296 करोड़ की लागत से गोरखपुर के नौ गांव बनेंगे मॉडल, कमेटी से डीपीआर को मिली हरी झंडी...
Author : Prabhat Khabar News Desk Published by : Prabhat Khabar Updated At : 27 Sep 2020 11:53 AM
गोरखपुर: जिले के नौ गांवों को मॉडल बनाने के लिए भेजी गयी डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) को राज्य स्तरीय कमेटी ने हरी झंडी दे दी है. इन गांवों में अब विकास कार्य शुरू हो सकेंगे. कुछ गांवों के डीपीआर को मंजूरी मिलने के बाद प्रभारी जिलाधिकारी/मुख्य विकास अधिकारी इंद्रजीत सिंह ने शेष 28 गांवों में भी एक सप्ताह के भीतर डीपीआर तैयार कर राज्य स्तरीय कमेटी को भेजने को कहा है. विकास के ये कार्य परफार्मेंस ग्रांट से कराये जायेंगे.
गोरखपुर: जिले के नौ गांवों को मॉडल बनाने के लिए भेजी गयी डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) को राज्य स्तरीय कमेटी ने हरी झंडी दे दी है. इन गांवों में अब विकास कार्य शुरू हो सकेंगे. कुछ गांवों के डीपीआर को मंजूरी मिलने के बाद प्रभारी जिलाधिकारी/मुख्य विकास अधिकारी इंद्रजीत सिंह ने शेष 28 गांवों में भी एक सप्ताह के भीतर डीपीआर तैयार कर राज्य स्तरीय कमेटी को भेजने को कहा है. विकास के ये कार्य परफार्मेंस ग्रांट से कराये जायेंगे.
जिले की 37 ग्राम पंचायतों को वर्ष 2016-17 की परफार्मेंस ग्रांट के रूप में 296.51 करोड़ रुपये आवंटित हुए हैं. विकास भवन के मनरेगा सभागार में संपन्न बैठक को संबोधित करते हुए प्रभारी जिलाधिकारी ने बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिया कि वे डीपीआर में देख ले कि उनके विद्यालयों को कायाकल्प के अंतर्गत शामिल किया गया है या नहीं. उन्होंने अन्य विभागों के अधिकारियों को भी उनके विभागों से जुड़े कार्य के बारे में जानकारी लेने का निर्देश दिया.
डीपीआरओ हिमांशु शेखर ठाकुर ने बताया कि पिपरौली ब्लाक के जंगल दीर्घन सिंह एवं भौवापार, उरुवा के नरायनपुर एवं सिसवा उर्फ सिउवा, बेलघाट ब्लाॅक के नकौड़ी खास, सहजनवा ब्लाक के भीमापार, खोराबार की ग्राम पंचायत छितौना, पाली ब्लाॅक की ग्राम पंचायत नारंग पट्टी एवं नेवास की डीपीआर को मंजूरी प्रदान कर दी गयी है.
सभी ग्राम पंचायतों ने पहले डीपीआर बना लिया था. लेकिन यह डीपीआर ग्राम पंचायतों को मिली 50-50 लाख रुपये की प्रथम किस्त के आधार पर बनायी गयी थी. अब निर्देश है कि प्रत्येक ग्राम पंचायत सम्पूर्ण ग्रांट के आधार पर डीपीआर बनाये. उन्हें जिला स्तरीय कमेटी में मंजूरी के बाद राज्य स्तरीय कमेटी में अनुमोदन के लिए भेजा जायेगा.
उच्च प्राथमिक विद्यालयों में स्मार्ट क्लास, गांव में ओवर हेड टैंक का निर्माण, ओपेन जिम, खेल का मैदान बनाने जैसे काम अनिवार्य रूप से करने होंगे. इसके अलावा सीसी सड़क, इंटरलाकिंग सड़क एवं खड़ंजा के निर्माण पर भी जोर है.
अपनी परिसंपत्तियों जैसे दुकान, तालाब का पट्टा, बाजार आदि से धन अर्जित करने वाली ग्राम पंचायतें परफार्मेंस ग्रांट हासिल करने की पात्र होती हैं. केंद्र सरकार की ओर से 14वें वित्त के तहत यह ग्रांट मुहैया करायी जाती है.
Posted by : Thakur Shaktilochan Shandilya
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