ePaper

Rourkela News : सुंदरगढ़ जिले में जुएल के कद के नेतृत्व की तलाश में भाजपा, चर्चा में कई नाम

11 Aug, 2025 12:37 am
विज्ञापन
Rourkela News : सुंदरगढ़ जिले में जुएल के कद के नेतृत्व की तलाश में भाजपा, चर्चा में कई नाम

जुएल ओराम ने सुंदरगढ़ लाेकसभा चुनाव में 1999, 2000, 2004, 2014, 2019 व 2024 में जीत हासिल की है.

विज्ञापन

Rourkela News : केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री सह सुंदरगढ़ सांसद जुएल ओराम विगत ढाइ दशक से सुंदरगढ़ जिले में भाजपा का नेतृत्व करते आ रहे हैं. चुनाव के दौरान टिकट वितरण को लेकर भी उनकी ही चलती रही है. लेकिन अब उन्होंने राजनीति से ब्रेक लेने का फैसला लिया है. विगत दिनों मीडिया में इसकी वे घोषणा भी कर चुके हैं. अब सवाल उठ रहा है कि उनके बाद सुंदरगढ़ जिले में भाजपा का नेतृत्व करने की जिम्मेदारी किसे मिलेगी. खासकर सुंदरगढ़ लाेकसभा का सीट आदिवासी उम्मीदवार के लिए आरक्षित होने के कारण जुएल के स्थान पर किस आदिवासी नेता को उनकी विरासत सौंपी जायेगी, इसे लेकर कयास लगाने का दौर शुरू हो गया है. जुएल ओराम ने सुंदरगढ़ लाेकसभा चुनाव में 1999, 2000, 2004, 2014, 2019 व 2024 में जीत हासिल की है. हालांकि 2009 में उन्हें कांग्रेस के प्रत्याशी दिवंगत हेमानंद बिस्वाल से हार का सामना करना पड़ा था. इसके अलावा वे केंद्र में 2014, 1999 को छोड़कर अन्य लोकसभा चुनाव में जीत के बाद मंत्री भी बने थे तथा वर्तमान भी केंंद्र में मंत्री हैं. जिससे उनके कद का नेता ढूंढ़ने के लिए भाजपा के शीर्षस्थ नेताओं को बहुत ज्यादा मंथन करना पड़ेगा. वैसे राजनीतिक जानकारों के अनुसार जुएल का स्थान लेने के लिए जिन नेताओं का नाम चर्चा में है, उनमें विधानसभा के उपाध्यक्ष व तलसरा विधायक भवानीशंकर भोई, राउरकेला सांगठनिक जिला अध्यक्ष पूर्णिमा केरकेट्टा, राजगांगपुर के भाजपा नेता नरसिंह मिंज, सुंदरगढ़ की महिला नेता कुसुम टेटे तथा बिरमित्रपुर के पूर्व विधायक शंकर ओराम का नाम शामिल हैं. फिलहाल भवानी भोई विधानसभा उपाध्यक्ष को क्षेत्र में पकड़ मजबूत बनाने के लिए पर्याप्त अवसर है. वे जिले के सभी विधानसभा सीटों का दौरा कर आगामी आम चुनाव से पूर्व अपनी पैठ मजबूत कर सकते हैं. वहीं अन्य सभी नेताओं में शंकर ओराम को दो-दो बार विधानसभा चुनाव जीतने, कुसुम टेटे को एक बार विधानसभा चुनाव जीतने का अनुभव है. जबकि नरसिंह मिंज दो बार तथा पूर्णिमा केरकेट्टा एक बार विधानसभा चुनाव लड़कर हार का सामना कर चुकी हैं. साथ ही सभी नेता अपने-अपने क्षेत्र तक ही सीमित हैं. जबकि जुएल का स्थान लेने के लिए भाजपा को ऐसा नेता चाहिए जो कि पूरे जिले में भाजपा के लिए सर्वमान्य है, वैसी सूरत में भवानी भोई के पास अपनी छवि को और मजबूत करने का पर्याप्त अवसर है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
SUNIL KUMAR JSR

लेखक के बारे में

By SUNIL KUMAR JSR

SUNIL KUMAR JSR is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola

अपने पसंदीदा शहर चुनें

ऐप पर पढ़ें