Odisha New Chief Minister: कौन हैं मोहन माझी? सरपंच से ओडिशा के मुख्यमंत्री तक का सफर

Mohan Manjhi to be next Odisha CM
Odisha New Chief Minister : भाजपा के आदिवासी नेता मोहन चरण माझी ने ओडिशा के 15वें मुख्यमंत्री के रूप में बुधवार 12 जून को शपथ ली. उन्होंने लगभग तीन दशक पहले एक गांव के सरपंच के रूप में अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की थी.
Odisha New Chief Minister : आदिवासी बहुल और खनिज समृद्ध क्योंझर जिले के रायकला गांव से ताल्लुक रखने वाले एक चौकीदार के बेटे माझी (52) चार बार – वर्ष 2000, 2004, 2019 और 2024 – ओडिशा विधानसभा के लिए चुने गए हैं.
स्नातक पास हैं मोहन माझी
स्नातक की डिग्री प्राप्त माझी वर्ष 1997-2000 तक गांव के प्रधान रहे. वर्ष 2000 में क्योंझर से विधायक चुने जाने से पहले माझी भाजपा के आदिवासी मोर्चा के सचिव भी थे.
बीजद की मीना माझी को हराकर क्योंझर सीट बरकरार रखी
हालिया विधानसभा चुनाव में मोहन माझी ने बीजद की मीना माझी को हराकर क्योंझर सीट बरकरार रखी. पिछली ओडिशा विधानसभा में वह विपक्ष के मुख्य सचेतक थे और कई अहम मुद्दों पर बीजद सरकार के खिलाफ मुखर रहे थे.
जगन्नाथ के आशीर्वाद से भाजपा ने ओडिशा में बहुमत हासिल किया
मुख्यमंत्री बनने के बाद अपनी पहली प्रतिक्रिया में माझी ने कहा, भगवान जगन्नाथ के आशीर्वाद से, भाजपा ने ओडिशा में बहुमत हासिल किया और राज्य में सरकार बनाने जा रही है. मैं राज्य के 4.5 करोड़ लोगों को धन्यवाद देना चाहता हूं जिन्होंने बदलाव के लिए वोट दिया. माझी ने कहा कि भाजपा ओडिशा के लोगों के भरोसे का सम्मान करेगी.
बीजेपी ने विधानसभा चुनाव में 78 सीटों पर दर्ज की जीत
बीजेपी ने 147 सदस्यीय ओडिशा विधानसभा में 78 सीटें हासिल कर ऐतिहासिक जीत दर्ज की। नयी सरकार बुधवार को यहां जनता मैदान में शपथ लेगी.
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लेखक के बारे में
By अरबिंद कुमार मिश्रा
अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.
झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.
करियर का सफरनामा
अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.
प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग
खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:
34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.
पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.
पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.
शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)
UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.
बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.
एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.
लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.
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