राम मंदिर निर्माण में मिला था 45 लाख का काम, टिन्नू यादव की कंस्ट्रक्शन कंपनी पर नया खुलासा

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राम मंदिर में दान चोरी मामले में टिन्नू यादव

राम मंदिर में दान चोरी मामले में टिन्नू यादव

UP News: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में जांच का दायरा बढ़ा है. मुख्य आरोपी टिन्नू यादव की पत्नी के नाम पर बनी कंस्ट्रक्शन कंपनी पर 45 लाख रुपये के सरकारी काम का आरोप है. पुलिस इस वित्तीय लेन-देन की गहराई से पड़ताल कर रही है.

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UP News: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए खुलासे सामने आ रहे हैं. अब मुख्य आरोपी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव से जुड़ी एक कंस्ट्रक्शन कंपनी भी जांच के दायरे में आ गई है. पुलिस की पड़ताल में पता चला है कि आरोपी ने अपनी पत्नी के नाम पर पीडब्ल्यूडी (PWD) में एक कंस्ट्रक्शन फर्म रजिस्टर कराई थी, जिसे रजिस्ट्रेशन के पहले ही साल 45 लाख रुपये का सरकारी काम मिला था. अब पुलिस इस पूरे वित्तीय लेन-देन और मनी ट्रेल की गहराई से जांच कर रही है.

बैंक खातों की जांच में मिला बड़ा सुराग

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जांच के दौरान टिन्नू यादव और उसकी पत्नी पूनम देवी के बैंक खातों की पड़ताल की गई. इसी दौरान एक अहम मनी ट्रेल सामने आई, जिसने जांच एजेंसियों को इस कंस्ट्रक्शन कंपनी तक पहुंचा दिया. इसके बाद पुलिस ने कंपनी से जुड़े दस्तावेज और वित्तीय लेन-देन की जांच शुरू कर दी है.

पत्नी के नाम पर बनाई गई थी कंस्ट्रक्शन फर्म

जांच में सामने आया है कि वर्ष 2023 में आरोपी की पत्नी पूनम देवी के नाम पर यह कंस्ट्रक्शन फर्म रजिस्टर कराई गई थी. कंपनी का पंजीकरण लोक निर्माण विभाग (PWD) में कराया गया था. जांच एजेंसियों के मुताबिक, सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि रजिस्ट्रेशन के पहले ही साल कंपनी को करीब 45 लाख रुपये का सरकारी निर्माण कार्य मिल गया था. अब इस ठेके और उससे जुड़े सभी दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है.

चढ़ावा चोरी के बाद बनी थी एसआईटी

गौरतलब है कि जून के पहले सप्ताह में अयोध्या के राम मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी और गबन का मामला सामने आया था. आरोपों की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया था और शुरुआती जांच के लिए 15 दिन का समय दिया था. एसआईटी ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट 23 जून को सरकार को सौंप दी थी.

एफआईआर के बाद 8 आरोपी गिरफ्तार

एसआईटी की शुरुआती रिपोर्ट के आधार पर 25 जून को एफआईआर दर्ज की गई. इसके बाद पुलिस ने इस मामले में आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया. गिरफ्तार लोगों में रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव, अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडेय, रामाशंकर मिश्रा और सुभाष श्रीवास्तव शामिल हैं. पुलिस अब पूरे नेटवर्क और कथित गबन की रकम की जांच में जुटी हुई है.

नकदी, विदेशी मुद्रा और दानपात्र भी बरामद

जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से बड़ी मात्रा में नकदी और अन्य सामान भी बरामद किया. सबसे अधिक 20.39 लाख रुपये नकद अविनाश शुक्ला के पास से मिले. इसके अलावा सोना, चांदी, विदेशी मुद्रा और 'रामराज्य कोष' नाम से लिखा एक दानपात्र भी बरामद किया गया है. पुलिस बरामदगी के आधार पर पूरे मनी ट्रेल और कथित गबन के नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है.

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