Sambalpur News: हिडिसिंंह सिंचाई प्रोजेक्ट के लिए जनसुनवाई का विस्थापित होने वाले परिवारों ने किया विरोध, जमीन नहीं खाली करने की चेतावनी दी

लोगों को समझाते विधायक प्रतापचंद्र प्रधान. | Prabhat Khabar Network
संबलपुर के हिडिसिंह सिंचाई प्रोजेक्ट के लिए हुई जनसुनवाई में विस्थापित परिवारों ने जमीन खाली करने से इनकार कर दिया है। जानें क्या है पूरा मामला।
Sambalpur News: अनुगूल जिले के अनुगूल ब्लॉक में बहुप्रतीक्षित हिडिसिंह सिंचाई प्रोजेक्ट को लेकर बुधवार को जनसुनवाई की गयी. यह प्रोजेक्ट करतापटा के करडासिंह में प्रस्तावित है. एडीएम उदय महापात्रा की मौजूदगी में राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के रीजनल ऑफिसर रमेश कुमार ने जनसुनवाई की.
विधायक ने उचित मुआवजा दिलाने का दिया आश्वासनहिडिसिंह व करडासिंह गांव से विस्थापित होनेवाले ग्रामीणों ने इस सुनवाई का विरोध किया. उनका तर्क था कि वे परियोजना से सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे. उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर उनका पुनर्वास नहीं किया गया, तो वे अपनी जमीन नहीं छोड़ेंगे.
राज्य सरकार का प्रतिनिधित्व कर रहे स्थानीय विधायक प्रताप चंद्र प्रधान ने कहा कि प्रभावित लोगों को उचित मुआवजा सुनिश्चित करने का प्रयास किया जायेगा. इधर, प्रोजेक्ट को लेकर बंताला के ग्रामीणों ने खुशी जतायी है. इस परियोजना से उन्हें सबसे अधिक लाभ होने की उम्मीद है. इस प्रोजेक्ट के बनने से उन्हें बारिश का इंतजार नहीं करना पड़ेगा. इस प्रोजेक्ट से खरीफ सीजन में कुल 2366 हेक्टेयर और रबी सीजन में 740 हेक्टेयर कृषि जमीन की सिंचाई हो सकेगी. खेती बढ़ने से इस प्रोजेक्ट से इलाके की सामाजिक और आर्थिक हालत बेहतर होने की उम्मीद है.
437.3830 हेक्टेयर जमीन पर बनेगा 933 मीटर लंबा और 32.5 मीटर ऊंचा बांधहिडिसिंह सिंचाई प्रोजेक्ट ब्लॉक करतापटा में करडासिंह के पास एक नहर पर बनाया जायेगा. यह बांध 933 मीटर लंबा और 32.5 मीटर ऊंचा होगा. इसके लिए 437.3830 हेक्टेयर जमीन की जरूरत होगी.
इसमें 87.520 हेक्टेयर जंगल और 349.810 हेक्टेयर नॉन-फॉरेस्ट जमीन शामिल है. माना जा रहा है कि इस जमीन में अनुगूल-टिकरपाड़ा स्टेट हाइवे का एक दूसरा रास्ता भी शामिल होगा. बांध के लिए आवश्यक कुल 87.520 हेक्टेयर वन भूमि में से 38.619 हेक्टेयर आरक्षित वन और प्रस्तावित वन भूमि, 7.449 हेक्टेयर राजस्व वन, 19.55 हेक्टेयर नील वन और 21.902 हेक्टेयर निजी वन भूमि शामिल है. दूसरी ओर कुल 349 में से 810 हेक्टेयर गैर-वन भूमि, 287.579 हेक्टेयर निजी गैर-वन भूमि और 62.23 हेक्टेयर सरकारी गैर-वन भूमि उपलब्ध है. हिडिसिंह परियोजना की अनुमानित लागत 245 करोड़ 49 लाख रुपये है. गौरतलब है कि बंताला क्षेत्र के किसान 40 साल से अधिक समय से इस परियोजना का इंतजार कर रहे हैं.
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