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भाजपा ने शुरू किया डैमेज कंट्रोल, नाराज पूर्व सांसदों के साथ जातीय वोट बैंक को भी साधने का प्रयास

Updated at : 16 Mar 2024 10:31 PM (IST)
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Lok Sabha Election 2024

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चुनाव आचार संहिता लागू होने से ठीक पहले राजस्थान की भाजपा सरकार ने नाराज चल रहे पूर्व सांसद सीआर चौधरी व जसवंत विश्नोई सहित 7 नेताओं को आयोग और बोर्ड में अध्यक्ष बना दिया है.

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जयपुर, वीरेंद्र आर्य : राजस्थान में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने नाराज नेताओं को मनाकर भितरघात के खतरे से निपटने के प्रयास शुरू कर दिए हैं. चुनाव आचार संहिता लागू होने से ठीक पहले राजस्थान की भाजपा सरकार ने नाराज चल रहे पूर्व सांसद सीआर चौधरी व जसवंत विश्नोई सहित 7 नेताओं को आयोग और बोर्ड में अध्यक्ष बना दिया है.

कई समाज को साधने के लिए भाजपा ने उठाया ये कदम

नेताओं की नाराजगी दूर करने के साथ जाट, राजपूत, विश्नोई, गुर्जर, एससी, मूल ओबीसी समाज को भी साधने का प्रयास किया है. इसके अलावा, पूर्व सांसद करण सिंह यादव व पूर्व विधायकों सहित 18 से अधिक कांग्रेस नेताओं और आरएलपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष व पूर्व विधायक पुखराज गर्ग सहित अन्य पार्टियों से 17 नेता भी भाजपा में शामिल हुए.

आयोग व बोर्डों में अध्यक्षों की हुई नियुक्ति

भारतीय जनता पार्टी ने उन आयोग व बोर्डों में अध्यक्ष पदों पर नियुक्तियां कर दीं हैं, जो वोट बैंक के लिहाज से भी बड़े वर्ग को प्रभावित करता है. राजनीतिक रूप से अहम माने जाने वाले किसान आयोग, देवनारायण बोर्ड, एससी वित्त निगम, सैनिक कल्याण समिति शामिल हैं. इन्हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा देने के आदेश अलग से जारी किए जाएंगे.

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नाराज सीआर चौधरी को मनाने के लिए की राजनीतिक नियुक्ति

नागौर से ज्योति मिर्धा को प्रत्याशी बनाने के बाद इसी सीट से पूर्व सांसद सीआर चौधरी नाराज चल रहे थे. उन्हें राजनीतिक नियुक्ति देकर प्रदेश के बड़े वोट बैंक के लिहाज से जाट समाज को भी साधने का प्रयास किया गया है. सैनिक कल्याण समिति में पूर्व विधायक प्रेम सिंह बाजौर को नियुक्ति देकर राजपूत समाज को संतुष्ट करने की कोशिश की है.

मारवाड़ विश्नोई समाज को भी साधने की भाजपा ने की कोशिश

इधर, भाजपा ने मारवाड़ में विश्नोई समाज को साधने और पूर्व सांसद जसवंत विश्नोई की नाराजगी दूर करने के लिए उन्हें जीव जंतु कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष पद पर नियुक्ति दी है. उन्होंने कुछ दिन पहले सोशल मीडिया पर पोस्ट के जरिए नाराजगी जाहिर की थी.

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सोशल मीडिया पोस्ट में विश्नोई ने जताई थी नाराजगी

जोधपुर से पूर्व सांसद जसवंत विश्नोई नाराज चल रहे थे. उन्होंने पिछले दिनों सोशल मीडिया पोस्ट करके इशारों में नाराजगी जाहिर की थी. पश्चिमी राजस्थान में प्रभावशाली विश्नोई समाज से आने वाले जसवंत विश्नोई को राजनीतिक नियुक्ति देकर सियासी मैसेज देने के साथ उनकी नाराजगी दूर करने का प्रयास किया गया है. एससी वित्त विकास निगम के जरिए दलित वोटर्स और माटी कला बोर्ड एवं विश्वकर्मा कौशल विकास बोर्ड के जरिए मूल ओबीसी को खुश करने की कोशिश की है.

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Mithilesh Jha

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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