ePaper

व्यास तहखाने में होती रहेगी पूजा, इलाहाबाद HC से इंतेजामिया मस्जिद कमेटी को नहीं मिली राहत

Updated at : 02 Feb 2024 1:42 PM (IST)
विज्ञापन
व्यास तहखाने में होती रहेगी पूजा, इलाहाबाद HC से इंतेजामिया  मस्जिद कमेटी  को नहीं मिली राहत

वाराणसी जिला जज ने 31 जनवरी को व्यास जी तहखाने में पूजा करने की अनुमति दी थी. इसके इंतजाम के लिए सात दिन का समय दिया था. काशी विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट ने 31 जनवरी की रात को ही पूजा शुरू कर दी.

विज्ञापन

प्रयागराज: ज्ञानवापी परिसर में स्थित व्यास जी तहखाने में पूजा होती रहेगी. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी की पूजा रोकने की याचिका को खारिज कर दिया है. मसाजिद कमेटी ने वाराणसी जिला जल के 31 जनवरी के आदेश पर रोक लगाने की मांग की थी. इस मामले में अब 6 फरवरी को अगली तारीख दी गई है. हाईकोर्ट ने जिलाधिकारी वाराणसी को व्यास तहखाने की सुरक्षा करने का आदेश दिया है.

व्यास जी तहखाने में पूजा शुरू करने के विरोध में मस्जिद कमेटी ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी. सुबह 3 बजे उनकी सुनवाई हुई, सुप्रीम कोर्ट से उन्हें राहत नहीं मिली थी और हाईकोर्ट जाने के लिए कहा गया था. इस पर कमेटी ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी. जिसमें भी उसे राहत नहीं मिली है.

Also Read: ज्ञानवापी के व्यास तहखाने में पूजा शुरू, काशी विश्वनाथ मंदिर के मुख्य पुजारी रहे मौजूद
नवंबर 1993 के बाद से व्यास तहखाने में बंद थी पूजा

हिन्दू पक्ष का कहना था कि नवंबर 1993 तक सोमनाथ व्यास जी का परिवार उस तहखाने में पूजा पाठ करता था, जिसे तत्कालीन मुलायम सिंह यादव सरकार के शासनकाल में बंद करा दिया गया था. 31 जनवरी की रात को ही कोर्ट के आदेश के बाद व्यास जी तहखाने के सामने बैरिकेडिंग हटा दी गई थी. विश्वनाथ मंदिर के सामने से रास्ता बनाकर व्यास जी के तहखाने में आने जाने की व्यवस्था की गई. मंडलायुक्त कौशल राज शर्मा भी रात को ही विश्वानाथ मंदिर पहुंच गए थे.

Also Read: UP Budget 2024 Live : अखिलेश यादव का सरकार पर हमला, कहा-यूपी में ईज ऑफ डूइंग क्राइम है
चार महीने में पूजा का आया फैसला

हिंदू पक्ष का कहना था कि नवंबर 1993 तक सोमनाथ व्यास जी का परिवार उस तहखाने में पूजा पाठ करता था, जिसे तत्कालीन मुलायम सिंह यादव सरकार के शासनकाल में बंद करा दिया गया था. इस मामले में मात्र चार महीने में जिला जज कोर्ट ने फैसला दिया है. वादी शैलेंद्र कुमार पाठक ने 25 सितंबर को सिविल जज सीनियर डिवीजन कोर्ट में पूजा का अधिकार देने का वाद दाखिल किया था. इसके बाद उसी दिन इसे जिला जज कोर्ट में स्थानांतरित करने का प्रार्थना पत्र दिया था. 7 अक्तूबर को सिविल जज ने इस मामले को जिला जज कोर्ट में स्थानांतरित करने का आदेश दिया था.

Also Read: UP Breaking News Live : आगरा में जगद्गुरु रामभद्राचार्य की अचानक बिगड़ी तबियत, पुष्पांजलि अस्पताल में भर्ती

विज्ञापन
Amit Yadav

लेखक के बारे में

By Amit Yadav

UP Head (Asst. Editor)

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola