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SriKrishna Janmabhoomi : श्रीकृष्ण जन्मभूमि ट्रस्ट ने मथुरा की सिविल अदालत में एक नया मुकदमा दायर किया

Updated at : 12 Aug 2023 6:06 PM (IST)
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SriKrishna Janmabhoomi : श्रीकृष्ण जन्मभूमि ट्रस्ट ने मथुरा की सिविल अदालत में एक नया मुकदमा दायर किया

जन्मभूमि ट्रस्ट की ओर से पेश वकील महेश चतुर्वेदी ने कहा कि अदालत ने मुकदमा स्वीकार कर लिया है, लेकिन मामला इलाहाबाद उच्च न्यायालय को भेजा जाएगा.

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लखनऊ. श्रीकृष्ण जन्मभूमि ट्रस्ट ने सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत में एक नया मुकदमा दायर किया है. इसमें श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह विवाद के केंद्र में पूरे भूखंड के स्वामित्व का दावा किया गया है. श्री कृष्ण जन्मभूमि ट्रस्ट की ओर से ट्रस्टी विनोद कुमार बिंदल और ओमप्रकाश सिंघल ने कोर्ट में दावा पेश किया है.जन्मभूमि ट्रस्ट की ओर से पेश वकील महेश चतुर्वेदी ने कहा कि अदालत ने मुकदमा स्वीकार कर लिया है, लेकिन मामला इलाहाबाद उच्च न्यायालय को भेजा जाएगा क्योंकि वह कृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह विवाद से संबंधित अन्य मामलों की सुनवाई कर रहा है. जिला शासकीय अधिवक्ता संजय गौड़ ने भी कहा कि कोर्ट ने मुकदमा स्वीकार कर लिया है और अन्य याचिकाओं की तरह इसकी सुनवाई भी इलाहाबाद हाईकोर्ट में होगी. कई दशकों से विवादित जमीन के दावा को लेकर दोनों ही पक्ष हिन्दू और मुस्लिम अदालती लड़ाई लड़ रहे हैं.

इस कारण है जमीन का यह विवाद ?

उत्तर प्रदेश के मथुरा जिला में स्थित श्रीकृष्ण जन्मभूमि से जुड़ा पूरा मामला 13.37 एकड़ जमीन को लेकर है. यह विवादित जमीन शाही ईदगाह मस्जिद के स्वामित्व में है. हिन्दुओं के पक्षकार दावा करते हैं कि इस जमीन पर भगवान केशवदेव का का मंदिर था. मुगलकाल में हुए आक्रमण में इस मंदिर को तोड़ दिया गया था. वर्तमान में 13.37 एकड़ जमीन का यह टीला मंदिर के ही अवशेष हैं. अंग्रेजों ने 1803 में यहां अपने पैर जमा लिए थे. इसके 12 साल बाद 1815 में कटरा केशवदेव की जमीन को नीलाम कर दिया था. हिन्दू पक्ष दावा करता है नीलामी में बनारस के राजा पटनीमल ने इस जमीन को 1410 रुपये में खरीद लिया था. हिन्दू पक्ष इसी विवादित जमीन पर श्रीकृष्ण का मंदिर बनाना चाहते हैं.

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मुस्लिम पक्ष का है यह दावा

उत्तर प्रदेश के मथुरा जिला में स्थित श्रीकृष्ण जन्मभूमि से जुड़ी शाही ईदगाह मस्जिद के स्वामित्व वाली 13.37 एकड़ जमीन को लेकर मुस्लिम पक्ष का अपना दावा है. मुस्लिम पक्ष दावा करता है कि 1815 में कटरा केशवदेव की जमीन की नीलामी हुई थी तो उस जमीन का कुछ भाग मुस्लिमों को सौंप दिया गया था. शादी ईदगाह इसी जमीन पर बना हुआ है.

कोर्ट  पहले लगा चुका है शाही ईदगाह के सर्वे पर रोक

इससे पहले 5 अप्रैल दिन बुधवार को मथुरा की सिविल जज सीनियर डिवीजन फास्ट ट्रैक कोर्ट ने श्री कृष्ण जन्मस्थान और शाही ईदगाह मस्जिद मामले में सुनवाई हुई इस दौरान कोर्ट ने बड़ा आदेश दिया है. कोर्ट ने शाही ईदगाह के सर्वे पर रोक लगा दी है. इस मामले की सुनवाई अब 11 अप्रैल को होगी. आपको बता दें 29 मार्च को कोर्ट ने शाही ईदगाह का अमीन सर्वे करने का आदेश दिया था. इस आदेश पर आपत्ति जताते हुए मुस्लिम पक्ष ने सीनियर डिवीजन कोर्ट ने प्रार्थना पत्र दाखिल किया था.कोर्ट ने बुधवार को सुनवाई करते हुए अमीन सर्वे पर स्टे लगा दिया.

मुस्लिम पक्ष ने दाखिल किया था रिवीजन

शाही ईदगाह मस्जिद मामले में मुस्लिम पक्ष के वकील नीरज शर्मा ने बताया कि कोर्ट ने पत्रावली का संपूर्ण अवलोकन किए बिना ही आदेश जारी कर दिए थे. सामन्यत: हर केस में अधिकतर होता है, लेकिन यह मामला ऐसा नहीं था जिसमें अमीन कमीशन जारी होना चाहिए. 8 दिसंबर को एक आदेश जारी किया गया था जो एक पक्षीय था. उसके बाद फिर मुस्लिम पक्ष की बिना उपस्थिति के आदेश जारी कर दिया गया. इसके खिलाफ कोर्ट में प्रार्थना पत्र दाखिल किया गया. कोर्ट को बताया गया कि पहले 7 रूल 11 पर सुनवाई हो. इसके साथ ही अमीन सर्वे पर रोक लगाई जाए.

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अनुज शर्मा

लेखक के बारे में

By अनुज शर्मा

Senior Correspondent

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