यूपी में पहली बार नई व्यवस्था, जिला पंचायत अध्यक्ष भी बने प्रशासक, अधिकार रहेंगे सीमित

योगी आदित्यनाथ
UP News: उत्तर प्रदेश में पहली बार जिला पंचायत अध्यक्षों को उनके कार्यकाल समाप्त होने के बाद प्रशासक नियुक्त किया गया है. यह व्यवस्था नई पंचायतों के गठन तक जारी रहेगी. हालांकि, उनके अधिकारों को सीमित कर दिया गया है.
UP News: उत्तर प्रदेश सरकार ने जिला पंचायतों के संचालन को लेकर बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है. शासन ने शुक्रवार रात आदेश जारी कर प्रदेश के सभी 75 जिला पंचायत अध्यक्षों को उनके कार्यकाल समाप्त होने के बाद संबंधित जिला पंचायतों का प्रशासक नियुक्त कर दिया है. यह व्यवस्था नई जिला पंचायतों के गठन तक लागू रहेगी. हालांकि, प्रशासक के रूप में उन्हें बड़े नीतिगत फैसले लेने का अधिकार नहीं होगा.
कार्यकाल समाप्त होने से पहले जारी हुआ आदेश
वर्ष 2021 में हुए त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के बाद जिला पंचायत अध्यक्षों की पहली बैठक 12 जुलाई 2021 को हुई थी. इसी आधार पर उनका पांच वर्षीय कार्यकाल 11 जुलाई 2026 को पूरा हो रहा है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पंचायती राज विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद आदेश जारी कर दिया गया.
पहले डीएम संभालते थे जिम्मेदारी
अब तक जिला पंचायत अध्यक्षों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद संबंधित जिले के जिलाधिकारी (डीएम) को प्रशासक नियुक्त किया जाता था और वही पंचायत का प्रशासनिक कार्य संभालते थे. इस बार सरकार ने व्यवस्था में बदलाव करते हुए निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्षों को ही प्रशासक नियुक्त किया है. नई पंचायतों के गठन तक वे नियमित प्रशासनिक और विकास कार्यों की निगरानी करते रहेंगे.
बड़े नीतिगत फैसलों की अनुमति नहीं
सरकार की ओर से जारी शासनादेश में स्पष्ट किया गया है कि प्रशासक बनाए गए जिला पंचायत अध्यक्ष किसी भी बड़े नीतिगत निर्णय को मंजूरी नहीं दे सकेंगे. हालांकि, नियमित विकास कार्यों, प्रशासनिक संचालन और पहले से चल रही योजनाओं से जुड़े आवश्यक निर्णय लेने का अधिकार उनके पास रहेगा.
ग्राम प्रधानों के बाद जिला पंचायत अध्यक्षों को मिली जिम्मेदारी
प्रदेश सरकार इससे पहले 26 मई को ग्राम पंचायत प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होने पर पहली बार निवर्तमान ग्राम प्रधानों को भी प्रशासक नियुक्त कर चुकी है. पहले यह जिम्मेदारी प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपी जाती थी. अब इसी व्यवस्था को जिला पंचायतों और क्षेत्र पंचायतों में भी लागू किया गया है.
अब ब्लॉक प्रमुखों पर सरकार की नजर
जिला पंचायत अध्यक्षों के बाद अब ब्लॉक प्रमुखों को भी प्रशासक बनाए जाने की तैयारी चल रही है. प्रदेश के ब्लॉक प्रमुखों का कार्यकाल 19 जुलाई को समाप्त होगा. माना जा रहा है कि सरकार 18 जुलाई के आसपास इस संबंध में भी आदेश जारी कर सकती है.
पंचायती राज मंत्री ने कही यह बात
पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि जिला पंचायत अध्यक्षों का कार्यकाल 11 जुलाई को समाप्त हो रहा था. इसे देखते हुए सरकार ने उन्हें प्रशासक नियुक्त करने का निर्णय लिया है, ताकि नई व्यवस्था बनने तक जिला पंचायतों का कामकाज प्रभावित न हो.
ग्राम प्रधानों को प्रशासक बनाने का मामला हाईकोर्ट में
उधर, निवर्तमान ग्राम प्रधानों को प्रशासक बनाए जाने के फैसले को इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ में चुनौती दी गई है. अदालत ने राज्य सरकार से पूछा है कि यह व्यवस्था किस कानूनी प्रावधान के तहत लागू की गई और यह संविधान के अनुरूप कैसे है. साथ ही उत्तर प्रदेश पंचायती राज अधिनियम की धारा 12(3-ए) की वैधता पर भी विचार करने की आवश्यकता जताई है. सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने वर्ष 2000 के 'प्रेम लाल पटेल बनाम उत्तर प्रदेश राज्य' मामले का भी उल्लेख किया, जिसमें इसी प्रकार के प्रावधान को संविधान के अनुच्छेद 243-ई और 243-के के विपरीत मानते हुए असंवैधानिक बताया गया था. हालांकि बाद में सर्वोच्च न्यायालय ने अपील का निस्तारण करते हुए कानून के प्रश्नों को खुला छोड़ दिया था. इस मामले में हाईकोर्ट की अगली सुनवाई 13 जुलाई को होगी.
-कोमल अग्रवाल की रिपोर्ट
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By राधेश्याम कुशवाहा
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