Budget 2023 Reactions: जानें बजट को लेकर क्या बोले नेता, किसी ने बताया पहले जैसा तो कोई बोला झूठी उम्मीदें

वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए आम बजट पेश कर दिया गया है, जिसे लेकर अब विपक्षी दलों के नेताओं ने अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दी है. सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने कहा कि, 'किसान, मज़दूर, युवा, महिला, नौकरीपेशा, व्यापारी वर्ग में इससे आशा नहीं.' जबकि मायावती ने इसे झूठी उम्मीदें देने वाला बताया है.
Lucknow News: केंद्र सरकार के वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए आम बजट एक फरवरी यानी आज पेश कर दिया है. वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने कई बड़े ऐलान के साथ, 7 लाख रुपए तक की सालाना आय को टैक्स फ्री कर दिया है. इस बीच उत्तर प्रदेश में विपक्षी दलों के नेताओं ने बजट को लेकर अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दी है. आम बजट को लेकर सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने कहा कि, ‘किसान, मज़दूर, युवा, महिला, नौकरीपेशा, व्यापारी वर्ग में इससे आशा नहीं, जबकि बसपा सुप्रीमो मायावती ने इस वर्ष के बजट को झूठी उम्मीदें देने वाला बताया है.
उत्तर प्रदेश के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने ट्वीट कर बजट के दौरान ही बीजेपी सरकार पर निशाना साधना शुरू कर दिया है. उन्होंने ट्वीट कर लिखा, ‘भाजपा अपने बजट का दशक पूरा कर रही है पर जब जनता को पहले कुछ न दिया तो अब क्या देगी. भाजपाई बजट महंगाई व बेरोज़गारी को और बढ़ाता है. किसान, मज़दूर, युवा, महिला, नौकरीपेशा, व्यापारी वर्ग में इससे आशा नहीं निराशा बढ़ती है, क्योंकि ये चंद बड़े लोगों को ही लाभ पहुंचाने के लिए बनता है.
वहीं सपा सांसद और अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव ने आम बजट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए इसे चुनावी बजट बताया है. उन्होने कहा कि ‘बजट में किसानों के लिए कुछ नहीं है. किसानों की एमएसपी की बात नहीं की है. रेलवे को पूरी तरह नज़रअंदाज़ किया गया है. आधी से ज्यादा आबादी गांव में बसती है लेकिन उनके लिए कुछ नहीं किया है. ये बहुत ही निराशाजनक बजट है.’
बसपा सुप्रीमो और उत्तर प्रदेश की पूर्व सीएम मायावती ने बजट को लेकर ट्वीट कर लिखा, ‘देश में पहले की तरह पिछले 9 वर्षों में भी केन्द्र सरकार के बजट आते-जाते रहे जिसमें घोषणाओं, वादों, दावों व उम्मीदों की बरसात की जाती रही, किन्तु वे सब बेमानी हो गए जब भारत का मिडिल क्लास महंगाई, गरीबी व बेरोजगारी आदि की मार के कारण लोवर मिडिल क्लास बन गया, अति-दुखद.
मायावती ने आगे लिखा, इस वर्ष का बजट भी कोई ज्यादा अलग नहीं. पिछले साल की कमियां कोई सरकार नहीं बताती और नए वादों की फिर से झड़ी लगा देती है, जबकि जमीनी हकीकत में 100 करोड़ से अधिक जनता का जीवन वैसे ही दाव पर लगा रहता है, जैसे पहले था. लोग उम्मीदों के सहारे जीते हैं, लेकिन झूठी उम्मीदें क्यों?
वहीं दूसरी ओर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बजट का स्वागत किया है. उन्होंने ट्वीट कर लिखा, ‘मैं आजादी के अमृत काल में प्रस्तुत ‘विकसित भारत’ के संकल्प को पूर्ण करते सर्वसमावेशी और लोक-कल्याणकारी केंद्रीय बजट 2023-24 का स्वागत करता हूं. आदरणीय प्रधानमंत्री जी एवं मा. केंद्रीय वित्त मंत्री जी का हार्दिक अभिनंदन!’
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि, वर्तमान केंद्रीय बजट गांव, गरीब, किसान, नौजवान व महिलाओं समेत समाज के हर वर्ग की आशाओं और राष्ट्र के समग्र उत्थान की अपेक्षाओं को पूरा करने वाला है। निःसंदेह, यह बजट भारत को आर्थिक महाशक्ति बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
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By Sohit Kumar
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