शादी के नाम पर AI से साइबर फ्रॉड, फर्जी दुल्हनों की प्रोफाइल दिखाकर 1000 लोगों से ठगी, 3 गिरफ्तार

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सांकेतिक त्स्वीर

AI सांकेतिक त्स्वीर

UP Cyber Fraud कानपुर में पुलिस ने शादी के नाम पर साइबर ठगी करने वाले एक फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है आरोपी AI तकनीक का इस्तेमाल कर आकर्षक दुल्हनों की फर्जी तस्वीरें बनाते और लोगों को लाखों का चूना लगाते थे इस मामले में 3 लोगों को गिरफ्तार किया गया है

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UP Cyber Fraud: कानपुर में शादी के नाम पर साइबर ठगी करने वाले एक फर्जी मैट्रिमोनियल कॉल सेंटर का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है. आरोपियों ने एआई तकनीक की मदद से आकर्षक दुल्हनों की फर्जी तस्वीरें तैयार कर लोगों को शादी का झांसा दिया और उनसे लाखों रुपये की ठगी की. पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो युवतियों समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. मौके से कंप्यूटर, लैपटॉप, मोबाइल फोन, बड़ी संख्या में सिम कार्ड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए हैं. शुरुआती जांच में करीब 1000 लोगों को ठगी का शिकार बनाए जाने की बात सामने आई है.

आवास विकास में चल रहा था फर्जी कॉल सेंटर

पुलिस के अनुसार, कल्याणपुर थाना क्षेत्र के आवास विकास इलाके में ऑनलाइन मैच पॉइंट नाम से एक फर्जी मैट्रिमोनियल कॉल सेंटर संचालित किया जा रहा था. गिरोह विभिन्न मैट्रिमोनियल वेबसाइटों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से शादी के इच्छुक युवक-युवतियों का डेटा जुटाता था. इसके बाद कॉल कर अच्छे रिश्ते का भरोसा दिया जाता और उन्हें अपनी वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन व मेंबरशिप लेने के लिए तैयार किया जाता था.

AI से तैयार होती थीं आकर्षक प्रोफाइल

जांच में पता चला कि कॉल सेंटर में एआई एक्सपर्ट भी काम करते थे. उनकी मदद से बेहद आकर्षक युवक-युवतियों की तस्वीरें तैयार की जाती थीं. इन तस्वीरों का इस्तेमाल फर्जी प्रोफाइल बनाने में किया जाता था. जब कोई व्यक्ति शादी के लिए संपर्क करता, तो उसे ये तस्वीरें भेजकर भरोसा दिलाया जाता और फिर धीरे-धीरे उससे पैसे ऐंठे जाते थे.

पुलिस की छापेमारी में तीन आरोपी गिरफ्तार

मामले की सूचना मिलने के बाद कल्याणपुर पुलिस ने सोमवार रात कॉल सेंटर पर छापा मारा. कार्रवाई के दौरान बर्रा निवासी विक्रम खूटे और कल्याणपुर निवासी अनुराधा व प्रियंका को गिरफ्तार किया गया. पुलिस ने मौके से कई कंप्यूटर, लैपटॉप, मोबाइल फोन, यूज्ड सिम कार्ड, हार्ड डिस्क और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं, जिनकी जांच की जा रही है.

हर कर्मचारी को रोज 100 लोगों को फंसाने का टारगेट

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि कॉल सेंटर में 20 से अधिक युवतियां काम करती थीं. कर्मचारियों को रोजाना कम से कम 100 लोगों से संपर्क कर उन्हें जाल में फंसाने का लक्ष्य दिया जाता था. शुरुआत में 500 रुपये की मेंबरशिप फीस ली जाती थी. इसके बाद बेहतर रिश्ता, विशेष प्रोफाइल और अन्य सुविधाओं के नाम पर लगातार पैसे वसूले जाते थे. पुलिस के अनुसार, इस गिरोह ने अब तक करीब 1000 लोगों को अपना शिकार बनाया है. इनमें कई राज्यों के लोग और एनआरआई भी शामिल हैं.

दूसरे प्लेटफॉर्म से चुराते थे लोगों का डेटा

डीसीपी वेस्ट एसएम कासिम आबिदी ने बताया कि आरोपी पहले दूसरी मैट्रिमोनियल वेबसाइटों और सोशल मीडिया से शादी के इच्छुक लोगों की जानकारी जुटाते थे. इसके बाद उन्हें फोन कर भरोसे में लिया जाता और फर्जी वेबसाइट पर लाकर सदस्यता दिलाई जाती थी. पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क, बैंक खातों और डिजिटल लेनदेन की जांच कर रही है. साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि गिरोह के अन्य सदस्य कहां-कहां सक्रिय हैं.

-खुशबू कुमारी की रिपोर्ट

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राधेश्याम कुशवाहा

लेखक के बारे में

By राधेश्याम कुशवाहा

पत्रकारिता की क्षेत्र में 13 साल का अनुभव है. इस सफर की शुरुआत राज एक्सप्रेस न्यूज पेपर भोपाल से की. यहां से आगे बढ़ते हुए समय जगत, राजस्थान पत्रिका, हिंदुस्तान न्यूज पेपर के बाद वर्तमान में प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में धर्म अध्यात्म एवं राशिफल डेस्क पर कार्यरत हैं. ज्योतिष शास्त्र, व्रत त्योहार, राशिफल के आलावा राजनीति, अपराध और पॉजिटिव खबरों को लिखने में रुचि हैं.

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