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सपा और कौमी एकता दल के बीच गठबंधन संभव, विलय नहीं : मुख्तार अंसारी

Updated at : 23 Aug 2016 2:20 PM (IST)
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सपा और कौमी एकता दल के बीच गठबंधन संभव, विलय नहीं : मुख्तार अंसारी

लखनऊ : उत्तर प्रदेश में सत्तारुढ समाजवादी पार्टी में कौमी एकता दल का विलय जल्द बहाल होने की अटकलों के बीच कौएद के बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी ने आज पूर्व में दोनों पार्टियों के विलय के सूत्रधार रहे वरिष्ठ काबीना मंत्री शिवपाल सिंह यादव से मुलाकात की. विधानसभा की कार्यवाही में हिस्सा लेने आये अंसारी […]

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लखनऊ : उत्तर प्रदेश में सत्तारुढ समाजवादी पार्टी में कौमी एकता दल का विलय जल्द बहाल होने की अटकलों के बीच कौएद के बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी ने आज पूर्व में दोनों पार्टियों के विलय के सूत्रधार रहे वरिष्ठ काबीना मंत्री शिवपाल सिंह यादव से मुलाकात की. विधानसभा की कार्यवाही में हिस्सा लेने आये अंसारी ने विधानमंडल परिसर में संवाददाताओं को बताया कि उन्होंने अपने क्षेत्र के कुछ मामलों को लेकर लोक निर्माण मंत्री शिवपाल यादव से मुलाकात की. इस दौरान दोनों के बीच करीब 45 मिनट तक बातचीत हुई.

गाजीपुर की समस्याओं को लेकर की बात-अंसारी

मउ से विधायक अंसारी ने बताया कि उन्होंने मऊ में बिजली की समस्या, बुनकरों से जुड़ी दिक्कतों और गाजीपुर जिले में गंगा की बाढ़ की समस्या पर बातचीत की. यह पूछे जाने पर कि क्या इस बैठक में कौएद के सपा में विलय बहाल किये जाने के बारे में भी बातचीत हुई, उन्होंने कहा कि विलय के बारे में कोई बातचीत नहीं हुई. अंसारी ने इतना जरूर कहा कि अब कौएद का सपा में विलय मुश्किल है. बहरहाल, गठबंधन की सम्भावना बनी हुई है. हालांकि इस बारे में कोई भी फैसला पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष उनके बड़े भाई अफजाल अंसारी और सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ही लेंगे.

सपा की तरफ से कोई संकेत नहीं-कौएद

उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी साम्प्रदायिक ताकतों को पराजित करना चाहती है. उसके लिये सोच-समझकर निर्णय लिया जायेगा. इस बीच, कौएद के अध्यक्ष अफजाल अंसारी ने से बातचीत में कहा कि विलय बहाली के संबंध में अभी उन्हें सपा की तरफ से कोई संकेत नहीं मिला है. जब कोई आमंत्रण मिलेगा तो वह अपनी बात रखेंगे. उन्होंने भी संकेत दिये कि वह कौएद का सपा में विलय करने के बजाय गठबंधन को तरजीह देंगे.

21 जून को हुई थी विलय की घोषणा

मालूम हो कि गत 21 जून को कौएद का सपा में विलय हुआ था. शिवपाल ने कौएद अध्यक्ष अफजाल अंसारी के साथ संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस में इसकी घोषणा की थी. यह विलय सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव की अनुमति से शिवपाल की पहल पर हुआ था. हालांकि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के कड़े विरोध के बाद 25 जून को पार्टी संसदीय बोर्ड ने इस विलय को रद्द कर दिया था. बहरहाल, गत 15 अगस्त को सपा मुलायम सिंह यादव द्वारा शिवपाल के खिलाफ पार्टी के अंदर साजिश किये जाने के आरोपों को लेकर फटकार लगाये जाने के बाद कौएद के सपा में विलय को बहाल किये जाने की अटकलें जोरों पर थीं.

पूर्वांचल में है कौएद का प्रभाव

सपा के अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक पार्टी मुखिया ने गत जून में शिवपाल द्वारा सपा में विलीन कराए गये कौएद के विलय को रद्द करने के फैसले को पलटने का इरादा कर लिया है और बहुत जल्द वह इस सिलसिले में आधिकारिक घोषणा कर सकते हैं. अफजाल अंसारी की अगुवाई वाला कौएद पूवांर्चल के कुछ जिलों में खासा प्रभाव रखने वाला दल माना जाता है. उसके पास दो विधायक मुख्तार अंसारी और सिबगत उल्ला अंसारी हैं. मुख्तार अनेक आपराधिक मामलों में इस वक्त जेल में हैं.

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