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सिंधिया ने कहा, कांग्रेस नेता कुर्सी के लिये छटपटा रहे हैं, जनता की सेवा से कोई लेना-देना नहीं

Updated at : 17 Aug 2020 7:12 PM (IST)
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सिंधिया ने कहा, कांग्रेस नेता कुर्सी के लिये छटपटा रहे हैं, जनता की सेवा से कोई लेना-देना नहीं

मध्य प्रदेश में कमलनाथ की अगुवाई वाली पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सोमवार को आरोप लगाया कि राज्य के कांग्रेस नेता कुर्सी के लिये छटपटा रहे हैं और उन्हें जनता की सेवा से कोई लेना-देना नहीं है.

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इंदौर : मध्य प्रदेश में कमलनाथ की अगुवाई वाली पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सोमवार को आरोप लगाया कि राज्य के कांग्रेस नेता कुर्सी के लिये छटपटा रहे हैं और उन्हें जनता की सेवा से कोई लेना-देना नहीं है.

कांग्रेस का दामन छोड़कर पांच महीने पहले भाजपा में शामिल होने वाले सिंधिया ने यहां संवाददाताओं से कहा, “चूंकि राज्य में कांग्रेस की कुर्सी (सत्ता) चली गयी है . इसलिये कांग्रेस के नेता छटपटा रहे हैं. वे चाहते हैं कि उन्हें किसी भी तरह कुर्सी वापस मिल जाये. उन्हें जनता की सेवा और उससे किये वादे पूरे करने से कोई सरोकार नहीं है.”

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने यह बयान उस सवाल पर दिया जिसके जरिये कमलनाथ के इस दावे पर प्रतिक्रिया मांगी गयी थी कि राज्य के आगामी उपचुनावों में कांग्रेस फिर से सत्ता में आने जा रही है. सिंधिया ने कहा, “हमें विश्वास है कि जनता भाजपा के साथ है और ऐसे लोगों (कांग्रेस नेताओं) को आने वाले दिनों में जनता की अदालत में कड़ा जवाब मिलेगा.”

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उन्होंने पूर्ववर्ती कमलनाथ सरकार को “भ्रष्टाचारी”, “अत्याचारी” और “दोगली” बताते हुए कहा, “हमें कुर्सी की फिक्र कभी नहीं रही. यही कारण है कि छह काबीना मंत्रियों समेत 22 जन प्रतिनिधियों ने तत्कालीन राज्य सरकार के विरुद्ध सत्य की राह पकड़ने में एक क्षण भी नहीं लिया.”

गौरतलब है कि सिंधिया की सरपरस्ती में कांग्रेस के 22 बागी विधायकों के त्यागपत्र देकर भाजपा में शामिल होने के कारण तत्कालीन कमलनाथ सरकार अल्पमत में आ गयी थी. इस कारण कमलनाथ को 20 मार्च को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था. इसके बाद शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में भाजपा 23 मार्च को राज्य की सत्ता में लौट आयी थी.

सिंधिया ने कहा, “मुझे इस बात का गर्व है कि मैंने अपनी दादी (विजयाराजे सिंधिया) और पिता (माधवराव सिंधिया) की तरह परिवार की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए जनता के लिये सत्य का झंडा उठाया है.” सिंधिया के दल-बदल के बाद कांग्रेस उन पर निजी हमले कर रही है. इस बारे में किये गये सवाल पर 49 वर्षीय राज्यसभा सांसद ने कहा, “मेरे लिये अंतरात्मा की आवाज और जनता के प्रश्नों के उत्तर देना सबसे महत्वपूर्ण है, न कि पूर्व मुख्यमंत्री (कमलनाथ) और अन्य कांग्रेस नेताओं के प्रश्नों के उत्तर देना.”

उन्होंने आरोप लगाया, “(कमलनाथ नीत) कांग्रेस सरकार ने सूबे में अपने केवल 15 महीने के कार्यकाल के दौरान भ्रष्टाचार और वादाखिलाफी के इतने कीर्तिमान स्थापित कर दिये, जितने कीर्तिमान मैंने अपने 20 साल के सार्वजनिक जीवन में नहीं देखे हैं.”

सिंधिया ने राज्य में कोविड-19 के प्रकोप के लिये पूर्ववर्ती कमलनाथ सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा, “तत्कालीन मुख्यमंत्री (कमलनाथ) ने क्या कोविड-19 की रोकथाम के लिये एक बैठक तक रखी थी?” उन्होंने दावा किया कि शिवराज सिंह चौहान के मुख्यमंत्री बनने के बाद फिलहाल राज्य में इस महामारी की स्थिति “पूरी तरह नियंत्रण में” है.

Posted By – Pankaj Kumar Pathak

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