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सीएम योगी का निर्देश, खुले पशुओं को रखने के लिए यूपी में खोली जाएं गोशालाएं

Updated at : 31 Aug 2017 1:03 PM (IST)
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सीएम योगी का निर्देश, खुले पशुओं को रखने के लिए यूपी में खोली जाएं गोशालाएं

लखनऊ : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के विभिन्न राजमार्गों तथा अन्य रास्तों पर छुट्टा गोवंशीय पशुओं के विचरण और उनके कारण होनेवाले हादसों की समस्या के समाधान के लिए हर जिले में गोशालाएं खोलने के निर्देश दिये हैं. योगी आदित्यनाथ नेबुधवार देर रात प्रदेश के नगर निगम वाले जिलों तथा बुंदेलखंड […]

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लखनऊ : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के विभिन्न राजमार्गों तथा अन्य रास्तों पर छुट्टा गोवंशीय पशुओं के विचरण और उनके कारण होनेवाले हादसों की समस्या के समाधान के लिए हर जिले में गोशालाएं खोलने के निर्देश दिये हैं. योगी आदित्यनाथ नेबुधवार देर रात प्रदेश के नगर निगम वाले जिलों तथा बुंदेलखंड के जनपदों में गोवंशीय पशुओं के रखरखाव के लिए कार्ययोजना बनाये जाने के संबंध में आयोजित बैठक में निर्देश देते हुए कहा कि प्रथम चरण में बुंदेलखंड के सात जिलों तथा 16 नगर निगम क्षेत्रों में एक हजार पशुओं के रखरखाव की क्षमतावाली गोशालाओं की स्थापना कर उनमें गोवंशीय तथा छुट्टा पशुओं को रखा जायेगा.

उसके बाद अन्य जिलों में भी ऐसी गोशालाएं स्थापित की जायेंगी. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गोवंश मानव जाति के लिए किसी वरदान से कम नहीं है. दूध के लिए हम जबगोवंश पर आश्रित हैं, तो हमें उनकी रक्षा भी करनी होगी. योगी ने कहा कि गोवंशीय पशुओं के रखरखाव के लिए गो संरक्षण समितियां बनायी जाएं, जिनमें जनता की भागीदारी भी सुनिश्चित हो. गोशालाओं के सुचारू संचालन के लिए जिलाधिकारी के नेतृत्व में समिति गठित की जाए. यह काम उत्तर प्रदेश गो सेवा आयोग के संरक्षण में सुनिश्चित किया जाए.

मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी तरह शहरी क्षेत्रों में भी गोवंश की सुरक्षा के लिए ऐसे केंद्रीय गोशालाओं की स्थापना करनी होगी, जहां पर छुट्टा पशुओं को सुरक्षित रखा जा सके और उनके चारे-पानी इत्यादि की व्यवस्था हो सके. गोशालाओं के सुचारू संचालन की जिम्मेदारी गो समितियों की होगी. उन्हें अपने संसाधनों से इनका संचालन सुनिश्चित करना होगा.

योगी ने कहा कि इस कार्य में जनप्रतिनिधियों का भी सहयोग सुनिश्चित किया जाए और केंद्र सरकार की विभिन्न नीतियों एवं कार्यक्रमों के तहत मिलनेवाले सहयोग को हासिल करना भी सुनिश्चित किया जाए. उन्होंने कहा कि दवाएं बनाने के लिए गोमूत्र की काफी मांग होती है. राज्य में गोनाइल (फर्श साफ करनेवाला पदार्थ) के निर्माण के लिए प्रोसेसिंग यूनिट लगाने की संभावनाओं को तलाशा जाए.

मालूम हो कि प्रदेश के विभिन्न राजमार्गों तथा अन्य सड़कों पर इन दिनों छुट्टा गोवंशीय पशुओं की समस्या दिन-ब-दिन बड़ी होती जा रही है. सड़क पर इन जानवरों के जहां-तहां बैठने के कारण हादसे भी हो रहे हैं.

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