एम्स भुवनेश्वर में राष्ट्रीय वर्कशॉप, ब्रेकियल प्लेक्सस इंजरी के लिए उन्नत सेकेंडरी सर्जिकल प्रक्रियाओं पर हुई चर्चा
राष्ट्रीय कार्यशाला का उद्घाटन करते अतिथि.
एम्स भुवनेश्वर के बर्न्स एवं प्लास्टिक सर्जरी विभाग ने अपनी स्थापना के 10 साल पूरे किए, जिसमें 1500 से अधिक जले मरीजों का सफल उपचार हुआ है। इस दौरान 7000 से अधिक रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी भी की गईं. भविष्य में स्किन बैंक और टिश्यू ट्रांसप्लांटेशन यूनिट शुरू करने की योजना है.
भुवनेश्वर : एम्स भुवनेश्वर के बर्न्स एवं प्लास्टिक सर्जरी विभाग ने अपनी स्थापना के 10 वर्ष पूरे होने के अवसर राष्ट्रीय स्तर के सीएमइ कार्यक्रम और लाइव सर्जिकल वर्कशॉप का आयोजन किया. कार्यक्रम का विषय ‘ब्रेकियल प्लेक्सस इंजरी में सेकेंडरी प्रोसीजर’ था. दो दिवसीय अकादमिक कार्यक्रम विभाग की एक दशक लंबी यात्रा में क्लिनिकल सेवाओं, सर्जिकल नवाचार, प्रशिक्षण और अकादमिक उत्कृष्टता की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में आयोजित किया गया. इसमें देशभर से 100 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया.
लाइव सर्जिकल डेमो, पोस्टर प्रस्तुतियां और क्विज का आयोजन
वर्षगांठ समारोह में पुरी लोकसभा सांसद डॉ संबित पात्रा और एम्स भुवनेश्वर के पूर्व निदेशक पद्मश्री प्रो (डॉ) अशोक कुमार महापात्र मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए. कार्यक्रम का आयोजन एम्स भुवनेश्वर के बर्न्स एवं प्लास्टिक सर्जरी विभाग के प्रमुख डॉ संजय कुमार गिरि के मार्गदर्शन में किया गया. इस अवसर पर डॉ दिलीप कुमार परिडा, डॉ मानसविनी मंगराज, मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ प्रभास रंजन त्रिपाठी, डीडीए लेफ्टिनेंट कर्नल अभिजीत सरकार, डॉ प्रवीण भारद्वाज, डॉ आर श्रीकांत और डॉ विनायक मिश्रा सहित कई विशेषज्ञ एवं अधिकारी उपस्थित रहे. वैज्ञानिक कार्यक्रम में विशेषज्ञ व्याख्यान, लाइव सर्जिकल डेमो, वीडियो डेमो, पोस्टर प्रस्तुतियां और क्विज का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में ब्रेकियल प्लेक्सस इंजरी, यानी कंधे और ऊपरी अंगों की नसों से जुड़ी गंभीर चोटों के लिए उन्नत सेकेंडरी सर्जिकल प्रक्रियाओं पर विशेष चर्चा हुई. इन प्रक्रियाओं का उद्देश्य चोट के बाद कंधे, कोहनी, कलाई और हाथ की कार्यक्षमता को बहाल करना है. कार्यक्रम के माध्यम से देशभर के विशेषज्ञों और प्रतिभागियों को नवीनतम सर्जिकल तकनीकों, उपचार पद्धतियों और व्यावहारिक अनुभवों से अवगत कराया गया.
1500 से अधिक जले मरीजों का किया सफल उपचार
एम्स भुवनेश्वर में 36 बिस्तरों वाला अत्याधुनिक बर्न सेंटर पूरी तरह से जले हुए मरीजों के उपचार के लिए समर्पित है. इसे पूर्वी भारत की उन्नत बर्न केयर इकाइयों में से एक बताया गया है. सेंटर में गंभीर रूप से जले मरीजों के लिए एक्यूट बर्न केयर, रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी और पुनर्वास सहित व्यापक उपचार सुविधाएं उपलब्ध हैं. पिछले एक दशक में सेंटर ने 1,500 से अधिक जले हुए मरीजों का सफलतापूर्वक उपचार किया है. इनमें ओडिशा और पड़ोसी राज्यों से आये गंभीर तथा जटिल मामले भी शामिल हैं. अन्य स्वास्थ्य संस्थानों से रेफर मरीजों को सेंटर की ओर से स्किन एलोग्राफ्ट सहायता भी उपलब्ध करायी गयी है. विभाग की 10 वर्षों की उपलब्धियों में 7,000 से अधिक रिकंस्ट्रक्टिव और करेक्टिव सर्जरी शामिल हैं. इनमें 500 से अधिक माइक्रोसर्जरी, 300 ब्रेकियल प्लेक्सस इंजरी रिकंस्ट्रक्शन, 300 जन्मजात विसंगतियों की सर्जरी, 200 स्माइल ट्रेन क्लेफ्ट लिप एवं पैलेट सर्जरी, 250 से अधिक आरबीएसके मामलों तथा करीब 3,000 ट्रॉमा मामलों का उपचार शामिल है. एम्स भुवनेश्वर के कार्यकारी निदेशक डॉ आशुतोष विश्वास ने विभाग के एक दशक पूरे होने पर पूरी टीम और इससे जुड़े सभी लोगों को बधाई दी. उन्होंने बर्न सेंटर के योगदान की सराहना करते हुए विश्वास जताया कि विभाग आने वाले वर्षों में चिकित्सा सेवा और अनुसंधान के क्षेत्र में नयी उपलब्धियां हासिल करेगा.
स्किन बैंक और टिश्यू ट्रांसप्लांटेशन यूनिट पर हो रहा काम
विभाग ने भविष्य की योजनाओं के बारे में बताया कि जल्द ही स्किन बैंक और टिश्यू ट्रांसप्लांटेशन यूनिट शुरू करने की दिशा में काम किया जा रहा है. इसके अलावा विशेष सब-स्पेशियलिटी क्लीनिक स्थापित करने, सिमुलेशन आधारित सर्जिकल ट्रेनिंग को मजबूत करने, हाइपरबेरिक ऑक्सीजन थेरेपी का विस्तार करने और हैंड ट्रांसप्लांटेशन सेवा शुरू करने की भी योजना है. विभाग का प्रमुख लक्ष्य बर्न सेंटर को बर्न केयर के क्षेत्र में ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ के रूप में विकसित करना है, जहां उन्नत उपचार, शोध, नवाचार, पुनर्वास और सर्जिकल प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान दिया जायेगा.
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