चंपत राय बेदाग हैं, बस करीबी लोगों पर ज्यादा भरोसा किया, बोले ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष

चढ़ावे का पूरा रिकॉर्ड सुरक्षित
राम मंदिर चढ़ावा विवाद के बाद श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि ने महत्वपूर्ण खुलासे किए हैं. उन्होंने ट्रस्ट की व्यवस्था में सुधार और दोषियों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया है. स्वामी गोविंद देव गिरि ने महासचिव चंपत राय का बचाव करते हुए कहा कि उन पर जरूरत से ज्यादा भरोसा करने की गलती हुई. उन्होंने एसबीआई की भूमिका पर भी सवाल उठाए और बताया कि चढ़ावे का पूरा रिकॉर्ड सुरक्षित है.
Ayodhya Ram Mandir: राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित विवाद के बाद श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की पहली अहम बैठक सोमवार की शाम करीब तीन घंटे तक चली थी. बैठक के बाद ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि ने मीडिया से बातचीत करते हुए कई महत्वपूर्ण बातें साझा कीं. उन्होंने स्पष्ट कहा कि ट्रस्ट व्यवस्था में जरूरी सुधार करेगा, ताकि भविष्य में किसी भी तरह के संदेह की गुंजाइश न रहे. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के बाद ही सच्चाई सामने आएगी.
चंपत राय का बचाव करते हुए बोले- उनकी सबसे बड़ी गलती जरूरत से ज्यादा भरोसा करना
स्वामी गोविंद देव गिरि ने ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय का बचाव करते हुए कहा कि वह उन्हें पिछले 32 वर्षों से जानते हैं. चंपत राय का जीवन हमेशा राम जन्मभूमि आंदोलन के लिए समर्पित रहा है. उनकी सबसे बड़ी गलती केवल इतनी थी कि उन्होंने अपने करीबी लोगों पर जरूरत से ज्यादा भरोसा कर लिया. उन्होंने कहा कि उनकी नजर में चंपत राय बेदाग हैं और उन्हें अपराधी नहीं माना जा सकता. हालांकि, भरोसा करने में उनसे लापरवाही जरूर हुई, जिसका फायदा कुछ लोगों ने उठाया.
SBI की भूमिका पर भी उठाए सवाल
कोषाध्यक्ष ने कहा कि इस पूरी प्रक्रिया में भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की भी जिम्मेदारी बनती है, क्योंकि चढ़ावे से जुड़ी व्यवस्था बैंक के सहयोग से संचालित की जा रही थी. उनके अनुसार, अगर इस व्यवस्था में कोई चूक हुई है तो उसकी जवाबदेही केवल ट्रस्ट की नहीं, बल्कि एसबीआई की भी है. उन्होंने यह भी कहा कि उनकी राय में इस मामले में प्राथमिकी (FIR) ट्रस्ट के बजाय एसबीआई की ओर से दर्ज की जानी चाहिए थी, हालांकि ट्रस्ट ने आगे बढ़कर खुद शिकायत दर्ज कराई.
चढ़ावे का पूरा रिकॉर्ड सुरक्षित, मीडिया को दिखाई गईं चार वस्तुएं
बैठक के बाद स्वामी गोविंद देव गिरि ने मीडिया के सामने वे चार वस्तुएं भी पेश कीं, जिनके चोरी होने का दावा किया जा रहा था. उन्होंने बताया कि ट्रस्ट के पास श्रद्धालुओं द्वारा भेंट की गई 2,926 प्रकार की वस्तुओं का पूरा रिकॉर्ड मौजूद है. इसके लिए अलग रजिस्टर तैयार किया गया है और हर वर्ष स्वतंत्र चार्टर्ड अकाउंटेंट फर्म द्वारा इसका सत्यापन भी कराया जाता है. उन्होंने कहा कि जिन चार वस्तुओं को दिखाया गया, वे केवल उदाहरण के तौर पर थीं. ट्रस्ट के पास सभी दान और उपहार सुरक्षित दर्ज हैं और श्रद्धालु चाहें तो निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपने दान की जानकारी भी प्राप्त कर सकते हैं.
व्यवस्था में होगा बदलाव, बनाई गई तीन सदस्यीय समिति
स्वामी गोविंद देव गिरि ने बताया कि बैठक में ट्रस्ट की व्यवस्थाओं को और मजबूत बनाने का फैसला लिया गया है. इसके लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की गई है, जो ट्रस्टी बोर्ड के लिए योग्य नामों का चयन करेगी. इस समिति में रिटायर्ड जस्टिस प्रदीप कोहली, रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत चतुर्वेदी और सुरेश हावड़े को शामिल किया गया है. समिति विभिन्न उम्मीदवारों का इंटरव्यू लेकर अपनी सिफारिश ट्रस्ट को सौंपेगी, जिसके बाद अंतिम चयन किया जाएगा.
जांच पूरी होने तक किसी को दोषी ठहराना ठीक नहीं
ट्रस्ट की ओर से कहा गया कि पूरे मामले की कानूनी जांच जारी है और अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा. इसलिए अभी किसी भी व्यक्ति को दोषी ठहराना उचित नहीं होगा. ट्रस्ट ने दोहराया कि दोषी चाहे कोई भी हो, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए. साथ ही भविष्य में चढ़ावे और दान की व्यवस्था को पहले से अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे.
हिमाचल के मुख्यमंत्री ने भी जताई प्रतिक्रिया
इसी बीच हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू मंगलवार को अपने मंत्रिमंडल और कांग्रेस विधायकों के साथ पैदल मार्च करते हुए शिमला के ऐतिहासिक राम मंदिर पहुंचे. वहां उन्होंने भगवान श्रीराम की पूजा-अर्चना की, भजन-कीर्तन में हिस्सा लिया और मंदिर की परिक्रमा की. इस दौरान उन्होंने कहा कि यह केवल पैसों की चोरी का मामला नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ा विषय है. उन्होंने बताया कि जब राम मंदिर निर्माण के लिए देशभर में चंदा एकत्र किया जा रहा था, तब उन्होंने भी विधायक रहते हुए श्रद्धा के साथ योगदान दिया था. उन्होंने यह भी याद दिलाया कि रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा के अवसर पर हिमाचल प्रदेश सरकार ने पूरे दिन का सार्वजनिक अवकाश घोषित किया था. - कोमल अग्रवाल की रिपोर्ट
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By राधेश्याम कुशवाहा
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