अंधेर नगरी, चौपट राजा! कानपुर में PRD जवान को मिला 63 लाख के बिल का झटका, उड़ गए होश

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बिजली बिल देखकर पीआरडी जवान के उड़े होश (AI)

UP News: कानपुर के सरसौल क्षेत्र में बिजली व्यवस्था चरमराई हुई है. एक पीआरडी जवान को 1987 के बिजली कनेक्शन पर 63 लाख रुपये का भारी-भरकम बिल थमा दिया गया, जिससे हड़कंप मच गया है. ग्रामीणों की कटौती और बिलों में गड़बड़ी से परेशानी बढ़ गई है.

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UP News: कानपुर के सरसौल क्षेत्र में बिजली कटौती और बिलों में गड़बड़ी को लेकर ग्रामीणों की परेशानी बढ़ती जा रही है. इसी बीच एक पीआरडी जवान ने बिजली विभाग पर अपने पिता के नाम वर्ष 1987 के कनेक्शन पर 63 लाख 86 हजार रुपये का गलत बकाया दिखाने का आरोप लगाया है. मामले को लेकर उसने नरवल तहसील पहुंचकर एसडीएम सत्यपाल प्रजापति को शिकायती पत्र दिया. एसडीएम ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं.

बिजली बिल देखकर पीआरडी जवान के उड़े होश

पीआरडी जवान अनिल कुमार गुप्ता का कहना है कि उनके पिता के नाम वर्ष 1987 में बिजली कनेक्शन था, लेकिन उन्हें इसकी जानकारी तक नहीं थी. इसके बावजूद बिजली विभाग के रिकॉर्ड में इस कनेक्शन पर 63 लाख 86 हजार रुपये का बकाया दिखाया गया है. अनिल ने विभाग पर धारा 138 में फर्जी मुकदमा दर्ज कराने का भी आरोप लगाया है. उन्होंने पूरे मामले की शिकायत एसडीएम से की है.

कटौती और खराब बिजली व्यवस्था से ग्रामीण परेशान

सरसौल क्षेत्र में ग्रामीणों का आरोप है कि अघोषित बिजली कटौती से जनजीवन प्रभावित है. धान की फसल इस समय नाजुक दौर में है और दिन में घंटों बिजली गुल रहने से किसानों को सिंचाई में परेशानी हो रही है. ग्रामीणों के मुताबिक, रात में कुछ जगह आपूर्ति ठीक रहती है, लेकिन दिनभर की कटौती से खेती प्रभावित हो रही है. बार-बार बिजली की ट्रिपिंग से घरेलू उपकरण खराब होने की शिकायतें भी सामने आ रही हैं.

बिलों में गड़बड़ी की शिकायत, चक्कर काट रहे उपभोक्ता

ग्रामीणों का कहना है कि बिजली के बिलों में भी आए दिन गड़बड़ी सामने आती है. कहीं मीटर तेज चलने तो कहीं गलत रीडिंग भेजे जाने की शिकायत है. सलेमपुर गांव के सूरज तिवारी ने बताया कि फाल्ट की शिकायत के लिए सरसौल पावर हाउस में कई बार फोन किया, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ. इसके बाद ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने पर बिजली व्यवस्था ठीक हुई. ग्रामीणों का आरोप है कि छोटी-छोटी समस्याओं के लिए भी उन्हें बिजली विभाग के अधिकारियों के चक्कर लगाने पड़ते हैं.

जर्जर तारों से मवेशियों की मौत का भी आरोप

ग्रामीणों के मुताबिक, क्षेत्र में जर्जर बिजली लाइनों की समस्या भी गंभीर बनी हुई है. बीते सप्ताह जर्जर लाइन की चपेट में आने से करीब आधा दर्जन मवेशियों की मौत होने की बात सामने आई है. ग्रामीणों का कहना है कि हादसों के बावजूद विभाग की ओर से अब तक प्रभावी कदम नहीं उठाए गए हैं. लोगों ने अघोषित कटौती बंद करने, जर्जर तारों की मरम्मत कराने और बिजली संबंधी शिकायतों का जल्द निस्तारण करने की मांग की है.

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कोमल अग्रवाल

लेखक के बारे में

By कोमल अग्रवाल

कोमल अग्रवाल पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और वर्तमान में प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. वे डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और विभिन्न विषयों पर समाचार एवं लेख लिखती हैं. इससे पहले उन्होंने प्रिंट और डिजिटल मीडिया में इंटर्नशिप एवं कार्य अनुभव प्राप्त किया है, जहां उन्होंने रिपोर्टिंग, कंटेंट राइटिंग, सोशल मीडिया मैनेजमेंट और वीडियो एडिटिंग जैसे क्षेत्रों में काम किया. उन्होंने पटना विमेंस कॉलेज से जनसंचार एवं पत्रकारिता की पढ़ाई की है. कोमल तथ्यपरक, विश्वसनीय और पाठक-केंद्रित पत्रकारिता में विश्वास रखती हैं तथा सरल, सटीक और प्रभावी समाचार लेखन को प्राथमिकता देती हैं.

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