पश्चिमी सिंहभूम में सरना स्थल की पवित्रता पर हमला, वर्षों पुराने पेड़ों की हुई कटाई, ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी

Published by : Sameer Oraon Updated At : 05 Feb 2026 8:50 PM

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काटे गये पेड़, Pic Credit- Prabhat Khabar

West Singhbhum News: पश्चिमी सिंहभूम के नोवामुंडी स्थित आईकुटी गांव में पवित्र सरना स्थल पर अवैध रूप से पेड़ों की कटाई का मामला आया है. ग्रामीणों ने इसे जनजातीय आस्था पर हमला बताते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है. जानें ग्रामीणों की क्या मांग है.

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West Singhbhum News, पश्चिमी सिंहभूम : पश्चिमी सिंहभूम अंतर्गत आने वाला नोवामुंडी प्रखंड के आईकुटी गांव स्थित जनजातीय समाज के पवित्र सरना स्थल (देशाउली) में अवैध रूप से पेड़ों की कटाई का मामला सामने आया है. जिसके बाद से गांव में भारी आक्रोश है. ग्रामीणों का आरोप है कि ग्रामसभा की अनुमति और प्रशासन की जानकारी के बिना बाहरी लोगों द्वारा भारी मशीनों से वर्षों पुराने पेड़ों की कटाई कर दी गयी.

पेड़ों को काटकर ट्रैक्टर- ट्रॉली के माध्यम से भेजा गया गांव के बाहर

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सरना स्थल में लगे बड़े-बड़े पेड़ों को दिनदहाड़े काटकर ट्रैक्टर-ट्रॉली के माध्यम से गांव के बाहर भेजा गया. ग्रामीणों का कहना है कि यह कार्रवाई सुनियोजित और पूरी तरह गैरकानूनी थी. हैरानी की बात यह है कि इतने बड़े पैमाने पर कटाई के बावजूद किसी भी स्तर पर प्रशासनिक हस्तक्षेप नहीं हुआ.

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ग्रामीण बोले- जनजातीय समाज की आस्था का केंद्र है सरना स्थल

ग्रामीणों ने बताया कि सरना स्थल जनजातीय समाज का धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक आस्था का केंद्र है, जहां प्रकृति की पूजा की जाती है. ऐसे पवित्र स्थल को नुकसान पहुंचाना केवल पर्यावरण को क्षति नहीं, बल्कि जनजातीय समाज की अस्मिता और आस्था पर सीधा हमला है.

आंदोलन की दी चेतावनी

घटना को लेकर ग्रामीणों में गहरा रोष है. उन्होंने दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई, अवैध कटाई में इस्तेमाल की गई मशीनों की जब्ती और सरना स्थल को हुई क्षति की भरपाई की मांग की है. ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द न्याय नहीं मिला तो वे आंदोलन के लिए मजबूर होंगे. इस संबंध में वन, पर्यावरण एवं संस्कृति समिति, नोवामुंडी के सचिव हरि चरण शांडिल ने मामले की जानकारी देते हुए कहा कि सरना स्थल की सुरक्षा और संरक्षण को लेकर प्रशासन को गंभीरता दिखानी होगी, अन्यथा जनजातीय समाज इसे बर्दाश्त नहीं करेगा.

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समीर उरांव, डिजिटल मीडिया में सीनियर जर्नलिस्ट हैं और वर्तमान में प्रभात खबर.कॉम में सीनियर कटेंट राइटर के पद पर हैं. झारखंड, लाइफ स्टाइल और स्पोर्ट्स जगत की खबरों के अनुभवी लेखक समीर को न्यूज वर्ल्ड में 5 साल से ज्यादा का वर्क एक्सपीरियंस है. वह खबरों की नब्ज पकड़कर आसान शब्दों में रीडर्स तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं. साल 2019 में बतौर भारतीय जनसंचार संस्थान से पत्रकारिता करने के बाद उन्होंने हिंदी खबर चैनल में बतौर इंटर्न अपना करियर शुरू किया. इसके बाद समीर ने डेली हंट से होते हुए प्रभात खबर जा पहुंचे. जहां उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग और वैल्यू ऐडेड आर्टिकल्स लिखे, जो रीडर्स के लिए उपयोगी है. कई साल के अनुभव से समीर पाठकों की जिज्ञासाओं का ध्यान रखते हुए SEO-ऑप्टिमाइज्ड, डेटा ड्रिवन और मल्टीपल एंगल्स पर रीडर्स फर्स्ट अप्रोच राइटिंग कर रहे हैं.

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