Sambalpur News : दुबई में रहने वाले ओडिया समुदाय ने अपनी मातृभूमि की खुशबू बिखेरी

Updated at : 02 Sep 2025 11:14 PM (IST)
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Sambalpur News : दुबई में रहने वाले ओडिया समुदाय ने अपनी मातृभूमि की खुशबू बिखेरी

‘एक संयुक्त अरब अमीरात, एक नुआखाई’ के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाते हुए इस वार्षिक उत्सव में 700 से अधिक अतिथि एकत्रित हुए,

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Sambalpur News : पश्चिमी ओडिशा का लोकप्रिय नुआखाई भेंटघाट का 11वां संस्करण दुबई क्रेडेंस हाई स्कूल, दुबई में आयोजित हुआ. संयुक्त अरब अमीरात में रहने वाले ओडिया समुदाय के लोगों ने 31 अगस्त को अपनी मातृभूमि की खुशबू बिखेरते हुए यह जश्न मनाया. ‘एक संयुक्त अरब अमीरात, एक नुआखाई’ के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाते हुए इस वार्षिक उत्सव में 700 से अधिक अतिथि एकत्रित हुए, जो भारत के बाहर (कई वर्षों से) सबसे बड़ा नुआखाई समारोह साबित हुआ. महोत्सव में विशिष्ट अतिथि – भारतीय व्यापार एवं व्यावसायिक परिषद (आईबीपीसी) (दुबई चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री-डीसीसीआई के अंतर्गत एकमात्र भारतीय व्यापार संघ) के अध्यक्ष सिद्धार्थ बालचंद्रन और उद्योगपति बू अब्दुल्ला समूह के अध्यक्ष, अमीराती डॉ बू अब्दुल्ला ने संयुक्त अरब अमीरात और भारत के बीच सांस्कृतिक संबंधों को दर्शाया. पश्चिमी ओडिशा से आये विशेष अतिथियों ने महोत्सव को और गरिमा प्रदान की. बलांगीर की कलाकार जगलेनी रथ (गायिका, एंकर, अभिनेत्री, नृत्यांगना) और झारसुगुड़ा की संबलपुरी गायिका प्रथी कुंभार ने अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया. हास्य कलाकार पप्पू पाम पाम ने अपनी मजाकिया बातों से सभी को हंसाया और कुछ गाने भी गाये. स्थानीय प्रतिभाओं ने भी मंच पर अपनी उपस्थिति से समां बांध दिया – बच्चों और महिलाओं ने पारंपरिक संबलपुरी नृत्य और हाटकम प्रस्तुत किया, जिसका समापन एक शानदार संबलपुरी फैशन शो के साथ हुआ. संबलपुरी परिधानों में सजे 700 से ज़्यादा प्रतिभागियों ने पश्चिमी ओडिशा की लय और उत्साह के साथ नृत्य किया. प्रामाणिकता का स्पर्श जोड़ते हुए, मां समलेश्वरी की एक विशेष आरती की गयी, जहां सोनपुर से विशेष रूप से लाये गये नुआ धान पहले देवी को अर्पित किये गये और फिर दर्शकों में वितरित किये गये. भारत के बाहर पहली बार, सामुदायिक भोजन तैयार करने के लिए ओडिशा के एक प्रसिद्ध रसोइये को बुलाया गया था. बरगढ़ के प्रसिद्ध रसोइये आनंद पुजाहारी नुआखाई में शामिल हुए. खासी भुज्जा कासा और करदी-मिर्चा चुचुटा जैसे पारंपरिक व्यंजनों ने ओडिया समुदाय को घर जैसा स्वाद दिया. 11वें संस्करण के अवसर पर एक विशेष कैलेंडर लॉन्च किया गया, जिसमें ओडिशा के प्रसिद्ध मंदिरों को प्रदर्शित किया गया और यूएई में नुआखाई की स्थायी परंपरा का सम्मान किया गया.

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