चक्रधरपुर : 13 किमी सड़क बनी मुसीबत, बारिश में कीचड़ और जलजमाव से थमी रफ्तार

बारिश में कीचड़ और जलजमाव से थमी रफ्तार
चक्रधरपुर : 13 किमी सड़क बनी मुसीबत, बारिश में कीचड़ और जलजमाव से थमी रफ्तार
चक्रधरपुर : 13 किमी सड़क बनी मुसीबत, बारिश में कीचड़ और जलजमाव से थमी रफ्तार -- 35 करोड़ की सड़क परियोजना कार्य का रफ्तार हुआ धीमी, डायवर्सन पर फिसलन से बढ़ा हादसे का खतरा प्रतिनिधि, चक्रधरपुर लगातार हो रही बारिश ने चक्रधरपुर प्रखंड के उलीडीह चौक से चैनपुर होते हुए गोपीनाथपुर चौक तक करीब 13 किलोमीटर लंबी सड़क की पोल खोल दी है. सड़क निर्माण कार्य धीमी गति से होने के कारण कई स्थानों पर कीचड़ और जलजमाव की स्थिति बन गई है, जिससे लोगों का आवागमन बेहद मुश्किल हो गया है. विशेषकर दोपहिया वाहन चालकों, स्कूली बच्चों, मरीजों और रोजाना यात्रा करने वाले ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. ग्रामीणों के अनुसार करीब 35 करोड़ रुपये की लागत से सड़क निर्माण कार्य चल रहा है, लेकिन संवेदक द्वारा कई स्थानों पर कलवर्ट और पुलिया निर्माण को लेकर बनाए गए डायवर्सन को अधूरा छोड़ दिया गया है. जहां डायवर्सन का कालीकरण करना है, वहां केवल मिट्टी और मुरूम डालकर छोड़ दिया गया है. लगातार बारिश के कारण ये हिस्से पूरी तरह कीचड़ में तब्दील हो गए हैं.
चार पंचायत को जोड़ने वाली सड़क में कई जगह कलभट पुलिया अधूरा
उलीडीह, ढीपासाई, बोडदा, बाईडीह, चंद्री, पनसुवां, चैनपुर, सहजोडा, डुमरडीहा, महुलपानी, रूगड़ी, गोपीनाथपुर और चारमोड़ गांव समेत चार पंचायतों के हजारों लोगों को रोजाना इस मार्ग से गुजरना पड़ता है. उलीडीह, चैनपुर, डुमरडीहा और सहजोडा के पास बने कई कलवर्ट और पुलिया आज भी अधूरे पड़े हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी हुई है. ग्रामीणों ने विभागीय अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से जल्द निर्माण कार्य पूरा कराने की मांग की है.
चंद्री पंचायत में आरसीसी ड्रेनेज निर्माण की मांग
चंद्री पंचायत स्थित शारदा हाई स्कूल के समीप तालाब का पानी रिसकर आसपास के कच्चे मकानों को नुकसान पहुंचा रहा है. ग्रामीणों ने समस्या के समाधान हेतु स्वर्गीय देवी लाल महतो के घर से ब्लू स्काई स्कूल तक लगभग 1000 फीट आरसीसी ड्रेनेज निर्माण कराने की मांग की है.
ग्रामीणों की प्रतिक्रिया
उलीडीह से गोपीनाथपुर तक सड़क की हालत बारिश में बेहद खराब हो गई है. कीचड़ और जलजमाव के कारण रोजाना आवागमन मुश्किल हो रहा है. निर्माण कार्य की गति बढ़ाकर अधूरे कलवर्ट को जल्द पूरा किया जाना चाहिए.
ग्रामीण दुष्यंत कुमार नापित (चैनपुर) ने कहा कि सड़क पर बने कीचड़ और फिसलन से महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को काफी परेशानी होती है. अस्पताल या बाजार जाने में डर लगता है. प्रशासन और संवेदक को गंभीरता दिखाते हुए जल्द निर्माण कार्य पूरा कराना चाहिए.
ग्राणीण शिव शंकर (बाईडीह) ने कहा कि धीमी गति से सड़क निर्माण होने के कारण बरसात के दिनों में सड़क की बदहाल स्थिति से किसानों को सबसे अधिक परेशानी हो रही है. खेतों से उपज बाजार तक पहुंचाना कठिन हो गया है. अधूरी पुलिया और डायवर्सन दुर्घटना का कारण बन सकते हैं.
ग्रामीण प्रशांत महतो (चंद्री) ने कहा कि स्कूल आने-जाने में काफी दिक्कत होती है. सड़क पर पानी और कीचड़ जमा रहने से कई बार फिसलने की स्थिति बन जाती है. छात्रों की सुरक्षा को देखते हुए सड़क निर्माण कार्य जल्द पूरा होना जरूरी है.
ग्रामीण रवि महतो (चंद्र) ने कहा कि करीब 35 करोड़ की सड़क परियोजना से लोगों को बेहतर सुविधा मिलने की उम्मीद थी, लेकिन धीमी प्रगति से परेशानी बढ़ गई है. ग्रामीण चाहते हैं कि विभाग नियमित निगरानी कर कार्य में तेजी लाए और सड़क कै जल्द से जल्दी पूरा कराए.
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