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UP: बेस‍िक शिक्षकों को कैशलेस बीमा सुव‍िधा देने में फाइनेंशियल बिड अंतिम चरण में, कब खत्‍म होगा इंतजार?

Updated at : 10 Jul 2022 1:46 PM (IST)
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UP: बेस‍िक शिक्षकों को कैशलेस बीमा सुव‍िधा देने में फाइनेंशियल बिड अंतिम चरण में, कब खत्‍म होगा इंतजार?

राज्‍य सरकार की तरफ से पर‍िषद के प्राथमिक व उच्‍च प्राथमिक शिक्षकों को पांच लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज कराने की सुविधा दिये जाने का प्रस्‍ताव है. इस लाभकारी योजना में संव‍िदा पर तैनात अनुदेशकों व शिक्षामित्रों को भी शामिल करने का ऐलान किया गया है. यह योजना अनिवार्य नहीं बल्‍क‍ि ऐच्‍छ‍िक होगी.

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Lucknow News: राज्‍य सरकार की ओर से बेस‍िक शिक्षकों को कैशलेस बीमा का लाभ दिये जाने की घोषणा के बावजूद अभी इन शिक्षकों को इंतजार करना पड़ेगा. इसके पीछे तर्क दिये जा रहे हैं कि पर‍िषद की तरफ से अभी तक शिक्षकों का बीमा कराने के लिए संबंध‍ित कंपनी को चिन्‍हित नहीं किया गया है. जबक‍ि राज्‍य सरकार के 100 दिन की योजना में शिक्षकों का बीमा भी शामिल था. बेस‍िक शिक्षकों की यह काफी लंबे समय से चली आ रही मांग है. कोरोना संक्रमण के दौर में यह मुद्दा उठा था. यही नहीं कुछ शिक्षकों ने हाईकोर्ट में याच‍िका दाख‍िल करके कैशलेस इलाज व बीमा सुविधा देने की मांग भी की थी.

योजना अनिवार्य नहीं बल्‍क‍ि ऐच्‍छ‍िक

राज्‍य सरकार की तरफ से पर‍िषद के प्राथमिक व उच्‍च प्राथमिक शिक्षकों को पांच लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज कराने की सुविधा दिये जाने का प्रस्‍ताव है. इस लाभकारी योजना में संव‍िदा पर तैनात अनुदेशकों व शिक्षामित्रों को भी शामिल करने का ऐलान किया गया है. यह भी बताया गया था कि यह योजना अनिवार्य नहीं बल्‍क‍ि ऐच्‍छ‍िक होगी. इसका प्रीमियम शिक्षकों व शिक्षामित्रों को अपने वेतन या मानदेय से भरना होगा.

कोरोना काल में उठी थी मांग

इस संबंध में अध‍िकार‍ियों का कहना है कि कैशलेस बीमा के लिए फाइनेंशियल बिड अंतिम चरण में है लेकिन अभी तक इस पर अंतिम निर्णय नहीं हो सका है. बेस‍िक शिक्षकों की यह काफी लंबे समय से चली आ रही मांग है. कोरोना संक्रमण के दौर में यह मुद्दा उठा था. यही नहीं कुछ शिक्षकों ने हाईकोर्ट में याच‍िका दाख‍िल करके कैशलेस इलाज व बीमा सुविधा देने की मांग भी की थी. अब ऐसे में शिक्षकों में रोष व्‍याप्‍त है. वे इस बात को समझ नहीं पा रहे हैं कि उनकी इस बेस‍िक जरूरत को पूरा करने में संबंध‍ित अध‍िकार‍ियों की ओर से देरी या लापरवाही क्‍यों की जा रही है? वे यही जानना चाहते हैं कि इस योजना का लाभ उन्‍हें कबसे मिलना शुरू होगा?

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