UP अब अंडों के लिए दूसरे राज्यों पर नहीं रहेगा निर्भर, नई पोल्ट्री नीति से बढ़ेगा उत्पादन, मिलेगा रोजगार

उत्तर प्रदेश को अब अंडों की खपत पूरी करने के लिए दूसरे राज्यों पर निर्भर नहीं होना पड़ेगा. योगी सरकार ने नई पोल्ट्री नीति की घोषणा कर दी है. यूपी सरकार की नीति राज्य में बड़े पैमाने पर मुर्गी पालन को प्रोत्साहित करेगी और इसका लक्ष्य अगले पांच वर्षों में प्रतिदिन 1.92 करोड़ अंडे का उत्पादन करना है.
Lucknow News: सर्दियों का मौसम (winter season) आते ही अंडों की डिमांड (demand for eggs) बढ़ जाती है. अंडा सेहत के लिए काफी फायदेमंद होता है और इसमें सेहत के कई राज छिपे हैं. उत्तर प्रदेश में भी मौसम के साथ अंडों की मांग बढ़ चुकी है, लेकिन इस बार उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, पंजाब और आंध्र प्रदेश से अंडे और चिकन का निर्यात नहीं करेगा. अंडा उत्पादन और चिकन के मामले में आत्मनिर्भर बनने के उद्देश्य से योगी सरकार ने नई पोल्ट्री नीति पेश की है.
यूपी सरकार की नीति राज्य में बड़े पैमाने पर मुर्गी पालन को प्रोत्साहित करेगी और इसका लक्ष्य अगले पांच वर्षों में प्रतिदिन 1.92 करोड़ अंडे का उत्पादन करना है. योगी कैबिनेट ने राज्य की नई पोल्ट्री नीति को मंजूरी दी है, जिसके जरिए आने वाले पांच वर्षों में इस क्षेत्र में 1500 करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य रखा है. वर्तमान में यूपी में अंडे की मांग और उत्पादन के बीच बहुत बड़ा अंतर है.
दरअसल, उत्तर प्रदेश में मुख्य रूप से महाराष्ट्र, पंजाब और आंध्र प्रदेश से अंडे के साथ-साथ चिकन का निर्यात किया जाता है. यूपी के पोल्ट्री फार्मों के लिए ब्रायलर चूजों का निर्यात भी बाहर से किया जा रहा है. यूपी सरकार के आधिकारिक प्रवक्ता के मुताबिक, नई नीति से पोल्ट्री सेक्टर में 1.25 लाख रोजगार पैदा होंगे. नई नीति के तहत यूपी में 700 नई पोल्ट्री यूनिट लगाने का लक्ष्य रखा गया है.
नीति के तहत नई इकाइयों को बिजली शुल्क में शत-प्रतिशत छूट दी जाएगी. यह खर्च राज्य के पशुपालन विभाग द्वारा वहन किया जाएगा. इतना ही नहीं नई इकाइयों को पोल्ट्री फार्म के लिए खरीदी गई जमीन पर स्टांप ड्यूटी में शत-प्रतिशत छूट दी गई है. राज्य सरकार नई इकाइयों द्वारा उनके द्वारा लिए गए ऋण पर भुगतान किए गए ब्याज के लिए मुआवजा प्रदान करेगी. नीति के अनुसार इन इकाइयों को 60 महीने की अवधि के लिए बैंक ऋण पर 7 प्रतिशत की दर से मुआवजा मिलेगा.
यूपी सरकार की नई नीति में, नई परियोजना के लिए वित्तीय संरचना 30:70 के अनुपात में तैयार की गई है, जिसका अर्थ है कि 30 प्रतिशत मार्जिन और 70 प्रतिशत बैंक ऋण होगा. इस अनुपात के अनुसार ऋण पर लगने वाले ब्याज पर मुआवजा प्रदान किया जाएगा. इससे राज्य सरकार पर 295 करोड़ रुपये का वित्तीय बोझ पड़ेगा.
राज्य सरकार ने हर साल 1.72 करोड़ ब्रॉयलर चूजों के उत्पादन का लक्ष्य रखा है. इसके लिए विशेष ब्रायलर मूल फार्म स्थापित किए जाएंगे. राज्य सरकार पोल्ट्री व्यवसाय में उद्यम करने के इच्छुक लोगों के लिए एक समर्पित पोर्टल, डेटाबेस प्रबंधन और परियोजना सुविधा केंद्र शुरू करेगी. पोल्ट्री व्यवसाय शुरू करने के इच्छुक युवाओं को इस क्षेत्र में राष्ट्रीय ख्याति के संस्थानों से प्रशिक्षण दिया जाएगा.
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By Prabhat Khabar News Desk
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