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इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, बिना कारण अलग रह रही पत्नी को नहीं मिलेगा गुजारा भत्ता

Updated at : 13 Jul 2025 10:13 AM (IST)
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Allahabad High Court

Allahabad High Court

Allahabad High Court: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि अगर पत्नी बिना वैध कारण पति से अलग रहती है, तो उसे गुजारा भत्ता नहीं मिलेगा. मेरठ फैमिली कोर्ट का फैसला रद्द कर मामला दोबारा सुनवाई के लिए भेजा गया. अंतरिम भत्ता फिलहाल जारी रहेगा.

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Allahabad High Court: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाया है, जिसमें कहा गया है कि अगर कोई पत्नी बिना ठोस वजह के पति को छोड़कर अलग रह रही है, तो वह गुजारा भत्ता की हकदार नहीं मानी जाएगी. जस्टिस सुभाष चंद्र शर्मा की एकल पीठ के इस फैसले ने मेरठ की फैमिली कोर्ट के 17 फरवरी 2025 के आदेश को रद्द कर दिया है.

कोर्ट ने दिया आदेश रद्द करने का निर्देश

यह फैसला विपुल अग्रवाल की पुनरीक्षण याचिका पर सुनवाई के बाद दिया गया. हाई कोर्ट ने माना कि परिवार अदालत ने यह स्वीकार किया कि पत्नी यह साबित नहीं कर सकी कि वह उचित कारण से पति से अलग रह रही है, इसके बावजूद उसके पक्ष में ₹5,000 प्रति माह गुजारा भत्ता तय किया गया.

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धारा 125(4) का उल्लंघन- हाईकोर्ट

हाई कोर्ट ने कहा कि पारिवारिक न्यायालय का यह फैसला परस्पर विरोध में है और यह दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 125(4) के प्रावधानों का उल्लंघन करता है, जिसके मुताबिक पत्नी
अगर बिना किसी ठोस वजह के पति के साथ नहीं रहती है, तो वह गुजारा भत्ते की अधिकारी नहीं होती है.

अंतरिम भत्ते का आदेश बरकरार

हालांकि, कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि जब तक याचिका विचाराधीन है, तब तक पत्नी और बच्चे के गुजारा के लिए क्रमश: 3 हजार और 2 हजार रुपए हर महीना पति देता रहेगा. इसके साथ ही कोर्ट ने मामला दोबारा पारिवारिक अदालत को सौंपते हुए निर्देश दिया कि दोनों पक्षों की पूर्ण सुनवाई के बाद नया निर्णय सुनाया जाए.

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पक्ष की दलीलें

पति के वकील ने दलील दी कि पत्नी बिना वैध कारण के अलग रह रही थी और अदालत ने याचिकाकर्ता की आय का आकलन किए बिना गुजारा भत्ता तय कर दिया. वहीं पत्नी की ओर से कहा गया कि वह पति द्वारा उपेक्षा के कारण अलग रह रही है, इसलिए भत्ते की हकदार है.

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Shashank Baranwal

लेखक के बारे में

By Shashank Baranwal

जीवन का ज्ञान इलाहाबाद विश्वविद्यालय से, पेशे का ज्ञान MCU, भोपाल से. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल के नेशनल डेस्क पर कार्य कर रहा हूँ. राजनीति पढ़ने, देखने और समझने का सिलसिला जारी है. खेल और लाइफस्टाइल की खबरें लिखने में भी दिलचस्पी है.

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