यूपी चुनाव : परखा जायेगा तीन युवराजों का दम-खम

Published at :20 Jan 2017 7:28 AM (IST)
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यूपी चुनाव : परखा जायेगा तीन युवराजों का दम-खम

!!लखनऊ से राजेंद्र कुमार!! उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, सपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव, बसपा सुप्रीमो मायावती और प्रधानमंत्री मोदी के राजनीतिक कौशल का इम्तहान तो होगा ही, राजनीति का ककहरा सीख चुके तीन युवराजों की लोकप्रियता और क्षमता की भी परीक्षा होगी. इनमें सर्वाधिक आकर्षण का […]

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!!लखनऊ से राजेंद्र कुमार!!

उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, सपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव, बसपा सुप्रीमो मायावती और प्रधानमंत्री मोदी के राजनीतिक कौशल का इम्तहान तो होगा ही, राजनीति का ककहरा सीख चुके तीन युवराजों की लोकप्रियता और क्षमता की भी परीक्षा होगी. इनमें सर्वाधिक आकर्षण का केंद्र राहुल गांधी हैं, जिनके नेतृत्व में कांग्रेस यूपी में दूसरा विधानसभा चुनाव लड़ रही है.

राहुल के ही साथ यूपी के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और रालोद मुखिया के बेटे जयंत चौधरी जैसे युवा चेहरे भी हैं. अखिलेश और जयंत पहली बार पिता की छाया से बाहर निकल कर चुनाव मैदान में अपने-अपने दल का नेतृत्व करेंगे. अब नतीजा बतायेगा कि युवराजों की दौड़भाग का नतीजा उनके दल के पक्ष में कितना आता है. राहुल, अखिलेश और जयंत अपने दल में चुनाव लड़ रहे हर उम्मीदवार के हीरो हैं. देश में इनकी अपनी एक पहचान है. यूपी में यह पहला मौका होगा, जब तीन प्रमुख दलों के युवा नेता चुनाव की कमान संभालेंगे. पहली बार तीनों अपने वरिष्ठों की छत्रछाया से बाहर आकर चुनाव प्रचार करेंगे. तीनों नेताओं का युवाओं में क्रेज भी है.

अखिलेश ने पिता मुलायम सिंह की देखरेख में सालों तक खाटी समाजवादी शैली में राजनीति सीखी. कन्नौज से सांसद और यूपी के मुख्यमंत्री पद का दायित्व संभाल संभालते हुए अखिलेश राजनीति के ऊंचे-नीचे रास्ते से गुजरे हैं. वर्ष 2012 के चुनावों में पिता मुलायम सिंह यादव की देखरेख में अखिलेश की ही धुआंधार प्रचार रणनीति से सपा पहली बार यूपी में पूर्णबहुमत की सरकार बनाने में सफल रही. अब इस बार के चुनावों में सपा उन्हीं के भरोसे है. यह भी तय है कि सपा से उनकी ही पसंद का उम्मीदवार ही चुनाव लड़ेगा. पहली बार यूपी की जनता उनके प्रचार स्टाइल से रूबरू होगी. मायावती और पीएम मोदी पर कैसे चुनावी हमला करेंगे, यह भी देखनेवाली बात होगी. इन दो युवराजों के मुकाबले जयंत चौधरी भी चर्चा में हैं. उन्हें राजनीति में आये आठ वर्ष ही हुए हैं. वर्ष 2008 में राजनीति में आने के बाद जयंत ने मथुरा तक ही खुद को सीमित रखा था. इस बार वह पूरे पश्चिमी यूपी की जनता के बीच में जायेंगे.

तीन युवा

राहुल गांधी : अभी कांग्रेस उपाध्यक्ष हैं. तीन बार से अमेठी से सांसद हैं. अगला कांग्रेस अध्यक्ष बनने जा रहे हैं.

अखिलेश यादव : पांच साल पहले सीएम बने अखिलेश पिता को हटाकर खुद सपा मुखिया बने हैं.

जयंत चौधरी : यूपीए-2 सरकार का हिस्सा रही रालोद के राष्ट्रीय महासचिव हैं. 2009 में वह मथुरा से सांसद थे.

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