Cobra: कोबरा के एक बार काटने से निकलता है 7 मिलीलीटर जहर, स्नेक मैन को ऐसा बनाया अपना शिकार

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Cobra: कोबरा के एक बार काटने से निकलता है 7 मिलीलीटर जहर, स्नेक मैन को ऐसा बनाया अपना शिकार

स्नेक मैन को कोबरा पकड़ने के लिए बुलाया गया, तो उन्होंने आराम से उसे अपने कब्जे में कर भी लिया, लेकिन जैसे ही कोबरा को विनोद अपने बैग में डाल रहे थे, कोबरा ने उनके हाथ को काट लिया. कुछ ही देर में स्नेक मैन के नाम से मशहूर विनोद की मौत हो गयी.

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राजस्थान के चुरू के रहने वाले एक स्नेक मैन को किंग कोबरा पकड़ना भारी पड़ गया. स्नेक मैन के नाम से मशहूर विनोद तिवाड़ी को रेस्क्यू के दौरान कोबरा ने डंस लिया, जिसके बाद उनकी मौत हो गयी. विनोद तिवाड़ी के बारे में बताया जाता है कि वो पिछले 20 साल से सांप पकड़ने का काम कर रहे थे, लेकिन उन्हें कोबरा को रेस्क्यू करते समय एक छोटी से गलती करना भारी पड़ गया और उन्हें जान से हाथ धोना पड़ा. विनोद तिवाड़ी की मौत के बाद लोग कोबरा के बारे में सर्च कर रहे हैं. तो आइये हम यहां आपको कोबरा के बारे में जानकारी देते हैं.

20 साल से सांप पकड़ने का काम कर रहे थे स्नेक मैन विननोद तिवाड़ी, कोबरा ने ऐसे बनाया शिकार

राजस्थान के चुरू के रहने वाले विनोद तिवाड़ी के बारे में बताया जा रहा है कि पिछले 20 साल से वो सांप पकड़ने का काम रहे थे. उन्हें कोबरा पकड़ने के लिए बुलाया गया, तो उन्होंने आराम से उसे अपने कब्जे में कर भी लिया, लेकिन जैसे ही कोबरा को विनोद अपने बैग में डाल रहे थे, कोबरा ने उनके हाथ को काट लिया. कुछ ही देर में स्नेक मैन के नाम से मशहूर विनोद की मौत हो गयी. अपने जीवन में उन्होंने कई सांपों की जिंदगी भी बचायी थी, लेकिन सांप की वजह से ही उनकी मौत भी हुई.

कोबरा के एक बार काटने से निकलता है 7 मिलीलीटर जहर

कहा जाता है किंग कोबरा भारत का सबसे जहरीला सांप होता है. किंग कोबरा में बड़ी विष ग्रंथियां होती हैं, जिससे वो भारी मात्रा में जहर पैदा करता है. बताया जाता है कि कोबरा तीन से चार बार किसी को काटता है और प्रत्येक बार काटने से 7 मिलीलीटर जहर निकलता है.

कोबरा है दुनिया का सबसे लंबा विषधर सांप

कोहरा को दुनिया का सबसे लंबा विषधर सांप माना जाता है. इसकी लंबाई औसतन 5.6 मीटर तक होता है. सांपों की यह प्रजाति दक्षिणपूर्व एशिया एवं भारत के कुछ भागों में खूब पायी जाती है. कोबरा में सिनेप्टिक न्यूरोटॉक्सिन और कार्डिओटोक्सिन नामक घातक जहर में शक्तिशाली न्यूरोटॉक्सिन जहर पाया जाता है.

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अरबिंद कुमार मिश्रा

लेखक के बारे में

By अरबिंद कुमार मिश्रा

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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