ePaper

सीएम बनने के बाद पहली बार अयोध्या पहुंचे योगी, रामलला की पूजा की

Updated at : 31 May 2017 9:35 AM (IST)
विज्ञापन
सीएम बनने के बाद पहली बार अयोध्या पहुंचे योगी, रामलला की पूजा की

अयोध्या : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज अयोध्या पहुंचे. यहां उन्होंने अस्थायी राम मंदिर में पूजा-अर्चना की. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री का पद भार संभालने के बाद वह पहली बार अयोध्या आये हैं. आदित्यनाथ का यह दौरा इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि एक दिन पहले ही बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में भाजपा के शीर्ष […]

विज्ञापन

अयोध्या : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज अयोध्या पहुंचे. यहां उन्होंने अस्थायी राम मंदिर में पूजा-अर्चना की. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री का पद भार संभालने के बाद वह पहली बार अयोध्या आये हैं. आदित्यनाथ का यह दौरा इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि एक दिन पहले ही बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में भाजपा के शीर्ष नेताओं के खिलाफ आपराधिक साजिश रचने के आरोप तय किये गये हैं.

केरल बीफ फेस्ट पर बरसे सीएम योगी आदित्यनाथ, बोले – डीयू-जेएनयू पर मुखर होने वाले क्यों हैं खामोश

मुख्यमंत्री बुधवार सुबह यहां पहुंचे. राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद परिसर में स्थित अस्थायी मंदिर में वह करीब आधे घंटे तक रहे. बाद में उन्होंने सरयू नदी के तट पर पूजा की. आदित्यनाथ ने सबसे पहले अयोध्या के हनुमानगढी मंदिर में पूजा-अर्चना की. उनके साथ धरम दास भी थे। कल दास के खिलाफ भी आपराधिक साजिश रचने के आरोप तय हुए हैं.

योगी आदित्‍यनाथ को गांव बुलाने को लेकर अड़े शहीद के परिजन, अनशन जारी, पत्नी और भाई की हालत बिगड़ी

मंगलवार को, लखनऊ में सीबीआई की विशेष अदालत ने वर्ष 1992 के बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में भाजपा के दिग्गज नेताओं लालकृष्ण आडवाणी, एमएम जोशी, केंद्रीय मंत्री उमा भारती और नौ अन्य लोगों के खिलाफ आरोप तय किए थे. आडवाणी के अदालत पहुंचने से पहले आदित्यनाथ ने लखनऊ स्थित वीवीआईपी गेस्ट हाउस में उनसे मुलाकात की थी. गत 19 अप्रैल को उच्चतम न्यायालय ने उनके खिलाफ आपराधिक साजिश के आरोपों को बहाल करने का आदेश दिया था.

मिशन 2019 को लेकर बिहार में यह काम करेंगे योगी आदित्यनाथ, पढ़ें

सीबीआई के विशेष न्यायाधीश एसके यादव ने सभी छह को 50,000-50,000 रुपये के निजी मुचलके पर जमानत दे दी थी. उनकी जमानत याचिका का सीबीआई ने विरोध किया था लेकिन न्यायाधीश ने विरोध को खारिज कर दिया था. आपराधिक साजिश के आरोपों को बहाल करते हुए शीर्ष अदालत ने विध्वंस से जुडे दो मामलों को मिलाकर उनकी सुनवाई एक साथ करने का निर्देश दिया था. अदालत ने इस सुनवाई को दो वर्ष में पूरा करने का भी आदेश दिया है.

मामले से संबंधित सीबीआई के आरोप पत्र में 21 लोगों के नाम हैं. उनमें से शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे, विहिप के आचार्य गिरिराज किशोर, अशोक सिंघल, परमहंस राम चंद्र दास और महंत अवैद्यनाथ का निधन हो चुका है.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola