‘आशीर्वाद का दीया’ पर अब शुरू होगा सियासी हंगामा, ओपी राजभर का कांग्रेस, सपा और वामपंथी दलों पर निशाना
ओपी राजभर का कांग्रेस, सपा और वामपंथी दलों पर निशाना
UP Politics: सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के प्रमुख ओपी राजभर ने पीएम मोदी के जन्मदिन पर चलाए गए 'आशीर्वाद का दीया' अभियान को लेकर कांग्रेस, सपा और वामपंथी दलों पर कड़ा प्रहार किया है. उन्होंने अभियान में पिछड़े, दलित और अति पिछड़े वर्गों की भागीदारी का जिक्र करते हुए विरोधियों पर सवाल उठाए.
UP Politics: लखनऊ, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के प्रमुख और प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर चलाए गए ‘आशीर्वाद का दीया’ अभियान को लेकर कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और वामपंथी दलों पर निशाना साधा. सोशल मीडिया पोस्ट में राजभर ने दावा किया कि अभियान को लेकर आगे विरोध और सवाल उठाए जाएंगे. उन्होंने कहा कि पिछड़े, दलित और अति पिछड़े वर्गों के लोगों ने अभियान में भाग लेकर प्रधानमंत्री को समर्थन और आशीर्वाद दिया.
तेल और दीयों को लेकर बयानबाजी का दावा
राजभर ने अपने पोस्ट में कहा कि एक-दो दिन बाद अभियान में इस्तेमाल हुए तेल और दीयों को लेकर राजनीतिक बयानबाजी शुरू हो सकती है. उन्होंने कांग्रेस, सपा और वामपंथियों पर अभियान को लेकर शोर मचाने की बात कही. राजभर के मुताबिक, घांची-तेली समाज से आने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन मनाया गया. उन्होंने कहा कि सेवा संकल्प अभियान के तहत अति पिछड़े और दलित समाज के लोगों ने भी कार्यक्रमों में हिस्सा लिया और आशीर्वाद का दीया जलाया.
वामपंथी राजनीति की सामाजिक पृष्ठभूमि पर सवाल
कैबिनेट मंत्री ने अपने बयान में वामपंथी राजनीति और समाजवादी दलों की पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि पिछड़े और दलित वर्गों को जाति तथा सामाजिक व्यवस्था के मुद्दों पर समझाने वाले नेताओं की सामाजिक पृष्ठभूमि पर भी चर्चा होनी चाहिए. राजभर ने दावा किया कि वामपंथी विचारधारा से जुड़े प्रभावशाली पदों पर लंबे समय तक अगड़े वर्गों के लोग रहे हैं. उन्होंने अति पिछड़ों, दलितों और बहुजन समाज से इस विषय पर विचार करने की अपील भी की.
गरीब परिवारों से निकले नेताओं को लेकर टिप्पणी
राजभर ने कहा कि गरीब या सामान्य परिवार से निकलकर कोई व्यक्ति आगे बढ़ता है तो अक्सर कुछ लोगों को यह स्वीकार नहीं होता. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित विभिन्न पिछड़े और दलित नेताओं का उदाहरण देते हुए यह दावा किया. इसके अलावा उन्होंने वामपंथी और समाजवादी राजनीति पर तंज कसते हुए कहा कि कुछ लोग पहले मार्क्स, लेनिन, लोहिया या जेपी के विचारों की बात करते थे, लेकिन अब उनके नारों और राजनीतिक भाषा में बदलाव दिखाई देता है.
पिछड़ा-दलित समाज को लेकर राजभर का दावा
अपने पोस्ट के अंतिम हिस्से में राजभर ने भारतीय वामपंथ को कांग्रेस से जोड़ते हुए कई आरोप लगाए और कहा कि पिछड़ा-दलित समाज अब पहले की तुलना में अधिक जागरूक है. उन्होंने दावा किया कि इन वर्गों को अलग करने की कोशिशों के बावजूद वे आगे चलकर और संगठित होंगे. राजभर ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव को टैग करते हुए अपनी बात रखी. उनके ये बयान प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन से जुड़े कार्यक्रमों के बीच सामने आए हैं.
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