Gift For Farmers : राजस्थान सरकार ने महिला किसानों को दिया गिफ्ट

Published by : Amitabh Kumar Updated At : 24 Jul 2025 12:29 PM

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CM Bhajan Lal Sharma

Gift For Farmers : राजस्थान की यह योजना केवल सामान्य वेलफेयर स्कीम नहीं है, बल्कि इसमें क्रॉप प्लानिंग, डिजिटल ट्रैकिंग और स्थानीय स्तर पर पहुंच जैसी व्यवस्थाएं हैं ताकि बीज किट्स सीधे असली महिला किसानों तक पहुंच सकें, न कि बिचौलियों तक.

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Gift For Farmers : राजस्थान सरकार ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में महिला केंद्रित कृषि सुधार को बढ़ावा देते हुए सिर्फ 18 महीनों में महिला किसानों को 50.87 लाख से अधिक मुफ्त बीज मिनीकिट वितरित किए हैं. यह संख्या पिछली कांग्रेस सरकार के दौरान समान अवधि में वितरित 12.87 लाख किट्स की तुलना में कई गुना अधिक है. इस वितरण अभियान में बाड़मेर, बांसवाड़ा, करौली और जैसलमेर जैसे ग्रामीण और जनजातीय जिलों को शामिल किया गया है. सरकार इसे महिला कृषकों को सशक्त बनाने की दिशा में लक्षित प्रयास के रूप में पेश कर रही है, क्योंकि राज्य की 35% से ज़्यादा कृषि कार्यबल महिलाएं हैं.

योजना सिर्फ सामान्य वेलफेयर स्कीम नहीं

अधिकारियों के अनुसार, यह योजना सिर्फ सामान्य वेलफेयर स्कीम नहीं है. इसमें क्रॉप प्लानिंग सपोर्ट, डिजिटल ट्रैकिंग और लोकल लेवल आउटरीच जैसी व्यवस्थाएं जोड़ी गई हैं ताकि बीज किट्स सीधे असली महिला किसानों तक पहुंच सकें, न कि किसी बिचौलिए के हाथों में जाएं. इसका मकसद महिलाओं को दालें, तिलहन और सब्ज़ियों की हाई-यील्ड वैरायटी की ओर ट्रांज़िशन में मदद करना है, जिससे खेत की उत्पादकता और परिवार की आय दोनों बढ़ सके.

वहीं, कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार, पिछली कांग्रेस सरकार ने पूरे पाँच साल के कार्यकाल में सिर्फ 85 लाख किट्स ही वितरित किए, और उसमें भी जेंडर-टार्गेटिंग पर ज़्यादा फोकस नहीं था. सरकारी सूत्रों ने कहा, “यह मुख्यमंत्री की व्यापक ग्रामीण सशक्तिकरण रणनीति का हिस्सा है, जहाँ महिलाओं को सिर्फ लाभार्थी नहीं बल्कि एग्रीकल्चर में चेंजमेकर के रूप में देखा जा रहा है.”

योजना को जमीनी स्तर पर सकारात्मक रिस्पॉन्स मिला

इस योजना को जमीनी स्तर पर सकारात्मक रिस्पॉन्स मिला है. बांसवाड़ा की एक महिला किसान, लक्ष्मी देवी ने कहा, “हर सीज़न में अच्छे बीज लेना संभव नहीं था. लेकिन अब फ्री किट से मैंने इस साल मूंग बोई है और अच्छा उत्पादन मिलने की उम्मीद है.” यह बीज मिनीकिट अभियान आगामी बोआई सीजन में भी जारी रहेगा, जहां सरकार जेंडर-इन्क्लूसिव दृष्टिकोण के साथ अपनी कृषि पहुंच को और आगे बढ़ाने पर फोकस कर रही है.

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लेखक के बारे में

By Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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