यूपी विधानसभा से CRPC संशोधन बिल पास, महिलाओं के खिलाफ अपराध में अब नहीं मिलेगी अग्रिम जमानत

Updated at : 24 Sep 2022 6:39 AM (IST)
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यूपी विधानसभा से CRPC संशोधन बिल पास, महिलाओं के खिलाफ अपराध में अब नहीं मिलेगी अग्रिम जमानत

ये विधेयक 22 सितंबर को यूपी विधानसभा में पेश किया गया था जब विधानसभा में महिलाओं को समर्पित विशेष दिन तय कर सदन में महिला सशक्तिकरण के मुद्दे पर चर्चा हो रही थी. जानकारी के अनुसार इस बिल में संशोधन के बाद महिलाओं के खिलाफ गंभीर अपराध जैसे रेप, गैंगरेप, यौन दुराचार के आरोपी को अग्रिम जमानत न मिले.

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CRPC Amendment Bill Passed In UP: उत्तर प्रदेश सरकार ने महिलाओं के खिलाफ हो रहे अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए 23 सितंबर यानी आज एक ऐतिहासिक बिल पास कर दिया है. योगी सरकार ने महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों को रोकने के लिए बड़ा कदम उठाया है.

क्या होगा बदलाव?

यूपी में अब महिलाओं के खिलाफ गंभीर अपराध के मामलों में आरोपियों को अब अग्रिम जमानत नहीं मिलेगी. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर ये विधेयक 22 सितंबर को यूपी विधानसभा में पेश किया गया था जब विधानसभा में महिलाओं को समर्पित विशेष दिन तय कर सदन में महिला सशक्तिकरण के मुद्दे पर चर्चा हो रही थी. जानकारी के अनुसार इस बिल में संशोधन के बाद ये प्रावधान होगा कि महिलाओं के खिलाफ गंभीर अपराध जैसे रेप, गैंगरेप, यौन दुराचार के आरोपी को अग्रिम जमानत न मिले.

सरकार ने दिया ‘संदेश’

बता दें कि एक संदेश देने के लिए कि योगी सरकार महिलाओं के खिलाफ हो रहे अपराधों को लेकर काफी सख्त है. इसी कड़ी में गुरुवार 22 सितंबर को राज्य सरकार ने विधानसभा में दंड प्रक्रिया संहिता (उत्तर प्रदेश संशोधन) विधेयक 2022 पेश किया था. बिल पास होने के बाद यह कानून बन गया. इसके बाद महिलाओं के खिलाफ हुए गंभीर अपराधों पर अग्रिम जमानत के प्रावधान खत्म हो गए. गुरुवार को सदन में महिला विधायकों का विशेष सत्र आहूत किया गया था. इसमें सबसे ज्यादा गंभीर मसला महिला अपराधों को लेकर ही पेश किया गया था.

किन अपराधों पर होगा सीधा प्रभाव?

हालांकि, इस कानून को लागू करने पर अभी केंद्र सरकार की मुहर लगना अनिवार्य है क्योंकि इसके लिए गृह मंत्रालय की मंजूरी जरूरी है. इस संशोधन विधेयक में code of criminal procedure की धारा 438 में बदलाव के साथ ही POCSO एक्ट और 376, 376-A, 376 -AB, 376 -B, 376-C, 376-D,376-DA, 376-DBए 386-E की धाराओं में आरोपी को अग्रिम जमानत (anticipatory bail) नहीं मिल सकेगी. न सिर्फ रे और गैंगरेप बल्कि यौन अपराध, बदसलूकी और यौन अपशब्द के मामलों में भी अग्रिम जमानत नहीं मिल सकेगी.

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