ePaper

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने डीएम और एसडीएम को निजी भूमि संपत्ति के विवादों से दूर रहने के दिए निर्देश

Updated at : 06 Jul 2022 7:57 AM (IST)
विज्ञापन
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने डीएम और एसडीएम को निजी भूमि संपत्ति के विवादों से दूर रहने के दिए निर्देश

इलाहाबाद HC ने यह भी कहा कि ये प्रशासनिक अफसर सरकार के आदेशों का भी अनुपालन नहीं कर रहे हैं और मनमाना आदेश पारित कर रहे हैं. कोर्ट ने मामले में डीएम मथुरा को याची के प्रत्यावेदन पर तीन हफ्ते में विचार कर निर्णय लेने का निर्देश दिया. यह भी निर्देश‍ित किया है कि याची का प्रत्यावेदन सही पाया जाता है तो

विज्ञापन

Allahabad High Court: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने निजी भूमि संबंधी विवादों के मामले में एक गंभीर ट‍िप्‍पणी की है. कोर्ट ने डीएम और एसडीएम को निजी भूमि संपत्ति के विवादों में कोई भी दखल न देने के आदेश दिये हैं. इस संबंध में कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार के प्रमुख सचिव को मामले को देखने का निर्देश देते हुये कहा है कि वह इस संबंध में सुधार के लिए आवश्‍यक कदम उठायें.

मनमाना आदेश पारित कर रहे…

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि ये प्रशासनिक अफसर सरकार के आदेशों का भी अनुपालन नहीं कर रहे हैं और मनमाना आदेश पारित कर रहे हैं. कोर्ट ने मामले में डीएम मथुरा को याची के प्रत्यावेदन पर तीन हफ्ते में विचार कर निर्णय लेने का निर्देश दिया है. साथ ही, यह भी निर्देश‍ित किया है कि याची का प्रत्यावेदन सही पाया जाता है तो उसके मामले में प्रशासनिक और पुलिस प्रशासन की ओर से कोई दखल नहीं दिया जाए. कोर्ट ने कहा कि आदेश की कॉपी प्रमुख सचिव को भेज दी जाए. यह आदेश न्यायमूर्ति सुनीता अग्रवाल और न्यायमूर्ति विक्रम डी. चौहान ने मथुरा की कंस्ट्रक्शन कंपनी श्री एनर्जी डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड की याचिका को निस्तारित करते हुए दिया.

मथुरा सदर एसडीएम से शिकायत की

इस मामले में याची के अधिवक्ता ने कहा कि याची की ओर से तीन प्लॉट क्रय करके मथुरा वृंदावन प्राधिकरण से नक्शे की स्वीकृति मिलने के बाद आवासीय प्रोजेक्ट का निर्माण कराया जा रहा था. कुछ लोगों ने मथुरा सदर एसडीएम से शिकायत की. इस पर एसडीएम सदर ने निर्माण कार्य पर रोक लगा दी. हालांकि, याची ने भूमि क्रय की थी और नगर निगम तथा विकास प्राधिकरण की मंजूरी ले ली थी. एसडीएम को निषेधाज्ञा पारित करने का कोई अधिकार नहीं है. याची ने डीएम के समक्ष प्रत्यावेदन दिया. मगर कोई सुनवाई नहीं हुई. हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान पाया कि इस तरह की शिकायतें लगातार आ रही हैं. इसके बाद कोर्ट ने एसडीएम और डीएम को दखल न देने का आदेश देते हुए प्रमुख सचिव से इस मामले में सुधारात्मक कार्रवाई करने का आदेश दिया है.

विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola