अयोध्या राम मंदिर: नवरत्नों के सुमेरू पर्वत पर विराजेंगे रामलला, 20 जनवरी से आम श्रद्धालुओं के दर्शन पर रोक

ट्रस्ट ने 20 जनवरी से आम श्रद्धालुओं के लिए रामलला के दर्शन पर रोक लगा दी है. ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा ने बताया कि 22 जनवरी को अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी. इस मौके पर अयोध्या के श्रीराम मंदिर में होने वाला मूर्ति प्रतिष्ठा समारोह दोपहर होगा.
Ayodhya Ram Mandir: अयोध्या में 22 जनवरी 2024 को रामलला के प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम को लेकर तैयारियां तेजी से चल रही हैं. इसी कड़ी में धर्म पथ पर सूर्य स्तंभ स्थापित किया जा रहा है. अयोध्या के जिलाधिकारी नितीश कुमार ने बताया कि लता मंगेशकर चौक के पास, धर्म पथ पर आरंभ और समापन बिंदु के बीच नियमित अंतर पर सूर्य स्तंभ स्थापित किया जा रहा है. वहीं रामलला का गर्भगृह तैयार हो चुका है. 400 फीट लंबे और 300 फीट चौड़े गर्भगृह की अद्भुत नक्काशी बेहद आकर्षित करने वाली है. मंदिर की चौखट पर पहुंचते ही भक्तों को सबसे पहले गज नजर आएंगे. 32 सीढ़ियां चढ़कर भक्त गर्भगृह तक पहुंचेगे. करीब 20 फीट की दूरी से भक्तों को रामलला के दर्शन प्राप्त होंगे. राममंदिर के दरवाजों का निर्माण वैष्णव परंपरा के तहत किए गए हैं. भूतल में कुल 14 दरवाजे लगाए गए हैं गर्भगृह की फर्श पर संगमरमर के पत्थर बिछाने का काम लगभग पूरा हो चुका है. इस बीच काशी विद्वत परिषद ने रामलला के सिंहासन के रूप में नवरत्नों का प्रस्ताव राममंदिर ट्रस्ट को दिया है. राम मंदिर के गर्भगृह में नवरत्नों से निर्मित सुमेरू पर्वत पर रामलला को विराजमान कराया जाएगा. सुमेरू पर्वत का निर्माण हीरा, पन्ना और माणिक्य जैसे बहुमूल्य रत्नों से होगा. काशी विद्वत परिषद की ओर से काशी के समस्त देवताओं को आमंत्रण पत्र देने की तैयारियां की जा रही हैं. इसमें नौ गौरी, नौ दुर्गा, 56 विनायक, अष्ट भैरव, द्वादश आदित्य, संकटमोचन सहित योगिनियों को भी रामलला की प्राण प्रतिष्ठा का निमंत्रण पत्र भेजा जाएगा.
इस बीच प्राण प्रतिष्ठा से पहले श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने बड़ा फैसला किया है. ट्रस्ट ने 20 जनवरी से आम श्रद्धालुओं के लिए रामलला के दर्शन पर रोक लगा दी है. ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा ने बताया कि 22 जनवरी को अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी. इस मौके पर अयोध्या के श्रीराम मंदिर में होने वाला मूर्ति प्रतिष्ठा समारोह दोपहर करीब 12:30 बजे होगा. इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, सीएम योगी आदित्यनाथ समेत कई बड़े नेता और कई हस्तियां मंदिर परिसर में मौजूद रहेंगी. अधिकांश लोग प्राण प्रतिष्ठा से कुछ दिन पहले अयोध्या पहुंच जाएंगे. सुरक्षा कारणों को देखते हुए ट्रस्ट ने रामलला के दर्शन बंद करने का फैसला किया है.
उन्होंने बताया कि प्राण प्रतिष्ठा के बाद 23 जनवरी से दोबारा मंदिर खुल जाएंगे. इसके बाद श्रद्धालु रामलला के दर्शन पहले की तरह कर पाएंगे. प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम को लेकर लगभग 7000 लोगों को निमंत्रण भेजा जा रहा है. श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चंपत राय ने बताया कि जिन्हें आमंत्रण पत्र नहीं मिला है वो अयोध्या नहीं आएं बल्कि अपने घर के पास ही बने मंदिरों में पूजा पाठ करें. या फिर प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रमों को घर पर बैठकर टीवी पर देखें. उन्होंने अपील की कि इस दिन लोग अपने घर के बाहर दीपक जलाकर दिवाली मनाएं. उन्होंने कहा कि 22 जनवरी 2024 को पोष शुक्ल पक्ष की द्वादशी पर सभी लोग भजन कीर्तन करिए. अभिजीत मुहूर्त है मृक्षरा नक्षत्र है सभी प्रकार से शुभ दिन है. सभी के परिवार का कल्याणकारी दिन है.
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लेखक के बारे में
By Sanjay Singh
working in media since 2003. specialization in political stories, documentary script, feature writing.
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