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UP का पहला स्काईवॉक ब्रिज देखना चाहते हैं? जानिए कहां है, क्या है खास और कैसे पहुंचें पूरी जानकारी एक जगह!

Updated at : 28 May 2025 7:09 PM (IST)
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UP का पहला स्काईवॉक ब्रिज देखना चाहते हैं? जानिए कहां है, क्या है खास और कैसे पहुंचें पूरी जानकारी एक जगह!

UP FIRST SKYWALK BRIDGE: उत्तर प्रदेश का पहला स्काईवॉक ब्रिज चित्रकूट में खुला है, जो धार्मिक और प्राकृतिक सौंदर्य का अनोखा संगम प्रस्तुत करता है. ग्लास फ्लोर वाला यह ब्रिज रोमांच, भक्ति और पर्यटन का नया केंद्र बनकर उभरा है. श्रद्धालु और पर्यटक यहां अद्भुत अनुभव प्राप्त कर सकते हैं.

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UP FIRST SKYWALK BRIDGE: उत्तर प्रदेश में पर्यटन और आध्यात्मिकता का संगम अब एक नया रूप ले चुका है. प्रदेश का पहला स्काईवॉक ब्रिज अब जनता के लिए खुल चुका है और यह किसी और जगह नहीं, बल्कि धार्मिक और ऐतिहासिक दृष्टि से प्रसिद्ध चित्रकूट में स्थित है. यदि आप अपने अगले सफर में कुछ नया, रोमांचक और शांत अनुभव चाहते हैं, तो चित्रकूट का यह स्काईवॉक ब्रिज आपके लिए एक परफेक्ट डेस्टिनेशन हो सकता है.

कहां है यह स्काईवॉक ब्रिज?

यह स्काईवॉक ब्रिज उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले में स्थित है, जो उत्तर भारत का एक प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थल माना जाता है. यह ब्रिज कामदगिरि पर्वत क्षेत्र के पास बनाया गया है, जहां हर दिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु कामदगिरि की परिक्रमा करने आते हैं. ब्रिज को इस तरह से डिज़ाइन किया गया है कि यह आसपास के प्राकृतिक और धार्मिक स्थलों का एक ही स्थान से अवलोकन करने का अवसर देता है.

क्या है इस स्काईवॉक ब्रिज की खासियत?

चित्रकूट स्काईवॉक ब्रिज को पूरी तरह से ग्लास फ्लोर से तैयार किया गया है. इसका मतलब है कि आप जब इस पुल पर चलते हैं, तो नीचे का पूरा दृश्य आपको पारदर्शी फर्श से साफ-साफ दिखाई देता है. नीचे फैली हरियाली, मंदाकिनी नदी की लहरें और घाटियों का नज़ारा इतना अद्भुत होता है कि वह पल जीवन भर के लिए स्मृति बन जाता है.

यह अनुभव श्रद्धालुओं के लिए सिर्फ एक दर्शन भर नहीं है, बल्कि उनके लिए एक नया रोमांच भी है. यह स्काईवॉक एक साथ रोमांच, आध्यात्मिकता और प्राकृतिक सौंदर्य का एहसास कराता है और यही इसे खास बनाता है.

पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए लाभ

यह ब्रिज सिर्फ देखने योग्य स्थान नहीं, बल्कि एक पूरी पर्यटन योजना का हिस्सा है. इसका निर्माण इस उद्देश्य से किया गया है कि धार्मिक पर्यटन को आधुनिक स्वरूप दिया जा सके और युवाओं को भी आकर्षित किया जा सके. फोटोग्राफी, एडवेंचर और शांति की तलाश में निकले लोगों के लिए यह स्थान किसी स्वर्ग से कम नहीं है.

साथ ही, यह पहल स्थानीय लोगों के लिए भी रोज़गार के अवसर लेकर आई है. टूर गाइड, दुकानें, स्थानीय हस्तशिल्प, खान-पान आदि के माध्यम से कई छोटे व्यवसायों को बढ़ावा मिलेगा.

सुरक्षा और सुविधा का विशेष ध्यान

ब्रिज के निर्माण में सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है. इसमें हाई क्वालिटी टेम्पर्ड ग्लास का उपयोग किया गया है जो भारी वजन सहन करने में सक्षम है. रेलिंग, सीसीटीवी कैमरे, लाइटिंग और आपातकालीन सेवाओं जैसी सुविधाएं इस ब्रिज को पूर्ण रूप से सुरक्षित बनाती हैं. दिव्यांग और बुजुर्ग यात्रियों के लिए भी विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं जैसे रैंप और सहायक स्टाफ.

कैसे पहुंचें चित्रकूट?

चित्रकूट का स्काईवॉक ब्रिज किसी भी बड़े शहर से पहुंचने के लिए सुविधाजनक है:

रेल मार्ग: नजदीकी रेलवे स्टेशन चित्रकूटधाम करवी है, जो प्रयागराज, सतना, झांसी जैसे प्रमुख शहरों से सीधा जुड़ा है.

सड़क मार्ग: चित्रकूट उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश दोनों राज्यों के प्रमुख शहरों से सीधे सड़क मार्ग से जुड़ा हुआ है.

हवाई मार्ग: निकटतम एयरपोर्ट प्रयागराज (लगभग 120 किमी) और खजुराहो (लगभग 140 किमी) पर स्थित हैं, जहां से टैक्सी और बस की सुविधा आसानी से उपलब्ध है.

घूमने का सही समय

चित्रकूट का मौसम अक्टूबर से मार्च के बीच सबसे सुहावना होता है. इन महीनों में यहां का प्राकृतिक सौंदर्य अपनी चरम पर होता है और श्रद्धालु भी बड़ी संख्या में आते हैं. इस दौरान स्काईवॉक ब्रिज पर घूमना और फोटो खिंचवाना एक बेहद खास अनुभव बन जाता है.

आसपास के दर्शनीय स्थल

स्काईवॉक ब्रिज के आसपास कई धार्मिक और प्राकृतिक स्थल भी हैं जिन्हें आप एक ही यात्रा में देख सकते हैं:- कामदगिरि परिक्रमा मार्ग, गुप्त गोदावरी गुफाएं, हनुमान धारा, सती अनुसूया आश्रम, रामघाट और भरतकूप.

चित्रकूट का स्काईवॉक ब्रिज केवल एक आधुनिक संरचना नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश में पर्यटन के नए युग की शुरुआत है. यह प्रदेश का पहला स्काईवॉक ब्रिज है जो न सिर्फ श्रद्धालुओं के लिए, बल्कि पर्यटकों के लिए भी एक नया अनुभव लेकर आया है. अगर आप प्राकृतिक सुंदरता, धार्मिकता और रोमांच का अनूठा संगम एक ही स्थान पर अनुभव करना चाहते हैं, तो अगली बार चित्रकूट ज़रूर जाएं और इस स्काईवॉक ब्रिज पर चलकर जिंदगी के यादगार पलों को महसूस करें.

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Abhishek Singh

लेखक के बारे में

By Abhishek Singh

Abhishek Singh is a contributor at Prabhat Khabar.

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