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राजस्थान की गहलोत सरकार को मायावती ने दी काम करने की सलाह, बीजेपी सरकार को इस बात पर समर्थन

Updated at : 11 Aug 2020 3:47 PM (IST)
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राजस्थान की गहलोत सरकार को मायावती ने दी काम करने की सलाह, बीजेपी सरकार को इस बात पर समर्थन

राजस्थान में जारी सियासी घमासान थमता दिख रहा है. नाराज सचिन पायलट की सम्मानजनक घर वापसी का रास्ता लगभग तैयार हो चुका है. इसी बीच बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने मंगलवार को बड़ा बयान दिया. साथ ही गहलोत सरकार को नसीहत देने से भी नहीं चूकीं. समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक मायावती ने कहा कि ‘अब राजस्थान सरकार का संकट टल गया है. अब सरकार को कोरोना को नियंत्रित करने पर ध्यान देना चाहिए.’

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राजस्थान में जारी सियासी घमासान थमता दिख रहा है. नाराज सचिन पायलट की सम्मानजनक घर वापसी का रास्ता लगभग तैयार हो चुका है. इसी बीच बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने मंगलवार को बड़ा बयान दिया. साथ ही गहलोत सरकार को नसीहत देने से भी नहीं चूकीं. समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक मायावती ने कहा कि ‘अब राजस्थान सरकार का संकट टल गया है. अब सरकार को कोरोना को नियंत्रित करने पर ध्यान देना चाहिए.’

मायावती ने जिक्र किया कि राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत और कांग्रेस नेता सचिन पायलट के बीच खींचतान समाप्त होती दिख रही है. हालांकि, यह दोबारा कब शुरू हो जाए इस पर कुछ भी नहीं कहा जा सकता है. इस खींचतान के कारण राजस्थान की जनता के लिए किए जा रहे कामों पर असर पड़ा है. अब राजस्थान की गहलोत सरकार को पूरा ध्यान विकास पर केंद्रित करना चाहिए जिससे कि कोरोना के मुश्किल दौर में जनता को राहत मिल सके.

बड़ी बात यह रही कि बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने मीडिया रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए कहा कि उन्हें पता चला है कि बीजेपी भगवान परशुराम की एक विशाल प्रतिमा स्थापित करना चाहती है. अगर ऐसा होता है तो बहुजन समाज पार्टी इस फैसले के साथ खड़ी होगी. बीजेपी की सरकार को ऐसा करने में जरा भी देर नहीं करनी चाहिए. मायावती ने कहा कि भगवान परशुराम की विशाल प्रतिमा को जल्द से जल्द पूरा किया जाना चाहिए.

दरअसल, राजस्थान के पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट की राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से मुलाकात के बाद प्रदेश में 31 दिनों से जारी सियासी घमासान खत्म होता दिख रहा है. सचिन पायलट ने भी आलाकमान से मुलाकात के बाद साफ कर दिया कि उनका कांग्रेस से कोई बैर नहीं है. उन्हें किसी भी पद की लालसा नहीं है. वहीं, मायवती ने गहलोत सरकार को सलाह दी. साथ ही यह भी कहा कि अशोक गहलोत ने दो बार हमारे साथ दगा करके हमारे विधायकों को अपनी पार्टी में शामिल किया है. इस बार हम गहलोत सरकार को छोड़ेंगे नहीं.

Posted By: Abhishek.

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