अभिव्यक्ति का उपवन में नन्हें बच्चों ने दिखायी अभिनय और संवाद अदायगी की प्रतिभा

Updated at : 26 Jun 2023 6:42 PM (IST)
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अभिव्यक्ति का उपवन में नन्हें बच्चों ने दिखायी अभिनय और संवाद अदायगी की प्रतिभा

कार्यशाला में संगीत नाटक आकदमी अवार्ड से सम्मानित वरिष्ठ कलाकार ललित सिंह पोखरिया ने भी बच्चों को एक्टिंग के गुर सिखाये. सत्यमेव जयते, थप्पड़ जैसी फिल्मों और आश्रम वेब सिरीज में अपने एक्टिंग का जलवा बिखेर चुके संदीप यादव ने भी बच्चों को अभिनय और डायलॉग बोलने का प्रशिक्षण दिया.

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लखनऊ: भारतेंदु नाट्य अकादमी के थ्रस्ट ऑडिटोरियम में छोटे-छोटे बच्चों ने अपनी अभिनय क्षमता का अद्भुत प्रदर्शन किया. इन बच्चों ने कार्यशाला की समाप्ति के बाद “अभिव्यक्ति का उपवन” नामक प्रस्तुति से सबका मन मोह लिया. परफॉर्मिंग आर्ट्स एंड सुपर स्किल स्कूल (PS3) और निसर्ग संस्था के सहयोग से 30 दिन तक बाल नाट्य कार्यशाला एक्टिंग के गुर सिखाये थे.

बच्चों ने सीखी थिएटर परफार्मेंस की बारीकियां

इस कार्यशाला में बच्चों को थिएटर परफार्मेंस की बारीकियां सिखायी गयीं. संगीत नाटक आकदमी अवार्ड से सम्मानित वरिष्ठ कलाकार ललित सिंह पोखरिया ने भी बच्चों को एक्टिंग के गुर सिखाये. सत्यमेव जयते, थप्पड़ जैसी फिल्मों और आश्रम वेब सिरीज में अपने एक्टिंग का जलवा बिखेर चुके संदीप यादव ने भी बच्चों को अभिनय और डायलॉग बोलने का प्रशिक्षण दिया.

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नुक्कड़ नाटक ‘कैसा ये मजाक है’ न मन मोहा

संदीप यादव के गीत-संगीत में तैयार किये नुक्कड़ नाटक ‘कैसा ये मजाक है’ का मंचन भी किया गया. इसमें सावी, हंसुजा, ईशान, ओशिका, नंदिका, अद्विका, हिया, आनव यादव आदि ने पर्यावरण बचाने का नाटक करने वाले लोगों पर कटाक्ष किया. ललित सिंह पोखरिया के नेतृत्व में बच्चों ने एक संवाद को 18 तरीके से बोलकर दिखाया.

संवाद अदायगी में दिखायी प्रतिभा

छोटे बच्चों के वर्ग में 7 बच्चों ने अलग-अलग संवादों को अलग-अलग मनोभाव में प्रस्तुत किया. सईदा हुसैन का संवाद था -क्या तुम मुझसे दोस्ती करोगे? आरव अवस्थी का संवाद था- मैं अपनी फैमिली से प्यार करता हूं. इदिका सिंह चौहान का संवाद था -हमें पानी वेस्ट नहीं करना चाहिए. ईशान मिश्रा का संवाद था- हमें पेड़ लगाने चाहिए. विदिता अग्रवाल का संवाद था -मेरी किताब कहां है ? मायरा रजी सिद्दीकी का संवाद था-क्या तुम उससे डरते हो? रायन तुलसी का संवाद था- तुम्हारे पास घर नहीं है क्या? तन्वी जायसवाल का संवाद था-आज मैं खाने में क्या खाऊं?

लघु नाटिका “हम जैसे हैं अच्छे हैं” का हुआ प्रदर्शन

अप्रतिम गुप्ता, देवी संदीप देशपांडे और शिवा सिंह ने भावाभिव्यक्ति का प्रदर्शन किया. तीनों बच्चों ने एक ही वाक्य “कैसा कैसा खाना बना रखा है” को श्रृंगार, हास्य, करुण, वीर, रौद्र, भयानक, आश्चर्य और वीभत्स रस में अभिव्यक्त किया. लघु नाटिका “हम जैसे हैं अच्छे हैं” में अनुश्री जैन, अप्रतिम गुप्ता, आरना सिन्हा, आर्नव सिन्हा, सैयदा हुसैन “बॉडी शेमिंग” को लेकर संदेश दिया.

प्रतिभागियों को दिये गये प्रमाण पत्र

इसके बाद देवी संदीप देशपांडे ने अपने जीवन के अनुभव के आधार पर एकल प्रस्तुति दी. इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सेवानिवृत्त बेसिक शिक्षा निदेशक डॉ. सर्वेंद्र विक्रम सिंह, विशिष्ट अतिथि सेवानिवृत्त संयुक्त निदेशक सूचना अशोक बनर्जी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र दिये.

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