ePaper

Rourkela News: झगरपुर में 12 घंटे की आर्थिक नाकेबंदी से एसएच-10 ठप, फंसे रहे हजारों वाहन

Updated at : 19 Jan 2026 11:10 PM (IST)
विज्ञापन
Rourkela News: झगरपुर में 12 घंटे की आर्थिक नाकेबंदी से एसएच-10 ठप, फंसे रहे हजारों वाहन

Rourkela News: डीसीबीएल के लिए जमीन अधिग्रहण के विरोध में आदिवासियों ने झगरपुर में 12 घंटे की आर्थिक नाकेबंदी कर प्रदर्शन किया.

विज्ञापन

Rourkela News: फोरम फॉर ग्राम सभा कमेटी की ओर से आहूत राज्य राजपथ-10 पर झगरपुर के निकट सड़क अवरोध आंदोलन सोमवार सुबह छह बजे से प्रारंभ हो गया और 12 घंटे तक चला. सुबह से ही बड़ी संख्या में महिला-पुरुष झगड़पुर चौक पर पहुंचे तथा राज्य राजमार्ग को दोनों ओर जाम कर दिया. देखते ही देखते सड़क के दोनों ओर सैकड़ों की संख्या में दो पहिया, चार पहिया तथा बड़े वाहन जाम में फंस गये.

मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन बड़ा करने की चेतावनी दी

आंदोलनकरियों ने एंबुलेंस तथा स्कूल बस को छोड़ अन्य किसी भी वाहन को जाने नहीं दिया. फोरम के अध्यक्ष बीबल टोप्पो तथा संयोजक विनय भूषण बारला के नेतृत्व में इस आंदोलन में अल्बर्ट किंडो, बेनेडिक्ट तिर्की सहित जिला के अनेक निर्वाचित प्रतिनिधियों ने उपस्थित रहकर फोरम की मांगों का समर्थन किया तथा मांग पूरी नहीं होने की सूरत में आंदोलन को और बड़ा करने की चेतावनी दी.

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष भी पहुंचे आंदोलन में

जिला के दौरे पर पहुंचे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भक्त चरण दास अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ करीब 12:30 बजे आंदोलन स्थल पर पहुंचे. उन्होंने आंदोलन को समर्थन जताया. उनके साथ ओडिशा प्रभारी अजय कुमार लल्लू, पूर्व विधायक संतोष सिंह सलूजा, राजगांगपुर विधायक सीएस राजन एक्का, जिलाध्यक्ष आदि उपस्थित थे. सबने आंदोलन का समर्थन जताते हुए भाजपा की डबल इंजन सरकार पर निशाना साधा. साथ ही कंपनी द्वारा अधिग्रहित जमीन को तत्काल वापस करने की मांग की.

जमीन पर जबरन कब्जा का आरोप

आंदोलनकारियों का आरोप है कि सुंदरगढ़ जिला प्रशासन और सीमेंट कंपनी डीसीबीएल (ओसीएल) ने कुतरा तहसील और राजगांगपुर तहसील के अंतर्गत आने वाले बिहाबंद और खेरामुता में आदिवासियों की जमीनों पर जबरन कब्जा किया गया है. 13 दिसंबर 2025 की सुबह करीब 4:00 बजे लगभग 3000 पुलिसकर्मियों को तैनात कर बुलडोजर की सहायता से फसलों को नष्ट करने, जमीन खोदने और जमीन को खेती के लिए अनुपयुक्त बनाने का आरोप लगाते हुए जमीन को पिछली स्थिति में लाने तथा आदिवासियों के नाम पर भूमि स्वामित्व अधिकार (आरओआर) बहाल करने की मांग की जा रही है.

शाम छह बजे शुरू हुआ वाहनों का परिचालन

शाम छह बजे आंदोलन समाप्त किया गया, जिसके बाद राज्य राजपथ पर पूरे जिले भर के हजारों की संख्या में फंसे वाहनों को जाने दिया गया. ट्रैफिक व्यवस्था सामान्य होने में कई घंटे लगे. दो तथा चार चक्का वाहन चालकों ने घोघड़ रोड होते हुए लाइंग के रास्ते आना-जाना किया. सड़क संकुचित होने के कारण 10 मिनट के रास्ते में एक-एक घंटा तक लग रहा था.

प्रशासन ने नहीं की रोकने की कोशिश

प्रशासन की ओर से आंदोलनकरियों के साथ किसी प्रकार का विरोध नहीं जताया गया था, ना हीं किसी ने आंदोलनकरियों से कोई बातचीत करने की कोशिश ही की. पुलिस प्रशासन ने ट्रैफिक व्यवस्था पर अपना सारा ध्यान केंद्रित किया. जिले में कई जगहों पर भारी वाहनों को रोका गया. साथ ही राजगांगपुर से लाइंग के बीच छोटे वाहनों को घोघड़ के रास्ते जाने की जानकारी दी जा रही थी. उप जिलापाल तेजस्विनी बेहेरा, एसडीपीओ विभूति भूषण भोई, डीएसपी निर्मल कुमार महपात्रा, राजगांगपुर तहसीलदार जगबंधु मल्लिक, राजगांगपुर थाना प्रभारी विजय कुमार दास सहित अनेक प्रशासनिक तथा पुलिस अधिकारी आंदोलन स्थल पर उपस्थित रहकर स्थिति पर नजर बनाए हुए थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
BIPIN KUMAR YADAV

लेखक के बारे में

By BIPIN KUMAR YADAV

BIPIN KUMAR YADAV is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola