पर वीडियो पोस्ट करने वाले यूजर का दावा है कि यह मौके की वास्तविक घटना का वीडियो है. हालांकि, उपलब्ध जानकारी के आधार पर वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है. इसलिए इसे पूरी तरह वास्तविक या फर्जी बताने से पहले इसके स्रोत, स्थान, समय और मूल फुटेज की जांच जरूरी है.
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By Khushboo Kumari
खुशबू कुमारी पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और वर्तमान में प्रभात खबर में डिजिटल कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. उन्होंने पटना विमेंस कॉलेज, से मास कम्युनिकेशन में स्नातक किया है तथा वर्तमान में इग्नू से मास्टर ऑफ आर्ट्स (मास कम्युनिकेशन एंड डिजिटल मीडिया) की पढ़ाई कर रही हैं. उन्हें जनहित से जुड़ी खबरों, डिजिटल पत्रकारिता, समाचार लेखन, फोटोग्राफी, वीडियो एडिटिंग और ग्राफिक डिजाइन में विशेष रुचि है. वे राजनीति, शिक्षा, प्रशासन, सामाजिक मुद्दों, अपराध और जनसरोकार से जुड़े विषयों पर शोधपरक, तथ्यपरक और पाठकों के लिए उपयोगी डिजिटल कंटेंट तैयार करती हैं. उनका उद्देश्य पाठकों तक विश्वसनीय, स्पष्ट और प्रभावी जानकारी पहुंचाना है, ताकि समाचार केवल सूचना का माध्यम न होकर समाज के लिए उपयोगी साबित हों.
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