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राज्यपाल नाईक से मिले मुलायम कहा, विधान परिषद् उम्मीदवारों की सूची पार्टी ने दी

Updated at : 28 May 2015 5:26 PM (IST)
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राज्यपाल नाईक से मिले मुलायम कहा, विधान परिषद् उम्मीदवारों की सूची पार्टी ने दी

लखनऊ : समाजवादी पार्टी प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने आज राज्यपाल राम नाईक से मुलाकात की. प्राप्त जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश में मनोनीत क्षेत्र से नौ सदस्यों को विधान परिषद् भेजने की सपा सरकार की कोशिशों पर राज्यपाल राम नाईक द्वारा ‘ब्रेक’ लगाये जाने के विषय पर दोनों के बीच चर्चा हुई. राजभवन के […]

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लखनऊ : समाजवादी पार्टी प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने आज राज्यपाल राम नाईक से मुलाकात की. प्राप्त जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश में मनोनीत क्षेत्र से नौ सदस्यों को विधान परिषद् भेजने की सपा सरकार की कोशिशों पर राज्यपाल राम नाईक द्वारा ‘ब्रेक’ लगाये जाने के विषय पर दोनों के बीच चर्चा हुई. राजभवन के सूत्रों की माने तो मुलायम सिंह यादव ने राज्यपाल से मिलने का समय मांगा था जिसके बाद आज दोनों के बीच मुलाकात हुई. यह मुलाकात करीब 45 मिनट तक चली.

सूत्रों ने इसे शिष्टाचार बैठक बताया. नाईक से मुलाकात के बाद मुलायम ने विधान परिषद् उम्मीदवारों की सूची लौटाये जाने और इसमें शामिल लोगों का ब्यौरा मांगे जाने के मुद्दे पर संवाददाताओं से कहा कि वो पार्टी ने दे दिया होगा. मुलायम से सवाल किया गया था कि राज्यपाल ने प्रदेश सरकार द्वारा भेजी गयी विधान परिषद् उम्मीदवारों की पूरी सूची लौटा दी है और उम्मीदवारों का ब्यौरा मांगा है.

राज्यपाल के साथ मुलाकात पर मुलायम बोले, ‘‘बहुत अच्छी शिष्टाचार बैठक हुई. हमारी अच्छी बातचीत हुई। लोकसभा में तीन बार वो रहे. हम लोग साथ साथ रहे.’’ राज्यपाल ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को इस सप्ताह की शुरुआत में पत्र लिखकर नौ उम्मीदवारों के बारे में तीन पहलुओं पर जानकारी मांगी थी. इन उम्मीदवारों के नाम राज्य सरकार ने मंजूरी के लिए राज्यपाल के पास 20 मई को भेजे थे. उन्होंने यह भी जानना चाहा है कि किसी उम्मीदवार को कोई अपराधिक रिकार्ड तो नहीं है. साथ ही किसी के खिलाफ कोई मामला तो लंबित नहीं है या कोई बैंक डिफाल्टर तो नहीं है.

राज्यपाल राम नाईक ने यह भी जानने की इच्छा जाहिर की है कि इन नौ उम्मीदवारों ने कला, साहित्य, संगीत, नृत्य या समाज सेवा के क्षेत्र में क्या उल्लेखनीय योगदान किया है क्योंकि विधानपरिषद् की मनोनीत क्षेत्र वाली उक्त नौ सीटें गैर राजनीतिक लोगों को ही दी जाती हैं. इससे पहले पत्रकार सच्चिदानंद गुप्ता ने राज्यपाल को पत्र लिखकर इस तथ्य की ओर उनका ध्यान आकृष्ट किया था कि विधान परिषद् में उनके द्वारा मनोनीत किये जाने लोग कला और साहित्य सहित विभिन्न क्षेत्रों की प्रख्यात हस्तियां होते हैं. ये सीटें राजनीतिक लोगों या राजनीति से किसी भी तरह से संबद्ध लोगों के लिए नहीं होती.

गुप्ता ने इस संबंध में इलाहाबाद उच्च न्यायालय के 2010 के एक आदेश का हवाला दिया. सौ सदस्यीय उच्च सदन में मनोनीत निर्वाचन क्षेत्र से भेजे गये नामों में जितेन्द्र यादव का नाम शामिल है, जो राजद प्रमुख लालू प्रसाद के निकट संबंधी हैं. एसआरएस यादव सपा के पूर्व कार्यालय सचिव रह चुके हैं जबकि पूर्व छात्र नेता राजपाल कश्यप, सपा नेता लीलावती कुशवाहा, रणविजय सिंह, कमलेश पाठक, राम वृक्ष यादव और अब्दुल सरफराज खान पार्टी कार्यकर्ता हैं.

प्रमुख बिल्डर संजय सेठ का नाम भी सूची में है जिनकी पहचान सत्ता के गलियारों में महत्वपूर्ण पदों पर बैठे लोगों से निकटता रखने वाले व्यक्ति के रुप में है. पूर्व की बसपा सरकार द्वारा मनोनीत नौ सदस्यों का कार्यकाल आज समाप्त होने की वजह से नौ सीटें रिक्त हो रही हैं. बसपा के जो सदस्य विधानसभा की सीटों से रिटायर हो रहे हैं, वे कमलाकांत गौतम, गोपाल नारायण मिश्र, नौशाद अली, एम एल तोमर, मेघराज सिंह, रामचंद्र सिंह प्रधान, विनय शाक्य, बनवारी सिंह यादव और शिवबोध राम हैं.

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