Etah Assembly Chunav: दो मुख्यमंत्री देने वाला मारहरा सुविधाओं से आज भी वंचित, क्या होंगे चुनावी नतीजे?

यह सीट 2007 से पहले निधौलीकलां के नाम से जानी जाती थी. लेकिन, साल 2008 में कासगंज के अलग होने और परिसीमन के बाद इसे मारहरा विधानसभा के नाम से जाना जाने लगा. यहां 20 फरवरी को मतदान है. 10 मार्च को वोटिंग है.
Etah Marhara Seat Vidhan Sabha Chunav: एटा जिले की मारहरा को अलाउद्दीन खिलजी की सेना ने खंडहर कर दिया था. बाद में अलाउद्दीन खिलजी के जिलेदार राजपूत राजा मुनिराम ने इस कस्बे की नींव डाली. उस समय कस्बे का नाम मारहरा रखा गया. इसे शेरशाह सूरी के शासनकाल में परगना घोषित किया गया. इस विधानसभा ने उत्तर प्रदेश को दो सीएम दिए. 1977 में रामनरेश यादव और 1993 में मुलायम सिंह यादव सीएम बने. यह सीट 2007 से पहले निधौलीकलां के नाम से जानी जाती थी. लेकिन, साल 2008 में कासगंज के अलग होने और परिसीमन के बाद इसे मारहरा विधानसभा के नाम से जाना जाने लगा. यहां 20 फरवरी को मतदान है. 10 मार्च को वोटिंग है.
-
2017- विरेंद्र- भाजपा
-
2012- अमित गौरव- सपा
2017 में भाजपा के वीरेंद्र विधायक चुने गए थे. वो 51 साल के हैं. वीरेंद्र बीए तक पढ़े हैं. वीरेंद्र का मुख्य व्यवसाय कृषि और ठेकेदारी रहा.
-
लोधी- 65 हजार
-
यादव- 55 हजार
-
एससी- 55 हजार
-
क्षत्रिय- 21 हजार
-
ब्राह्मण- 20 हजार
-
मुस्लिम- 13 हजार
-
वैश्य- 11 हजार
-
कुल मतदाता- 3,08,372
-
पुरुष- 1,65,672
-
महिला- 1,42,694
-
अन्य- 5
-
मारहरा विधानसभा में सिंचाई के रजवाह बंद पड़े हैं.
-
बिजली लगातार नहीं रहती है.
-
दो से तीन लिंक मार्ग खराब हालत में हैं.
-
लड़कियों के लिए कोई सरकारी डिग्री कॉलेज नहीं है.
-
कोई नया उद्योग भी नहीं है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar News Desk
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










