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Explainer: एनडीआरएफ की लाइफ जैकेट और बोट क्यों है खास? जानें बाढ़ प्रभावितों की कैसे हो रही मददगार साबित

Updated at : 18 Jul 2023 4:26 PM (IST)
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Explainer: एनडीआरएफ की लाइफ जैकेट और बोट क्यों है खास? जानें बाढ़ प्रभावितों की कैसे हो रही मददगार साबित

एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के जवानों की नारंगी कलर की जैकेट और बोट बहुत ही खास है, जिनके सहारे ये जवान दरिया के तेज बहाव में कूदकर लोगों को सुरक्षित निकालने में कामयाब रहते हैं. यहां जानिए क्या है इसकी विशेषता.

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Lucknow : देश के कई राज्यों में बाढ़ के कारण हालात खराब हैं. जिसके लिए (राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन दल) एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के जवानों को तैनात किया गया है, लोगों के जान बचाने के लिए. इनकी नारंगी कलर की जैकेट और बोट बहुत ही खास है, जिनके सहारे ये जवान दरिया के तेज बहाव में कूदकर लोगों को सुरक्षित निकालने में कामयाब रहते हैं. महज ढाई हजार रुपए कीमत वाली जापानी लाइफ जैकेट लोगों को बाढ़ में 72 घंटे तक सुरक्षित रख सकती है.

72 घंटे तक डूबने से बचाती है लाइफ जैकेट

आपको बता दें कि जिस लाइफ जैकेट से हमारे जवान बाढ़ जैसी आपदा में लोगों की जान बचाते हैं वह मेड इन जापान की है. इसके अंदर फोम भरे होते हैं, जिसके कारण वह लोगों को पानी में कम से कम 72 घंटे तक डूबने नहीं देती. इसकी कीमत करीब ढाई हजार रुपए है. उनका मानना है यदि बाढ़ प्रभावित लोगों के पास लाइफ जैकेट हो तो हम कैजूवलिटी जीरो फीसदी कर सकते हैं.

बीच मझधार में बोट में भरी जा सकती है हवा

बाढ़ में फंसे लोगों को लाने में प्रयोग की जाने वाली एनडीआरएफ की बोट भी कमाल की है. इसकी मदद से पानी में फंसे लोगों को कुछ ही मिनट में सुरक्षित निकाला जा सकता है. पानी का कितना भी तेज बहाव हो लेकिन बोट को पानी में उतारकर लोगों तक जवान आसानी से पहुंच जाते हैं. यह बोट पूरी तरह से फोल्डिंग होती है. आवश्यकता पड़ने पर 15 मिनट में इसे खोलकर सात फीट लंबी बोट का उपयोग किया जा सकता है. करीब 1200 किलोग्राम भार तक लाने में सक्षम इस बोट में एक साथ 10 से 12 लोगों को रेस्क्यू किया जा सकता है.

इस बोट में हवा भरी होती है. मझधार में कहीं हवा कम भी हो जाए तो उसमें फुट पंप के जरिए पर्याप्त हवा भरी जा सकती है. तेज गति से चलाने के लिए इसमें एक आउट बोट मोटर (ओबीएम) लगी होती है. जो पेट्रोल से चलती है. एक बोट की कीमत करीब 5 से 7 लाख रुपए है. बोट में लगी ओबीएम 20 लीटर में एक घंटे चलती है. इसमें एक डायोमीटर लगा होता है जिसे राउडर (चलाने वाला) अध्ययन करता रहता है. जरूरत पड़ने पर रिजर्व में रखी गई बोट को भेजकर उसमें पेट्रोल भरा जाता है.

भारत में भी तैयार होने लगा है लाइफ जैकेट

कानपुर की ट्रूप कंफर्ट्स लिमिटेड की इकाई आयुध उपस्कर निर्माणी (ओईएफ) ने स्वदेशी लाइफ सपोर्ट जैकेट कवच तैयार किया है. यह कवच समुद्री तूफानों में कर्मचारियों को 72 घंटे तक सुरक्षित रखने में सक्षम है. सैन्य रक्षा उत्पाद तैयार करने वाली आयुध निर्माणी ने स्वदेशी उत्पाद को ई-कामर्स प्लेटफार्म पर लांच किया है. वहीं, इसकी कीमत 4838 रुपये रखी गई है. स्वदेशी जैकेट के अनुसंधान और उसको विकसित करने में छह माह का समय लगा है.

जैकेट में मिलेट्री ग्रेड का कपड़ा, गहरे पानी में तैरने में कारगर पालीथीन फोम, जलरोधक कपड़ा, नायलान टेप, उच्च शक्ति नायलान टेप, स्लाइड फास्टनरों और बकल से बनाया गया है. औसतन 650 ग्राम वजन की नारंगी रंग की जैकेट पहने व्यक्ति को पानी में टार्च की रोशनी मारकर आसानी से ढूंढा जा सकेगा. वहीं, ओईएफ के महाप्रबंधक आरके वर्मा ने बताया कि अन्य कंपनियों की तुलना में ओईएफ के जैकेट महंगी हो सकती है लेकिन इसकी उच्च गुणवत्ता और विश्वस्तरीय मानक कहीं और नहीं मिलेगा.

पुलिस एक्सपो और एनडीआरएफ से मिल चुकी है सराहना

ओईएफ ने लाइफ सपोर्ट जैकेट को पुलिस, एनडीआरएफ, नौसेना सहित अन्य संस्थानों में प्रदर्शनी के लिए रखा था. दिल्ली पुलिस और एनडीआरएफ से उसको काफी सराहना मिली और जल्द ही इसका उत्पादन आर्डर मिलने की प्रबल संभावना है.

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Sandeep kumar

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By Sandeep kumar

Sandeep kumar is a contributor at Prabhat Khabar.

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