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Rourkela News : तीन वर्षों में 600 महिला किसानों को किया जायेगा प्रशिक्षित

11 Oct, 2025 10:53 pm
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Rourkela News : तीन वर्षों में 600 महिला किसानों को किया जायेगा प्रशिक्षित

42.83 लाख रुपये की यह परियोजना महिला किसानों के विकास और कौशल विकास के लिए आय सृजन और आजीविका के क्षेत्र में आरएसपी की सीएसआर पहल के अंतर्गत आती है.

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Rourkela News :

राउरकेला इस्पात संयंत्र (आरएसपी) ने सीएसआर पहल के तहत कृषि और महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देने की दिशा में कदम उठाया है. इसके लिए राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआइटी), राउरकेला के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये हैं. इस समझौता ज्ञापन पर सेल, राउरकेला इस्पात संयंत्र की ओर से मुख्य महाप्रबंधक (नगर सेवाएं एवं सीएसआर), टीजी कानेकर और एनआइटी राउरकेला की ओर से डीन (एसआरआइसीसीई) प्रो स्वदेश कुमार प्रतिहार ने हस्ताक्षर किए. मौके पर महाप्रबंधक प्रभारी (सीएसआर) मुनमुन मित्रा, महाप्रबंधक (सीएसआर) विभबासु मलिक, एनआइटी राउरकेला के प्रो आरसी प्रधान और प्रो डी सेठ तथा सीएसआर विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित थे. इस अवसर पर कानेकर ने कहा कि एनआइटी राउरकेला के साथ सहयोग जमीनी स्तर की कृषि पद्धतियों में वैज्ञानिक विशेषज्ञता और नवाचार लायेगा, जिससे महिला किसानों के लिए आजीविका के अवसर बढ़ेंगे. 42.83 लाख रुपये की यह परियोजना महिला किसानों के विकास और कौशल विकास के लिए आय सृजन और आजीविका के क्षेत्र में आरएसपी की सीएसआर पहल के अंतर्गत आती है. इसका उद्देश्य राउरकेला के पार्श्वांचल गांवों में स्थायी और नवीन जैविक कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देकर महिला किसानों को सशक्त बनाना है. इस परियोजना के तहत तीन वर्षों की अवधि में 600 महिला किसानों को प्रशिक्षित किया जाएगा. इस कार्यक्रम में व्यावहारिक प्रशिक्षण, अनुसंधान और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण शामिल होगा, जो टिकाऊ कृषि तकनीकों जैसे कि जैविक खाद (वर्मी कम्पोस्ट), जैव- उर्वरक और जैव-कीटनाशक बनाना, फसल विविधीकरण, बीज परीक्षण और उपचार और घर के पीछे में रसोइशाला वाटिका (किचन गार्डन) के विकास पर केंद्रित होगा. इस परियोजना में लाभार्थियों के उपयोग के लिए पार्श्वंचल विकास संस्थान में एक मिट्टी परीक्षण प्रयोगशाला का विस्तार और विकास भी शामिल है. इस पहल का उद्देश्य जैविक खेती में वैज्ञानिक हस्तक्षेप और अनुसंधान एवं विकास को एकीकृत करना और कृषि अपशिष्ट को मूल्यवान आदानों में बदलने की अवधारणा को बढ़ावा देना है – जिससे वास्तव में ‘अपशिष्ट से धनार्जन’ में परिवर्तन हो.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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SUNIL KUMAR JSR

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